बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह आसान बना रही साइकिल योजना

कोड़ापुरी में सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम

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ब्यूरो रिपोर्ट

कोड़ापुरी/तखतपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोड़ापुरी में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 9वीं की 40 छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल वितरित की गई। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को विद्यालय तक नियमित रूप से पहुंचने में सुविधा देने और उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने भाग लिया।

साइकिल वितरण के बाद छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय की दूरी कई बार बेटियों की पढ़ाई के रास्ते में बाधा बन जाती है। ऐसे में साइकिल उनके लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा जारी रखने और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत : कविता यादव

कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती कविता महेश यादव ने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना को केवल साइकिल बांटने वाली सरकारी योजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि साइकिल मिलने से छात्राओं के लिए विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी। इससे उन्हें समय की बचत के साथ नियमित रूप से स्कूल पहुंचने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि शिक्षा ही ऐसा माध्यम है, जिसके जरिए बेटियां अपने सपनों को वास्तविकता में बदल सकती हैं।

कविता यादव ने छात्राओं से कहा कि वे शिक्षा को अपने जीवन का सबसे बड़ा हथियार बनाएं और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। आज जो बेटी साइकिल से विद्यालय जा रही है, वही आने वाले समय में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, अधिकारी या समाज की जिम्मेदार और सशक्त नागरिक बन सकती है। उन्होंने कहा कि बेटियों की सफलता केवल उनके परिवार की उपलब्धि नहीं होती, बल्कि इससे पूरे समाज और क्षेत्र का गौरव बढ़ता है।

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माता-पिता के संस्कार बच्चों की मजबूत नींव : कविता यादव

जनपद सदस्य ने अभिभावकों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के सबसे बड़े गुरु होते हैं। परिवार से मिलने वाले संस्कार, अनुशासन और मार्गदर्शन बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने छात्राओं से अपने माता-पिता का सम्मान करने और उनके अच्छे संस्कारों को जीवन में अपनाने की अपील की। साथ ही अभिभावकों से कहा कि वे बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि बेटियों को पढ़ाने से परिवार की सोच बदलती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी शिक्षा का मजबूत आधार तैयार होता है।

कविता यादव ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा और विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने के लिए क्षेत्रीय विधायक धर्मजीत सिंह का भी आभार जताया।

शिक्षा से आत्मनिर्भर बनें बेटियां : अंबिका साहू

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अंबिका विनोद साहू ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा सबसे जरूरी साधन है। शिक्षा के माध्यम से बच्चे अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझते हैं तथा भविष्य में बेहतर नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

उन्होंने कहा कि छात्राओं को नियमित रूप से पढ़ाई करनी चाहिए और अपने जीवन के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। साइकिल मिलने से उन्हें विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी और पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय भी मिल सकेगा। उन्होंने छात्राओं से मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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माता-पिता बच्चों के सबसे बड़े गुरु : माधवी वस्त्रकार

जनपद पंचायत तखतपुर की अध्यक्ष डॉ. माधवी संतोष वस्त्रकार ने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कार और मार्गदर्शन जीवनभर बच्चों के साथ रहते हैं।

उन्होंने छात्राओं से अपने माता-पिता का सम्मान करने तथा उनके बताए अच्छे मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर दें। उनका कहना था कि शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां परिवार, समाज और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

विद्यालय पहुंचना हुआ आसान, छात्राओं में दिखा उत्साह

सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत 40 बालिकाओं को साइकिल मिलने से विद्यालय की छात्राओं में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीण क्षेत्र में कई छात्राओं को विद्यालय आने-जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में साइकिल उनके दैनिक आवागमन को आसान बनाने के साथ शिक्षा के प्रति उनकी निरंतरता को भी मजबूत कर सकती है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा में आने वाली व्यावहारिक परेशानियों को दूर करने के लिए ऐसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। जब छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचने के लिए सुविधाजनक साधन मिलता है, तो उनके नियमित स्कूल आने की संभावना बढ़ती है। इससे शिक्षा के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता भी विकसित होती है।

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सहभागिता

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य सुश्री सरोज पारकर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अंबिका विनोद साहू उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में जनपद पंचायत तखतपुर की अध्यक्ष डॉ. माधवी संतोष वस्त्रकार, जनपद सदस्य श्रीमती कविता महेश यादव सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

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इस अवसर पर ग्राम पंचायत कोड़ापुरी की सरपंच श्रीमती कविता टिकेश साहू, श्री राजेश चौबे, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोड़ापुरी शाला विकास समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य, ग्राम पंचायत के उपसरपंच एवं पंच, विद्यालय का समस्त स्टाफ, छात्राएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

साइकिल से सिर्फ सफर नहीं, सपनों की ओर बढ़ेंगी बेटियां

कोड़ापुरी में आयोजित यह साइकिल वितरण कार्यक्रम बेटियों की शिक्षा को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी दे गया। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने छात्राओं को नियमित पढ़ाई, अनुशासन और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। साइकिल मिलने से छात्राओं के लिए विद्यालय की दूरी कम महसूस होगी और उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में सहूलियत मिलेगी। यही सुविधा भविष्य में उनके आत्मनिर्भर बनने की राह को मजबूत कर सकती है।

कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि बेटियों को शिक्षा का अवसर और आगे बढ़ने का साधन दिया जाए तो वे अपने परिवार के साथ-साथ पूरे समाज की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं। कोड़ापुरी की 40 छात्राओं को मिली साइकिल इसी उम्मीद और संकल्प का प्रतीक बनी।

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Author: यायावर

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