चलती ट्रेन से गिरा युवक, ऊपर से गुजर गए 13 डिब्बे फिर भी बच गई जान

रिपोर्टर ठाकुर बुख्श सिंह की तस्वीर के साथ रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से गिरने के बाद बचाए गए युवक की घटना को दर्शाती फीचर इमेज।

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चलती ट्रेन से गिरने के बाद भी युवक की जान बचने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दातार सिंह यादव नामक युवक ट्रेन में भारी भीड़ के कारण दरवाजे पर बैठकर सफर कर रहे थे। अचानक संतुलन बिगड़ने से वह प्लेटफॉर्म और पटरियों के बीच गिर गए। उनके ऊपर से ट्रेन के 13 डिब्बे गुजर गए, लेकिन संयोगवश वह सुरक्षित बच गए। जीआरपी कर्मियों ने उन्हें बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। यह घटना रेलवे यात्रियों के लिए सुरक्षा नियमों के पालन की अहम सीख भी देती है।

ठाकुर बुख्श सिंह की रिपोर्ट

रेल यात्रा के दौरान एक छोटी सी लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है, इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला जब एक युवक चलती ट्रेन से फिसलकर रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरा। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद यात्रियों की सांसें थम गईं। लोगों को लगा कि युवक ट्रेन के नीचे आ गया है और उसका बचना लगभग असंभव है। लेकिन किस्मत ने उसका साथ दिया और उसके ऊपर से ट्रेन के 13 डिब्बे गुजर जाने के बावजूद उसकी जान बच गई।

यह चौंकाने वाली घटना उस समय हुई जब दातार सिंह यादव नामक युवक ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि ट्रेन में यात्रियों की संख्या इतनी अधिक थी कि डिब्बे के भीतर खड़े होने तक की जगह नहीं बची थी। मजबूरी में दातार सिंह ट्रेन के दरवाजे के पास बैठकर यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे चलती ट्रेन से नीचे गिर पड़े।

See also  पत्नी की हत्या के बाद बहन को मारी गोली, फिर खुद को भी खत्म किया; तीन मौतों से मचा हड़कंप

अचानक हुई दुर्घटना से यात्रियों में मची चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी। अधिकांश यात्री अपने-अपने स्थान पर बैठे या खड़े थे। इसी बीच एक झटका लगने पर दरवाजे के पास बैठे दातार सिंह का संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि वे खुद को संभाल पाते, वे ट्रेन से नीचे जा गिरे।

जैसे ही यात्रियों ने युवक को गिरते देखा, डिब्बे में हड़कंप मच गया। लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया। स्टेशन पर मौजूद लोगों को भी घटना की जानकारी मिली तो वे मौके की ओर दौड़ पड़े।

प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच फंसने से बची जान

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि युवक सीधे ट्रेन के पहियों के नीचे नहीं आया। वह प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक के बीच मौजूद संकरी जगह में जा गिरा। यही वह कारण था जिसने उसकी जान बचा ली।

ट्रेन अपनी गति से आगे बढ़ती रही और युवक उस स्थान पर पड़ा रहा। देखते ही देखते उसके ऊपर से ट्रेन के 13 डिब्बे गुजर गए। यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी कि युवक जीवित बच पाएगा। लेकिन जब पूरी ट्रेन गुजर गई और युवक की हलचल दिखाई दी तो लोगों ने राहत की सांस ली।

जीआरपी और रेलवे कर्मचारियों ने दिखाई तत्परता

घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे के अन्य कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने पहले स्थिति का जायजा लिया और फिर सावधानीपूर्वक युवक को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की।

See also  चरित्र हनन से टूटा परिवार, न्याय के लिए लड़ाई जारी ; ट्विशा शर्मा मौत मामले में पिता और भाई ने उठाए बड़े सवाल

रेलवे कर्मचारियों और जीआरपी जवानों ने काफी सतर्कता के साथ युवक को प्लेटफॉर्म और पटरियों के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे। सभी की निगाहें बचाव अभियान पर टिकी हुई थीं।

युवक को बाहर निकालने के बाद तुरंत एम्बुलेंस की सहायता से मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया।

घायल युवक ने सुनाई आपबीती

अस्पताल में उपचार के दौरान दातार सिंह यादव ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह भोपाल से अपने घर लौट रहे थे। ट्रेन में इतनी अधिक भीड़ थी कि अंदर जाने की कोई गुंजाइश नहीं थी। मजबूरी में उन्हें दरवाजे के पास बैठना पड़ा।

उन्होंने बताया कि सफर के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर गए। इसके बाद उन्हें कुछ पल के लिए समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। जब ट्रेन के डिब्बे उनके ऊपर से गुजर रहे थे, तब उन्हें अपनी जान जाने का डर सताने लगा था। हालांकि कुछ ही देर बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे प्लेटफॉर्म और ट्रैक के बीच सुरक्षित जगह पर फंसे हुए हैं।

डॉक्टरों ने बताया खतरे से बाहर

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने युवक की विस्तृत जांच की। प्राथमिक जांच में उसके शरीर पर कुछ चोटों के निशान मिले, लेकिन कोई गंभीर आंतरिक चोट सामने नहीं आई।

डॉक्टरों के अनुसार यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि युवक इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी सुरक्षित बच गया। चिकित्सकों ने बताया कि फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। आवश्यक उपचार के बाद उसे निगरानी में रखा गया।

See also  यात्रियों से कथित जबरन वसूली ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

परिजनों को दी गई सूचना

घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने युवक के परिवार को इसकी जानकारी दी। खबर मिलते ही परिजन चिंतित हो गए और अस्पताल पहुंचने की तैयारी करने लगे। हालांकि जब उन्हें बताया गया कि दातार सिंह की हालत खतरे से बाहर है तो परिवार ने राहत की सांस ली।

रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी सीख

यह घटना रेलवे यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है। अक्सर भीड़भाड़ के कारण यात्री दरवाजों पर बैठकर या खड़े होकर सफर करने लगते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। रेलवे प्रशासन समय-समय पर यात्रियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और दरवाजों से दूर रहने की सलाह देता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चलती ट्रेन में दरवाजे पर बैठना या खड़े रहना दुर्घटना को न्योता देने जैसा है। थोड़ी सी असावधानी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

दातार सिंह यादव के साथ हुई यह घटना भले ही सुखद अंत के साथ समाप्त हुई हो, लेकिन यह उन लाखों यात्रियों के लिए एक सबक है जो रोजाना भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में सफर करते हैं। यदि समय रहते सावधानी न बरती जाए तो ऐसे हादसे कभी भी किसी की जिंदगी बदल सकते हैं। इस मामले में युवक का जीवित बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है और यही कारण है कि यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

यायावर
Author: यायावर

यायावर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें