सुनील शुक्ला की रिपोर्ट
सीतापुर। जिले में हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और प्रेम संबंध से जुड़ा विवाद मुख्य कारण रहा। इस मामले में मुख्य आरोपी एक हिस्ट्रीशीटर निकला, जिसके खिलाफ पहले से हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त अवैध 12 बोर बंदूक, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस भी बरामद किए हैं।
इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और कई टीमों का गठन कर तकनीकी एवं पारंपरिक दोनों स्तरों पर जांच शुरू कर दी गई। तेजी से की गई कार्रवाई के चलते पुलिस ने घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गोली मारकर की गई थी हत्या
पुलिस के अनुसार 4 अगस्त को विजय विक्रम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस घटना से क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ-साथ पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस की भी मदद ली। प्रारंभिक जांच में ही पुलिस को घटना के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका दिखाई देने लगी थी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनीं विशेष टीमें
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने तत्काल कई विशेष टीमों का गठन किया। इनमें स्थानीय थाना पुलिस, सर्विलांस सेल और अन्य अनुभवी पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया।
लगातार की गई छानबीन, मुखबिर तंत्र से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बिनौपुर गोशाला के पास घेराबंदी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि मृतक विजय विक्रम उसकी पुत्री को अपने साथ लेकर चला गया था। इसी घटना के बाद से वह गहरे आक्रोश में था और उसने अपने परिजनों तथा अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर विजय विक्रम की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले से पूरी रणनीति तैयार की। जब उन्हें विजय विक्रम की गतिविधियों की जानकारी मिली तो उसे घेर लिया गया और अवैध 12 बोर बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई गंभीर मुकदमे
जांच के दौरान सामने आया कि इस मामले का मुख्य आरोपी पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जाती है, लेकिन इस मामले में आरोपी ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देने की कोशिश की थी। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते वह अधिक समय तक कानून से बच नहीं सका।
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बदलू, महेश, संजीव उर्फ श्रवण कुमार, उदयन, राम भजन और बृजेश शामिल हैं।
सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या की योजना कब बनाई गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।
हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार और अन्य सामग्री भी बरामद कर ली है। बरामदगी में शामिल हैं—
- 12 बोर की एक अवैध बंदूक
- तीन जिंदा कारतूस
- दो खोखा कारतूस
पुलिस का कहना है कि बरामद हथियार की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे घटना से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों को और मजबूत किया जा सके।
न्यायालय में पेश किए जाएंगे आरोपी
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके बाद न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और यदि विवेचना के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
त्वरित कार्रवाई से बढ़ा लोगों का भरोसा
इस सनसनीखेज हत्या का 24 घंटे के भीतर खुलासा होने से पुलिस की सक्रियता की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि समयबद्ध कार्रवाई से न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हुई, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि व्यक्तिगत रंजिश और हिंसा का रास्ता चुनने वालों को अंततः कानून का सामना करना ही पड़ता है।

























