मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 8-9 जुलाई का संभावित बांदा-चित्रकूट दौरा: प्रशासन अलर्ट
चित्रकूट में सुरक्षा, जनसभा और समीक्षा बैठकों की तैयारियों का अधिकारियों ने किया व्यापक निरीक्षण
रिपोर्ट: संजय सिंह राणा
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 8 जुलाई 2026 को प्रस्तावित चित्रकूट दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से अंतिम और आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन संभावित दौरे को देखते हुए जिला और मंडलीय प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था, जनसभा स्थल, समीक्षा बैठक, रात्रि प्रवास और अन्य व्यवस्थाओं का वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण
शनिवार को मंडलायुक्त अजीत कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) राजेश एस., जिलाधिकारी पुलकित गर्ग तथा पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रमों से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर आम नागरिकों की सुविधा तक प्रत्येक बिंदु का बारीकी से परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त होनी चाहिए ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा की स्थिति उत्पन्न न हो।
इंटर कॉलेज परिसर में होगी प्रस्तावित जनसभा
मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम के अनुसार चित्रकूट इंटर कॉलेज परिसर में दोपहर लगभग 2:25 बजे जनसभा आयोजित किए जाने की तैयारी की जा रही है। इसी स्थान का अधिकारियों ने सबसे पहले निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मंच निर्माण, वीआईपी और आमजन के बैठने की व्यवस्था, पार्किंग स्थल, बैरिकेडिंग, पेयजल सुविधा, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि जनसभा से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कर लिए जाएं और किसी भी प्रकार की कमी न रहने पाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में होगी विकास कार्यों की समीक्षा
जनसभा के बाद मुख्यमंत्री के कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक करने की संभावना भी जताई जा रही है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभागार की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग द्वारा मंडल में कराए गए पुराने और नए विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा जनपद में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति, शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जा सकती है। बैठक को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
रात्रि प्रवास की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री के चित्रकूट में रात्रि प्रवास की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने आवासीय परिसर और सुरक्षा व्यवस्था का भी विस्तार से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संभावित रात्रि प्रवास को ध्यान में रखते हुए आवास, सुरक्षा घेरा, चिकित्सा सुविधा, विद्युत आपूर्ति और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
बांदा में भी बढ़ी हलचल, प्रतिमाओं के लोकार्पण की उम्मीद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित बांदा दौरे को लेकर जिले में भी राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सबसे अधिक चर्चा शहर में स्थापित दो ऐतिहासिक महापुरुषों की प्रतिमाओं के संभावित लोकार्पण को लेकर हो रही है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के 8 और 9 जुलाई के संभावित बांदा-चित्रकूट कार्यक्रम में कालूकुआं चौराहे पर स्थापित वीरांगना अवंतीबाई लोधी तथा आरटीओ कार्यालय के समीप स्थापित महाराजा खेत सिंह खंगार की प्रतिमाओं का अनावरण शामिल हो सकता है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
वर्षों से अनावरण का इंतजार कर रही हैं प्रतिमाएं
बांदा शहर में दोनों ऐतिहासिक विभूतियों की प्रतिमाएं काफी समय पहले स्थापित कर दी गई थीं, लेकिन औपचारिक लोकार्पण नहीं होने के कारण आज तक उन्हें जनता को समर्पित नहीं किया जा सका है।
प्रतिमाओं पर अब भी आवरण लगे होने और आसपास के सौंदर्यीकरण कार्य अधूरे रहने के कारण यह विषय लंबे समय से स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब मुख्यमंत्री के संभावित दौरे से लोगों को उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित यह कार्य आखिरकार पूरा हो सकता है।
सामाजिक संगठनों ने जताई उम्मीद
स्थानीय सामाजिक संगठनों और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों का कहना है कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी और महाराजा खेत सिंह खंगार जैसी ऐतिहासिक विभूतियों का सम्मान पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका मानना है कि इन प्रतिमाओं का शीघ्र लोकार्पण होने से नई पीढ़ी को देश और समाज के लिए उनके योगदान की जानकारी मिलेगी तथा ऐतिहासिक विरासत के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम ने लोगों की उम्मीदों को नई ऊर्जा दी है और शहर में इस विषय को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।
शहर को सजाने-संवारने का काम तेज
संभावित दौरे को देखते हुए बांदा शहर में भी व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। प्रमुख मार्गों की मरम्मत, डिवाइडरों की रंगाई-पुताई, झाड़ियों की सफाई, सड़क किनारे साफ-सफाई और सार्वजनिक स्थलों को व्यवस्थित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
इसके साथ ही सर्किट हाउस और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों को भी मुख्यमंत्री के आगमन के अनुरूप तैयार किया जा रहा है ताकि सभी व्यवस्थाएं बेहतर दिखाई दें।
भाजपा संगठन भी तैयारियों में जुटा
प्रशासनिक तैयारियों के समानांतर भारतीय जनता पार्टी संगठन भी संभावित जनसभा को सफल बनाने के लिए सक्रिय हो गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार जनसभा में लगभग 15 से 20 हजार लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए संगठन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाने की रणनीति पर कार्य कर रहा है।
आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार
फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बांदा और चित्रकूट दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी गति से जारी हैं, लेकिन अंतिम कार्यक्रम मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी होना अभी बाकी है। प्रशासन संभावित कार्यक्रम को ध्यान में रखकर सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी करने में जुटा हुआ है ताकि कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा होते ही किसी प्रकार की कठिनाई सामने न आए।
यदि मुख्यमंत्री का यह दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न होता है, तो चित्रकूट में विकास योजनाओं और प्रशासनिक समीक्षा को नई दिशा मिलने की संभावना है। वहीं बांदा में लंबे समय से अनावरण की प्रतीक्षा कर रही वीरांगना अवंतीबाई लोधी और महाराजा खेत सिंह खंगार की प्रतिमाओं का लोकार्पण भी शहरवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर साबित हो सकता है। इससे न केवल स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी, बल्कि ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण संदेश जाएगा।









