21 अक्टूबर 2026 7:47 पूर्वाह्न

दिव्यांग प्रतिभाओं ने फैशन और हुनर से दिया समावेशी समाज का सशक्त संदेश

नई दिल्ली के लाजपत भवन में आयोजित दिव्यांग टैलेंट एंड फैशन शो के दौरान मंच पर व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरणों के साथ प्रतिभागी, अतिथि एवं आयोजक सम्मान समारोह में शामिल।

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परवेज़ अंसारी की रिपोर्ट

नई दिल्ली। समाज में समान अवसर, सम्मान और समावेशिता की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में आयोजित “दिव्यांग टैलेंट एंड फैशन शो” ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी भी शारीरिक चुनौती की मोहताज नहीं होती। लाजपत भवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता से जूझ रहे प्रतिभागियों ने अपने अद्भुत आत्मविश्वास, कला और जज़्बे से दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम का आयोजन ईगल स्पेशियली एबल्ड राइडर्स द्वारा किया गया, जबकि इसके सफल संचालन में डीकेएसडी कपूर लाडली नूर फाउंडेशन की संस्थापक श्रीमती सुल्ताना परवीन का महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग रहा।

दिव्यांग प्रतिभाओं ने मंच पर बिखेरा आत्मविश्वास का रंग

कार्यक्रम में ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी सहित विभिन्न चिकित्सीय परिस्थितियों से प्रभावित 26 प्रतिभागियों ने अपनी अलग-अलग प्रस्तुतियों से यह संदेश दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के सामने शारीरिक सीमाएं छोटी पड़ जाती हैं। प्रतिभागियों ने व्हीलचेयर, बैसाखियों, कैलीपर्स तथा कृत्रिम अंगों की सहायता से मंच पर रैंप वॉक, नृत्य, गायन और स्टंट जैसी प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को भावुक भी किया और प्रेरित भी।

इन प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट किया कि यदि समाज समान अवसर उपलब्ध कराए तो दिव्यांगजन भी हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। दर्शकों ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और प्रदर्शन का जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।

समाज को सकारात्मक सोच अपनाने का दिया संदेश

आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों के प्रति व्याप्त संकोच और पूर्वाग्रह को समाप्त करना भी था। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता का पैमाना नहीं हो सकती। सही अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग मिलने पर हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकता है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी माना कि ऐसे आयोजन सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बनते हैं और दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

सुल्ताना परवीन के सहयोग की हुई सराहना

कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में डीकेएसडी कपूर लाडली नूर फाउंडेशन की संस्थापक श्रीमती सुल्ताना परवीन का विशेष योगदान रहा। उनके आर्थिक सहयोग के कारण दिव्यांग प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच उपलब्ध हो सका।

आयोजकों ने कहा कि समाज में ऐसे लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जो सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को सहयोग देकर वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराते हैं।

फैशन जगत में समावेशिता की नई सोच

ईगल स्पेशियली एबल्ड राइडर्स के संस्थापक आमिर ने कहा कि फैशन उद्योग को लंबे समय तक केवल पारंपरिक सुंदरता के मानकों से जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन अब समय बदल रहा है। आज फैशन मंच विविधता, समानता और समावेशिता का भी प्रतीक बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब दिव्यांग प्रतिभाएं आत्मविश्वास के साथ रैंप पर उतरती हैं तो वे केवल फैशन का प्रदर्शन नहीं करतीं, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती हैं कि हर व्यक्ति सम्मान और अवसर का समान अधिकार रखता है। उन्होंने इस दिशा में सुल्ताना परवीन के सहयोग को अत्यंत प्रेरणादायक बताया।

50 से अधिक सफल आयोजनों का अनुभव

ईगल स्पेशियली एबल्ड राइडर्स पिछले कई वर्षों से दिव्यांगजनों के लिए लगातार कार्य कर रहा है। संस्था अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में 50 से अधिक दिव्यांग टैलेंट एंड फैशन शो आयोजित कर चुकी है। इन आयोजनों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रतिभा को मंच देना और समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।

संस्था का मानना है कि जब दिव्यांगजन सार्वजनिक मंचों पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करते हैं तो समाज की सोच स्वतः बदलती है और समान अवसरों की दिशा में नई पहल को बल मिलता है।

जागरूकता राइड से पहुंचा रहे अधिकारों का संदेश

संस्था केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। ईगल स्पेशियली एबल्ड राइडर्स विशेष रूप से तैयार की गई रेट्रोफिटेड स्कूटी के माध्यम से पूरे देश में जागरूकता अभियान भी चला रही है। इन राइड्स का उद्देश्य दिव्यांगजनों के अधिकारों, आत्मनिर्भरता, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

इन अभियानों के माध्यम से संस्था यह संदेश देती है कि दिव्यांगजन समाज पर बोझ नहीं, बल्कि उचित अवसर मिलने पर विकास की मुख्यधारा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले नागरिक हैं।

प्रतिभा को अवसर मिले तो बदल सकती है तस्वीर

कार्यक्रम का सबसे प्रेरक पक्ष यह रहा कि मंच पर मौजूद प्रत्येक प्रतिभागी ने अपने प्रदर्शन से यह सिद्ध किया कि सीमाएं शरीर में नहीं बल्कि सोच में होती हैं। जब समाज सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाता है और अवसर उपलब्ध कराता है, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन न केवल दिव्यांगजनों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि आम लोगों को भी संवेदनशील और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।

समावेशी भारत की ओर एक मजबूत कदम

दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक फैशन शो या सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं था, बल्कि समानता, सम्मान और आत्मविश्वास का उत्सव बनकर सामने आया। मंच पर प्रस्तुत प्रत्येक मुस्कान, प्रत्येक कदम और प्रत्येक प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि किसी भी व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसकी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प से होती है, न कि उसकी शारीरिक स्थिति से।

यदि समाज, सरकार, सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर दिव्यांगजनों को समान अवसर प्रदान करें तो वे जीवन के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। यही संदेश इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता और उपलब्धि बनकर सामने आया।

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दिव्यांग टैलेंट एंड फैशन शो में प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन, समावेशी समाज का दिया सशक्त संदेश

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नई दिल्ली में आयोजित दिव्यांग टैलेंट एंड फैशन शो में 26 दिव्यांग प्रतिभाओं ने रैंप वॉक, नृत्य, गायन और स्टंट से समावेशिता, समान अवसर और आत्मविश्वास का प्रेरक संदेश दिया।

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