गोंडा

निवेश पर 5–6% मासिक मुनाफे का झांसा, 1.08 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला दर्ज

हर महीने 5–6 प्रतिशत मुनाफे और डिजिटल कॉइन का लालच देकर निवेश कराने का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच; भाजपा नेता बोले— आरोपों की जानकारी नहीं, जल्द रखेंगे पक्ष

दुर्गा प्रसाद शुक्ला 

गोंडा |उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। कर्नलगंज कोतवाली पुलिस ने निवेशकों की शिकायत के आधार पर एक युवा भाजपा नेता, उनकी पत्नी सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें एक निजी कंपनी में निवेश कर हर महीने आकर्षक मुनाफा देने का भरोसा दिलाया गया, लेकिन बाद में न तो निवेश की गई रकम वापस मिली और न ही तय लाभांश का भुगतान किया गया।

पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में करीब 1.08 करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि शुरुआती कुछ महीनों तक उन्हें लाभ के रूप में कुछ भुगतान किया गया, जिससे उनका भरोसा मजबूत हुआ, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर धमकी भी दी गई।

निवेश पर मोटे मुनाफे का दिया गया लालच

एफआईआर के अनुसार परसपुर क्षेत्र के आटा गांव निवासी राहुल सिंह चौहान, उनकी पत्नी शिल्पी सिंह, रजनीश रौशन, दीपक कुमार और आदिल के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के आरोप लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि रजनीश रौशन ने उन्हें ‘वोडब्रो’ नामक कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। दावा किया गया कि यदि वे कंपनी में पैसा लगाते हैं तो उन्हें हर महीने 5 से 6 प्रतिशत तक निश्चित रिटर्न मिलेगा। इतना ही नहीं, भविष्य में ‘TLC 2.0’ नामक डिजिटल कॉइन लाखों रुपये मूल्य के उपहार के रूप में मिलने का भी भरोसा दिया गया।

इन्हीं वादों के आधार पर कई लोगों ने अलग-अलग समय पर बड़ी धनराशि निवेश कर दी।

कंपनी की जानकारी दिखाकर जीता भरोसा

शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि निवेश के लिए विश्वास पैदा करने के उद्देश्य से उन्हें इंटरनेट पर ‘कैप्टर मनी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी की जानकारी दिखाई गई।

आरोप है कि उन्हें बताया गया कि इस कंपनी के निदेशक शिल्पी सिंह और दीपक कुमार हैं। चूंकि शिल्पी सिंह भाजपा नेता राहुल सिंह चौहान की पत्नी हैं, इसलिए शिकायतकर्ताओं ने कंपनी को विश्वसनीय मान लिया और बड़ी राशि कंपनी के खाते में जमा कर दी।

पीड़ितों का कहना है कि राजनीतिक पहचान और कंपनी से जुड़ी जानकारी ने उनके मन में भरोसा पैदा किया, जिसके चलते उन्होंने निवेश करने का निर्णय लिया।

सात लोगों से कराया गया 1.08 करोड़ रुपये का निवेश

एफआईआर में सात निवेशकों द्वारा जमा कराई गई राशि का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार—

  • गुफरान – 37 लाख रुपये
  • बैकुंठ कुमार – 54.60 लाख रुपये
  • अजय मौर्य – 7 लाख रुपये
  • कृष्ण कुमार गोस्वामी – 3.50 लाख रुपये
  • नदीम अहमद – 2.10 लाख रुपये
  • शिवा – 2.10 लाख रुपये
  • नूर मोहम्मद – 2.10 लाख रुपये

इन सभी राशियों को मिलाकर कुल निवेश लगभग 1 करोड़ 8 लाख रुपये बताया गया है।

शुरुआती भुगतान से बढ़ा भरोसा, फिर बंद हो गया रिटर्न

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि निवेश के शुरुआती चरण में उन्हें कुछ महीनों तक लाभांश के रूप में भुगतान किया गया। इससे उन्हें विश्वास हो गया कि कंपनी वास्तव में वादे के अनुरूप काम कर रही है।

हालांकि कुछ समय बाद अचानक भुगतान बंद हो गया। जब निवेशकों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो उन्हें लगातार अलग-अलग कारण बताकर टालने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद न तो मूल धन लौटाया गया और न ही लाभांश का भुगतान किया गया।

पैसे मांगने पर धमकी देने का भी आरोप

एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब शिकायतकर्ताओं ने अपनी जमा राशि वापस करने का दबाव बनाया तो उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़ितों का आरोप है कि बातचीत के दौरान भाजपा नेता राहुल सिंह चौहान का नाम लेकर उन्हें डराने का प्रयास किया गया ताकि वे आगे शिकायत न करें। इसी आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी के साथ-साथ आपराधिक धमकी की धाराएं भी मुकदमे में शामिल की हैं।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू

कर्नलगंज कोतवाली पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पांचों नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) (धोखाधड़ी) तथा धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

बताया गया है कि यह एफआईआर 7 जुलाई की रात दर्ज की गई थी, जबकि इसकी जानकारी बाद में सार्वजनिक हुई। मामले की विवेचना निरीक्षक अरविंद को सौंपी गई है।

पुलिस ने शिकायतकर्ताओं से बैंक लेन-देन, भुगतान से जुड़े दस्तावेज, निवेश के रिकॉर्ड तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्य भी मांगे हैं ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके।

राहुल सिंह चौहान ने आरोपों से किया इनकार

दूसरी ओर, भाजपा नेता राहुल सिंह चौहान ने अपने ऊपर लगे आरोपों से अनभिज्ञता जताई है।

उन्होंने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं है और जिन लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है, वे उन्हें जानते तक नहीं हैं। राहुल सिंह चौहान का कहना है कि वह जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर अपना विस्तृत पक्ष सार्वजनिक करेंगे।

उनके इस बयान के बाद अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और उनके आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं।

पुलिस का क्या कहना है?

कर्नलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। यदि जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उन्हें भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर

फिलहाल यह मामला पुलिस जांच के अधीन है। शिकायतकर्ताओं ने गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी और धमकी के आरोप लगाए हैं, जबकि नामजद भाजपा नेता ने आरोपों से इनकार करते हुए स्वयं को मामले से अनभिज्ञ बताया है।

ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस की विवेचना में बैंक रिकॉर्ड, निवेश संबंधी दस्तावेज, कंपनी के वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर क्या तथ्य सामने आते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोप कितने सही हैं और आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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