संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
चित्रकूट। जनपद चित्रकूट के सर्किट हाउस में 23 अगस्त 2026 को पहाड़ी ब्लॉक के ब्लॉक अध्यक्ष जितेन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में पंचायत सहायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत सहायकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और मांगों को लेकर मंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। पंचायत सहायकों ने अपने मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, सेवा व्यवस्था में सुधार और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी कई प्रमुख मांगें उनके सामने रखीं।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि वर्ष 2021 से पंचायत सहायक ग्राम पंचायत स्तर पर शासन की विभिन्न योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें वर्तमान में मात्र 6,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। पंचायत सहायकों के अनुसार मौजूदा महंगाई और दैनिक जीवन की बढ़ती जरूरतों के बीच इतनी कम राशि में परिवार का खर्च चलाना लगातार कठिन होता जा रहा है।
ग्राम पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका
पंचायत सहायकों ने मंत्री के समक्ष कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर शासन और ग्रामीण जनता के बीच समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका लगातार बढ़ी है। सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने से लेकर विभिन्न ऑनलाइन प्रक्रियाओं और पंचायत से जुड़े कार्यों में पंचायत सहायकों की जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में पंचायत सहायक लगातार सक्रिय रहते हैं। डिजिटल व्यवस्था के विस्तार के साथ ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन कार्यों का दायरा भी बढ़ा है। ऐसे में पंचायत सहायकों से अपेक्षाएं बढ़ती गई हैं, लेकिन उनके मानदेय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो सकी है।
पंचायत सहायकों का कहना है कि जिम्मेदारियों और कार्यभार की तुलना में वर्तमान मानदेय बेहद कम है। उनका तर्क है कि जब उनसे लगातार विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं से संबंधित काम कराया जा रहा है तो उनकी आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
मानदेय 18 हजार रुपये से अधिक करने की मांग
जितेन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों को मंत्री के सामने रखा। इनमें सबसे प्रमुख मांग पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये से अधिक किए जाने की रही।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान 6 हजार रुपये का मानदेय मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में पर्याप्त नहीं है। महंगाई, पारिवारिक जिम्मेदारियों और रोजमर्रा की आवश्यकताओं को देखते हुए पंचायत सहायकों को ऐसा मानदेय मिलना चाहिए जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
पंचायत सहायकों ने यह भी कहा कि मानदेय में वृद्धि केवल आर्थिक राहत का विषय नहीं है, बल्कि इससे ग्राम पंचायत स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा और वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत सहायकों की सेवा व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। पंचायत सहायकों की मांग है कि वर्तमान अनुबंध प्रणाली को समाप्त कर उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
उनका कहना है कि लंबे समय से ग्राम पंचायतों में कार्य करने के बावजूद सेवा की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। पंचायत सहायकों ने सरकार से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है जिसमें उनकी सेवाओं को अधिक स्थायी और सुरक्षित स्वरूप मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल ने इस मांग को पंचायत सहायकों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए मंत्री से शासन स्तर पर प्रभावी पहल किए जाने का आग्रह किया।
पंचायत सचिव भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग
पंचायत सहायकों ने पंचायत सचिव की भर्ती प्रक्रिया में भी अपने लिए अवसर सुनिश्चित करने की मांग उठाई। ज्ञापन में पंचायत सचिव भर्ती में पंचायत सहायकों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पंचायत सहायकों को ग्राम पंचायत स्तर पर काम करने का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त है। पंचायत व्यवस्था, ग्रामीण स्तर की योजनाओं और डिजिटल कार्यप्रणाली से जुड़े अनुभव को देखते हुए उन्हें पंचायत सचिव पद की भर्ती में पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
उनका मानना है कि इससे पंचायत सहायकों के अनुभव का उपयोग पंचायत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने में भी किया जा सकता है।
महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने महिला पंचायत सहायकों से जुड़े विषय को भी मंत्री के समक्ष रखा। महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महिला कर्मचारियों को पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ अपने कार्य का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसे में मातृत्व के दौरान उन्हें आवश्यक अवकाश और सेवा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।
पंचायत सहायकों ने सरकार से अपेक्षा जताई कि महिला पंचायत सहायकों की इस मांग को संवेदनशीलता के साथ देखा जाएगा और शासन स्तर पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
मानदेय का भुगतान DBT के माध्यम से करने की मांग
पंचायत सहायकों ने मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नियमित बनाने के लिए DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भुगतान किए जाने की मांग भी रखी।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होगी। पंचायत सहायकों को समय से मानदेय मिलने में भी सुविधा होगी तथा भुगतान व्यवस्था को डिजिटल माध्यम से बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दिया 700 रुपये प्रतिदिन मानदेय का आश्वासन
पंचायत सहायकों की मांगों को सुनने के बाद कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे पंचायत सहायकों के मानदेय से जुड़े इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
मंत्री ने कहा कि पंचायत सहायकों को 700 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिलाए जाने की मांग को लेकर वे मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे और शासन स्तर पर इस मांग को मजबूती से रखेंगे।
मंत्री के इस आश्वासन को पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि सरकार पंचायत सहायकों की आर्थिक स्थिति और उनके कार्यभार को देखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।
आश्वासन के बाद पंचायत सहायकों में खुशी
मंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद पंचायत सहायकों में उत्साह और खुशी का माहौल दिखाई दिया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई जा रही है। ऐसे में यदि 700 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय की व्यवस्था होती है तो इससे पंचायत सहायकों को मौजूदा आर्थिक दबाव से काफी राहत मिल सकती है।
पंचायत सहायकों ने कहा कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं। इसलिए उनकी आर्थिक और सेवा संबंधी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा स्वाभाविक है।
जितेन्द्र त्रिपाठी ने जताया मंत्री का आभार
ब्लॉक अध्यक्ष जितेन्द्र त्रिपाठी ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पंचायत सहायकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मानदेय वृद्धि की मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों को उम्मीद है कि मंत्री के प्रयास से उनकी मानदेय वृद्धि की मांग को शासन स्तर पर मजबूती मिलेगी और जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।
जितेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि पंचायत सहायक ग्रामीण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे ग्राम पंचायतों में सरकार की योजनाओं और डिजिटल सेवाओं से संबंधित जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं। इसलिए उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय तथा बेहतर सेवा सुविधाएं मिलना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मंत्री ओमप्रकाश राजभर हमेशा गरीब, शोषित और वंचित वर्गों की आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं। पंचायत सहायकों को विश्वास है कि उनके प्रयास से मानदेय वृद्धि समेत अन्य मांगों पर भी सरकार के स्तर से सकारात्मक पहल होगी।
अब शासन स्तर पर निर्णय की उम्मीद
पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल और मंत्री के बीच हुई इस मुलाकात के बाद अब सभी की निगाहें शासन स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। पंचायत सहायकों की मांगें केवल मानदेय वृद्धि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें सेवा सुरक्षा, भर्ती में अवसर, महिला कर्मचारियों की सुविधाएं और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
फिलहाल 700 रुपये प्रतिदिन के मानदेय को लेकर मंत्री के आश्वासन ने पंचायत सहायकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। प्रतिनिधिमंडल ने भरोसा जताया है कि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ही ठोस निर्णय लेगी।

























