लेखपाल पर महिलाओं का चप्पलों से हमला, सरकारी नाले के कब्जे का गरमाया विवाद ; वीडियो वायरल

फतेहपुर में सरकारी नाले से अतिक्रमण हटाने पहुंचे लेखपाल पर महिलाओं द्वारा कथित चप्पल से हमला, साथ में रिपोर्टर ठाकुर बख्श सिंह की तस्वीर

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ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से सरकारी जमीन और नाले पर अतिक्रमण हटाने के दौरान विवाद का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर सरकारी नाले को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंचे लेखपाल के साथ कथित तौर पर दो महिलाओं ने अभद्रता करते हुए चप्पलों से मारपीट की। घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति द्वारा बनाया गया वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में महिलाएं लेखपाल के साथ कथित तौर पर बहस करती और उन्हें मुकदमे में फंसाने तथा नौकरी छीनवाने की धमकी देती हुई दिखाई और सुनाई दे रही हैं।

मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, धमकी देने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और वीडियो समेत उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

25 साल पुराने नाले पर कब्जे की शिकायत से शुरू हुआ मामला

जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद फतेहपुर जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। क्षेत्र के घनश्यामपुर में तैनात लेखपाल आकाश कुमार के अनुसार, थाना दिवस के दौरान उन्हें बहलोलपुर गांव में लंबे समय से सरकारी नाले पर किए गए कथित अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त हुई थी।

शिकायत में बताया गया था कि गांव में स्थित नाला करीब 25 वर्षों से अतिक्रमण की स्थिति में है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद राजस्व विभाग की ओर से मामले का निस्तारण करने की प्रक्रिया शुरू की गई। बताया गया है कि जिस स्थान पर नाला मौजूद है, वह वृक्षारोपण के लिए दर्ज भूमि गाटा संख्या 488 से संबंधित है।

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राजस्व विभाग के स्तर पर मिली शिकायत की जांच और मौके की स्थिति का जायजा लेने के लिए लेखपाल को गांव भेजा गया था। उद्देश्य सरकारी नाले को उसकी मूल स्थिति में लाने और कथित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करना था।

मौके पर पहुंचते ही शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि लेखपाल जब संबंधित स्थान पर पहुंचे और अपनी सरकारी जिम्मेदारी के तहत मौके का निरीक्षण करने लगे, तभी वहां मौजूद महिलाओं के साथ उनका विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई किए जाने से नाराज सुमन पटेल और प्रीति सिंह ने लेखपाल के साथ बहस शुरू कर दी।

आरोप के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद दोनों महिलाओं ने लेखपाल पर चप्पलों से हमला कर दिया। सरकारी कार्य के लिए मौके पर पहुंचे राजस्व कर्मचारी के साथ इस तरह की घटना से वहां मौजूद लोगों के बीच भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

वीडियो में धमकी देने का भी आरोप

सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में महिलाओं और लेखपाल के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो में महिलाओं की ओर से लेखपाल को जेल भिजवाने, मुकदमा दर्ज कराने और उनकी नौकरी समाप्त करवाने जैसी बातें कहे जाने का दावा किया जा रहा है।

हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस मामले की जांच के दौरान वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की भी पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ और किसकी क्या भूमिका रही।

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सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप

लेखपाल आकाश कुमार की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वह ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर सरकारी नाले को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान महिलाओं ने उनके सरकारी कार्य में कथित रूप से बाधा उत्पन्न की और उनके साथ मारपीट की।

राजस्व कर्मचारियों का काम सरकारी भूमि, रास्ते, नाले और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों से संबंधित शिकायतों का मौके पर जाकर निरीक्षण करना और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होता है। ऐसे में सरकारी कार्यवाही के दौरान किसी कर्मचारी के साथ कथित मारपीट और धमकी का मामला पुलिस के लिए भी गंभीर जांच का विषय बन गया है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

मामले में शिकायत मिलने के बाद हुसैनगंज थाना पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष आलोक कुमार पांडेय के अनुसार, तहरीर के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, जान से मारने की धमकी देने और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस के मुताबिक, प्रकरण की जांच जारी है। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के बयान, मौके की परिस्थितियों, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो

लेखपाल पर कथित चप्पल से हमला किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है। वीडियो को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग सरकारी कर्मचारी के साथ इस तरह के व्यवहार को गलत बता रहे हैं, जबकि पूरे विवाद की वजह और अतिक्रमण से जुड़े मूल तथ्यों को लेकर भी चर्चा हो रही है।

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फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि नाले पर अतिक्रमण की स्थिति क्या थी, मौके पर राजस्व विभाग की कार्रवाई किस स्तर तक पहुंची थी और विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच वास्तव में क्या हुआ।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बनी विवाद की वजह

पूरे मामले की शुरुआत ग्रामीणों की शिकायत से हुई थी। शिकायत में लंबे समय से सरकारी नाले पर कथित कब्जे की बात कही गई थी। राजस्व विभाग की टीम जब शिकायत के निस्तारण के लिए मौके पर पहुंची तो विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित मारपीट और धमकी तक पहुंच गया।

अब इस प्रकरण में पुलिस जांच के साथ-साथ राजस्व विभाग की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि सरकारी रिकॉर्ड में संबंधित जमीन और नाले की स्थिति स्पष्ट है, तो आगे की कार्रवाई उसी के आधार पर की जाएगी। वहीं, लेखपाल के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस अपनी जांच के आधार पर कानूनी कदम उठाएगी।

फिलहाल फतेहपुर में लेखपाल के साथ कथित चप्पल से मारपीट का यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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Author: यायावर

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