जलभराव से बदहाल सड़क बनी लोगों के लिए मुसीबत, सुरक्षित आवागमन पर मंडराया संकट
लगातार बारिश के बाद मार्ग पर भरा पानी, ग्रामीणों ने जल निकासी और सड़क मरम्मत की उठाई मांग
रामकीर्ति यादव की रिपोर्ट
जौनपुर. लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है और इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण सड़कों पर देखने को मिल रहा है। ऐसी ही स्थिति जौनपुर जिले के नेवढ़िया क्षेत्र के तरती–सरैया मार्ग पर बनी हुई है, जहां बारिश का पानी सड़क पर जमा होने से आवागमन बेहद कठिन हो गया है। सड़क के कई हिस्सों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों, राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को हर कदम फूंक-फूंककर रखना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
बारिश के बाद सड़क बनी तालाब, आवागमन हुआ प्रभावित
क्षेत्र में हुई लगातार बारिश के कारण तरती–सरैया मार्ग पर कई स्थानों पर पानी जमा हो गया है। सड़क पर जलभराव इतना अधिक है कि कई जगह सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है। इससे दोपहिया, चारपहिया और पैदल चलने वाले लोगों को आवाजाही में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर भरे पानी के कारण यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां तक सुरक्षित है और कहां गहरे गड्ढे मौजूद हैं। यही वजह है कि हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पानी में छिपे गड्ढे बढ़ा रहे हादसों का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग की सबसे बड़ी समस्या यह है कि सड़क पहले से ही कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। बारिश के दौरान जब सड़क पर पानी भर जाता है तो गड्ढे पूरी तरह पानी में छिप जाते हैं। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर असंतुलित होकर गिर जाते हैं।
कई लोगों ने बताया कि उन्हें वाहन चलाते समय बेहद सतर्क रहना पड़ता है, क्योंकि मामूली सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। खासकर रात के समय या कम दृश्यता की स्थिति में यह मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है।
स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी
जलभराव का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना इस मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को पानी से भरी सड़क पार करने में काफी कठिनाई होती है। कई अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
इसके अलावा बुजुर्गों और महिलाओं को भी इस मार्ग पर चलना मुश्किल हो गया है। फिसलन और गड्ढों के कारण गिरने का खतरा लगातार बना रहता है। कई बार लोगों को मजबूरी में लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है।
जल निकासी व्यवस्था नहीं होने से बढ़ रही समस्या
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या की मुख्य वजह सड़क के किनारे उचित जल निकासी व्यवस्था का अभाव है। बारिश का पानी निकलने का कोई प्रभावी रास्ता नहीं होने के कारण वह लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है।
जलभराव के कारण सड़क की सतह लगातार कमजोर होती जा रही है। इससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और हर बारिश के बाद उसकी स्थिति पहले से अधिक खराब हो जाती है। यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है। लोगों ने लिखित और मौखिक दोनों माध्यमों से शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन समस्या का मूल कारण दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते। उनका कहना है कि अस्थायी उपायों से कुछ समय के लिए राहत मिलती है, लेकिन स्थायी जल निकासी व्यवस्था के अभाव में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
सड़क की बदहाली से स्थानीय जनजीवन पर पड़ रहा असर
तरती–सरैया मार्ग आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। इस सड़क से प्रतिदिन किसान, छात्र, व्यापारी और अन्य लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए आवागमन करते हैं।
लगातार जलभराव के कारण न केवल लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए आने-जाने में कठिनाई हो रही है, जबकि छोटे व्यवसायियों को भी परिवहन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क पर जमा पानी की तत्काल निकासी कराई जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कर जल निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि भविष्य में बरसात के दौरान ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बारिश का मौसम आगे बढ़ने के साथ स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इससे दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने के साथ-साथ आम लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित होने का खतरा रहेगा।
क्षेत्रवासियों को समाधान की उम्मीद
क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देगा और जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा। उनका मानना है कि यदि जल निकासी की समुचित व्यवस्था कर सड़क की मरम्मत कराई जाती है तो न केवल लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें लोगों की जीवनरेखा होती हैं। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन समय रहते जलभराव जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, निर्बाध और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध हो सके।









