राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर फिर मुखर हुए बृजभूषण शरण सिंह, बोले- ‘पहले दिन से चल रहा था खेल, इसलिए दर्शन करने नहीं गया’

राम मंदिर की पृष्ठभूमि में बृजभूषण शरण सिंह और रिपोर्टर कमलेश कुमार चौधरी की फीचर इमेज, चढ़ावा विवाद पर बयान।

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने वर्षों पहले ही सवाल उठाए थे और इसी वजह से आज तक राम मंदिर में दर्शन करने नहीं गए। उनके ताजा बयान ने एक बार फिर इस पूरे मामले को राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

‘मैं पहले ही सब कुछ कह चुका हूं’

शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस विषय पर उन्हें अब कुछ नया नहीं कहना है, क्योंकि वे कई वर्ष पहले ही अपनी आशंकाएं सार्वजनिक कर चुके थे। उन्होंने कहा कि जब इस मुद्दे पर कोई भी बोलने को तैयार नहीं था, तब उन्होंने सबसे पहले आवाज उठाई थी। उनके अनुसार, मंदिर की व्यवस्था में जिस प्रकार की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, उनकी आशंका उन्हें पहले दिन से ही थी।

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उन्होंने आज तक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करने का निर्णय नहीं लिया। उनका कहना था कि यदि व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होती तो वे अवश्य दर्शन के लिए जाते, लेकिन शुरुआती दौर से ही उन्हें कई बातों पर संदेह था।

चार वर्ष पहले भी उठाए थे सवाल

बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि उन्होंने करीब चार वर्ष पहले भी राम मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों के अनेक लोगों को मंदिर की गतिविधियों से दूर कर दिया गया है।

See also  राम मंदिर चढ़ावा विवाद : आरोपों से एफआईआर, एसआईटी जांच और गिरफ्तारियों तक… पूरी कहानी

उन्होंने यह भी कहा था कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं में स्थानीय लोगों की अपेक्षित भागीदारी नहीं दिखाई दे रही थी। उनके अनुसार, जिन लोगों ने वर्षों तक राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, उन्हें भी धीरे-धीरे हाशिये पर डाल दिया गया।

चढ़ावा विवाद पर फिर दोहराया पुराना रुख

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं का मामला हाल के दिनों में फिर चर्चा में आया है। इसी संदर्भ में बृजभूषण शरण सिंह ने अपने पुराने बयानों को दोहराते हुए कहा कि किसी भी गंभीर विवाद के पीछे कोई न कोई कारण अवश्य होता है। उनका कहना था कि बिना वजह कोई मुद्दा इतना बड़ा नहीं बनता और बिना आग के धुआं भी नहीं उठता।

उन्होंने संकेत दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके। उनका मानना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।

पहले भी बड़े लोगों के शामिल होने की जताई थी आशंका

इससे पहले जब समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले का मुद्दा उठाया था, तब बृजभूषण शरण सिंह ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने उस समय कहा था कि यदि वे पूरी बात सार्वजनिक करेंगे तो उन्हें व्यक्तिगत नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि इस पूरे मामले में कई प्रभावशाली लोगों के नाम जुड़े होने की आशंका है।

हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया था, लेकिन यह जरूर कहा था कि मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनके इन बयानों ने उस समय भी राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा पैदा कर दी थी।

See also  अखिलेश के तंज पर राजभर का पलटवार, बोले— “सुभासपा ज्वाइन कर लीजिए, मंत्री बनवा दूंगा”

सरकार और ट्रस्ट पर भी पड़ रही है आंच

पूर्व सांसद का मानना है कि यह विवाद केवल मंदिर ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है। उनके अनुसार, यदि आरोपों की गंभीरता बढ़ती है तो इसका प्रभाव केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की छवि पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था श्रीराम मंदिर से जुड़ी हुई है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद जनभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। इसलिए आवश्यक है कि पूरे मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जाए, जिससे लोगों का विश्वास बना रहे।

राम मंदिर आंदोलन से रहा पुराना जुड़ाव

बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय तक राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे हैं और स्वयं को इस आंदोलन का सक्रिय कार्यकर्ता बताते रहे हैं। उन्होंने कई अवसरों पर कहा है कि आंदोलन के दौरान उन्होंने विभिन्न स्तरों पर योगदान दिया था।

हालांकि उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राम मंदिर के भूमि पूजन और बाद में हुए उद्घाटन समारोह में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था। इसे लेकर भी उन्होंने पहले असंतोष व्यक्त किया था। उनका कहना है कि आंदोलन से जुड़े कई पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई, जिससे अनेक लोगों में निराशा का भाव उत्पन्न हुआ।

राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा

बृजभूषण शरण सिंह के ताजा बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर बहस तेज हो गई है। विपक्ष पहले से ही चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार और संबंधित व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष लगातार पारदर्शिता और कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कहता रहा है।

See also  “कचौड़ी गली सून कइलऽ बलमूं” : विरह, बनारस और अंग्रेजी दौर के दर्द की अमर दास्तान

ऐसे समय में भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित एजेंसियों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे इस पूरे प्रकरण में क्या कार्रवाई होती है।

(नोट: यह समाचार सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों पर आधारित है। चढ़ावे में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी।)

यायावर
Author: यायावर

यायावर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें