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शाला प्रवेश उत्सव 2026 : नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ भव्य स्वागत

गणवेश, पुस्तकें और प्रोत्साहन सामग्री का वितरण

ब्यूरो रिपोर्ट

मेढ़पार बाजार, बिलासपुर। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत को यादगार बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला, मेढ़पार बाजार में शाला प्रवेश उत्सव 2026 का आयोजन पूरे उत्साह, उमंग और गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, पालकों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही, जिससे आयोजन एक प्रेरणादायी शैक्षणिक उत्सव का रूप ले सका।

माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि जनपद सदस्य श्रीमती कविता महेश यादव की उपस्थिति में माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर की गई। भारतीय संस्कृति के अनुरूप ज्ञान की देवी की आराधना के साथ नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नवप्रवेशी बच्चों का फूल-माला और मिठाई से किया गया स्वागत

शाला प्रवेश उत्सव का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा जब पहली बार विद्यालय आने वाले बालवाड़ी एवं कक्षा पहली के विद्यार्थियों का फूल-माला पहनाकर, मिठाई और चॉकलेट खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। विद्यालय परिवार ने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए विशेष व्यवस्था की थी ताकि उनके मन में विद्यालय के प्रति अपनापन और उत्साह का भाव विकसित हो सके।

विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि प्रवेश के पहले दिन बच्चों का स्नेहपूर्ण स्वागत उन्हें विद्यालय से जोड़ने और नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

छठवीं के विद्यार्थियों को भी मिला सम्मान

केवल प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ही नहीं, बल्कि पूर्व माध्यमिक स्तर पर कक्षा छठवीं में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का भी सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। उन्हें पुष्पमाला पहनाकर मिठाई एवं चॉकलेट दी गई। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र के लिए आवश्यक पाठ्यपुस्तकों का वितरण कर पढ़ाई की औपचारिक शुरुआत कराई गई।

शासन की योजनाओं के तहत गणवेश और पुस्तकों का वितरण

कार्यक्रम के दौरान शासन की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजनाओं के अंतर्गत विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक बाधाएँ कम होंगी और सभी बच्चों को समान अवसर प्राप्त होंगे।

विद्यालय प्रबंधन ने भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पारदर्शिता के साथ पहुँचाया जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और नामांकन दोनों में वृद्धि हो सके।

शिक्षक ने अपने स्तर पर किया प्रेरक सहयोग

कार्यक्रम के दौरान एक सराहनीय पहल भी देखने को मिली। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षक श्री ए.पी.एस. पवार ने व्यक्तिगत स्तर पर कक्षा 6 से 8 तक अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप लाल रंग के मोज़ों का वितरण किया। विद्यार्थियों ने इस उपहार को खुशी के साथ स्वीकार किया।

विद्यालय परिवार ने शिक्षक की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालय के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं।

मुख्य अतिथि ने शिक्षा के महत्व पर दिया जोर

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती कविता महेश यादव ने विद्यार्थियों से नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने तथा मन लगाकर अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही जीवन को नई दिशा देती है और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखती है।

उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और शासन द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए उन्हें प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई योजनाएँ लागू कर रही है, जिनका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है।

शिक्षकों और पालकों की रही सक्रिय भागीदारी

शाला प्रवेश उत्सव में संकुल समन्वयक एवं प्रधान पाठक श्री बिमल कुमार सिवने, शासकीय प्राथमिक शाला की प्रधान पाठिका श्रीमती रश्मि सिंह पवार, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ, पालकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था, स्वागत, सामग्री वितरण तथा अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी सुव्यवस्थित ढंग से निभाई। पालकों ने भी आयोजन की सराहना करते हुए विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की प्रशंसा की।

शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सफल प्रयास

शाला प्रवेश उत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम भी बना। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक बच्चे का विद्यालय से जुड़ना और नियमित शिक्षा प्राप्त करना समाज और राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक है।

विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजन बच्चों में विद्यालय के प्रति आत्मीयता बढ़ाने के साथ-साथ ड्रॉपआउट दर कम करने और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

आभार के साथ कार्यक्रम का समापन

सफल आयोजन के बाद विद्यालय परिवार की ओर से उपस्थित मुख्य अतिथि, शिक्षकों, पालकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सभी के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शाला प्रवेश उत्सव ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा की नई शुरुआत को उत्सव का स्वरूप देकर विद्यालय परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।

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