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नारी सशक्तिकरण की नई मिसाल बनेगा ‘पालन घर’, अमरोहा में 28 जून को होगा भव्य महिला सम्मान समारोह

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

अमरोहा/फरीदाबाद समाज में बदलाव केवल भाषणों और नारों से नहीं आता, बल्कि उन लोगों के निरंतर प्रयासों से आता है जो चुपचाप जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद की रोशनी जलाते हैं। हरियाणा के फरीदाबाद से संचालित पालन घर जनकल्याण ट्रस्ट इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वर्षों से गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद महिलाओं व बच्चों के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। इस ट्रस्ट की प्रमुख समाजसेवी शालिनी मेहता ने महिला स्वावलंबन, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और मानव सेवा के क्षेत्र में जो कार्य किए हैं, वह अब धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

इसी कड़ी में अब पालन घर संगठन उत्तर प्रदेश के अमरोहा में अपने नए सामाजिक अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। आगामी 28 जून 2025 को अमरोहा में एक भव्य महिला सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वावलंबन को केंद्र में रखकर नई योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है।

गरीब और बेसहारा परिवारों के लिए उम्मीद बना ‘पालन घर’

फरीदाबाद स्थित पालन घर जनकल्याण ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से समाज के कमजोर वर्गों के लिए कार्य कर रहा है। संस्था का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों तक सहायता पहुंचाना है जो आर्थिक, सामाजिक या पारिवारिक संकटों से जूझ रहे हैं। संस्था विशेष रूप से गरीब महिलाओं, विधवाओं, बेसहारा बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान करती है।

संस्था की ओर से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण देने, गंभीर परिस्थितियों में सहायता पहुंचाने और सामाजिक जागरूकता फैलाने जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं। समाजसेवी शालिनी मेहता का मानना है कि यदि महिलाओं को आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाया जाए तो पूरा समाज मजबूत हो सकता है।

महिला स्वावलंबन को मिलेगा नया मंच

अमरोहा में प्रस्तावित कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण के एक बड़े अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। संस्था की योजना महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक नेतृत्व से जोड़ने की है।

सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम में महिलाओं को स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक अधिकारों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही उन महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।

शालिनी मेहता का कहना है कि आज भी देश के कई हिस्सों में महिलाएं सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही हैं। ऐसे में उन्हें सही मार्गदर्शन, सहयोग और अवसर प्रदान करना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि “सशक्त नारी ही सशक्त समाज और सशक्त भारत की आधारशिला है।”

कार्यक्रम में उमड़ेगी सामाजिक सरोकारों की झलक

पोस्टर के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य संदेश नारी शक्ति, राष्ट्र शक्ति रखा गया है। आयोजन में महिलाओं को एक मंच पर लाकर उन्हें जागरूक और संगठित करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।

आयोजकों का कहना है कि इस समारोह के माध्यम से समाज में यह संदेश दिया जाएगा कि महिलाओं को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि अवसर और सम्मान की आवश्यकता है। कार्यक्रम में सामाजिक उत्थान, महिला शिक्षा, आत्मनिर्भरता और गरीब बच्चों के भविष्य को लेकर चर्चा की जाएगी।

समाज सेवा को जीवन का उद्देश्य बना चुकी हैं शालिनी मेहता

समाजसेवी शालिनी मेहता लंबे समय से जरूरतमंद लोगों की मदद में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। बताया जाता है कि उन्होंने कई गरीब परिवारों की बेटियों की शिक्षा, जरूरतमंद बच्चों की सहायता और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी उल्लेखनीय प्रयास किए हैं।

उनके नेतृत्व में पालन घर संस्था ने कई सामाजिक अभियानों को जमीन पर उतारने का प्रयास किया है। संस्था का उद्देश्य केवल राहत सामग्री बांटना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के योग्य बनाना है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि संस्था ने कई परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। यही वजह है कि अब संस्था का विस्तार अन्य राज्यों तक करने की योजना बनाई जा रही है।

अमरोहा से शुरू होगा राष्ट्रीय विस्तार अभियान

संस्था से जुड़े लोगों के अनुसार, अमरोहा में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम पालन घर के राष्ट्रीय विस्तार अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों में भी महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण से जुड़े कार्यक्रम चलाने की योजना है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सामाजिक संस्थाएं इसी प्रकार जमीनी स्तर पर काम करती रहीं तो समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक भी सहायता और जागरूकता पहुंचाई जा सकती है। खासकर महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर इस तरह की पहलें सामाजिक बदलाव का आधार बन सकती हैं।

सामाजिक चेतना का संदेश देगा समारोह

कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि यह केवल एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और जागरूकता का अभियान होगा। इसमें महिलाओं को अपने अधिकारों, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के प्रति प्रेरित किया जाएगा।

पोस्टर में भी यह संदेश प्रमुखता से दिया गया है कि—

“नारी है सृजन की आधारशिला,
नारी है शक्ति, नारी है प्रेरणा।
जब नारी होगी सशक्त और स्वावलंबी,
तभी बनेगा देश आत्मनिर्भर और समर्थ।”

यह संदेश कार्यक्रम की मूल भावना को स्पष्ट करता है। समाज के विभिन्न वर्गों में इस आयोजन को लेकर सकारात्मक चर्चा देखी जा रही है।

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