सीएमएस का मेडिकल कॉलेज में औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर दिया जोर
मरीजों को समयबद्ध उपचार और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। महर्षि देवराहा बाबा स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एच.के. मिश्र ने सोमवार को अस्पताल परिसर का औचक निरीक्षण किया। सुबह लगभग 8:30 बजे हुए इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएमएस ने अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं, बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), विभिन्न वार्डों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग, दवा वितरण केंद्र, मरीज पंजीकरण काउंटर तथा अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उपचार की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर
डॉ. एच.के. मिश्र ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि किसी भी चिकित्सा संस्थान की पहचान उसकी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता से होती है। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए और उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाला प्रत्येक मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में चिकित्सकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, समर्पण और पेशेवर दक्षता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि मरीजों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
रोस्टर के अनुसार समय पर ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल में तैनात चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी कर्मचारियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए।
डॉ. मिश्र ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में समय की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी कर्मचारी की अनुपस्थिति या विलंब से मरीजों को असुविधा हो सकती है, इसलिए सभी कर्मचारियों को अपने निर्धारित समय का पूर्ण पालन करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्यूटी में लापरवाही या अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य
अस्पताल में अनुशासन और पेशेवर वातावरण बनाए रखने के लिए सीएमएस ने सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को निर्धारित ड्रेस कोड का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रेस कोड न केवल संस्थान की गरिमा को बढ़ाता है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को संबंधित चिकित्सक या कर्मचारी की पहचान करने में भी सुविधा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाने के लिए सभी कर्मचारियों को निर्धारित मानकों का पालन करना आवश्यक है। इससे मरीजों का विश्वास भी बढ़ता है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है।
मरीजों और तीमारदारों से संवेदनशील व्यवहार करने की अपील
निरीक्षण के दौरान डॉ. मिश्र ने स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों और उनके परिजनों के साथ शालीन, विनम्र और संवेदनशील व्यवहार करने की भी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि बीमारी के समय मरीज और उनके परिजन मानसिक तनाव में होते हैं, ऐसे में अस्पताल कर्मियों का सकारात्मक व्यवहार उन्हें मानसिक राहत प्रदान कर सकता है।
उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि किसी भी मरीज या तीमारदार की समस्या को गंभीरता से सुनें और उसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करें। यदि किसी समस्या का तत्काल समाधान संभव न हो तो संबंधित व्यक्ति को उचित जानकारी देकर संतुष्ट किया जाए।
दवा वितरण और पंजीकरण व्यवस्था का लिया जायजा
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल में संचालित दवा वितरण काउंटर और मरीज पंजीकरण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि मरीजों को आवश्यक दवाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं तथा पंजीकरण प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब तो नहीं हो रहा है।
उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को लंबी कतारों में अधिक समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े और सभी प्रक्रियाओं को सुचारु एवं पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था जितनी सरल और व्यवस्थित होगी, मरीजों को उतनी ही बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।
एमसीएच विंग और वार्डों की व्यवस्थाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग सहित विभिन्न वार्डों की साफ-सफाई, मरीजों की देखभाल और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। डॉ. मिश्र ने वार्डों में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और उपचार संबंधी अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। मरीजों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
निरीक्षण के अंत में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच.के. मिश्र ने स्पष्ट संदेश दिया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी चिकित्सक और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करेंगे और महर्षि देवराहा बाबा स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय को क्षेत्र की उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं वाला संस्थान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का यह औचक निरीक्षण अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से यह स्पष्ट है कि मरीजों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन गंभीर है। यदि इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो निश्चित रूप से अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।







