मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक निरीक्षण : प्राचार्य और सीएमएस ने व्यवस्थाओं को परखा
इरफान अली लारी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से शनिवार को प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एच.के. मिश्रा ने अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी, ओपीडी, एमसीएच विंग, रजिस्ट्रेशन काउंटर तथा विभिन्न वार्डों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मरीजों से सीधे बातचीत कर उपचार, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। दोनों अधिकारियों ने चिकित्सा अधिकारियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
इमरजेंसी और ओपीडी की व्यवस्थाओं का लिया विस्तृत जायजा
निरीक्षण की शुरुआत अस्पताल के इमरजेंसी विभाग से हुई, जहां प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने मरीजों के उपचार की प्रक्रिया, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और चिकित्सकों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया कि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिले और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
इसके बाद उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया और वहां मरीजों की संख्या, पंजीकरण व्यवस्था तथा चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे उपचार की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को कम से कम समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
एमसीएच एवं रजिस्ट्रेशन काउंटर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज की एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हेल्थ) इकाई का भी निरीक्षण किया गया। यहां गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों का पंजीकरण सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर
प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने निरीक्षण के दौरान कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल का उद्देश्य केवल उपचार करना नहीं, बल्कि मरीजों का विश्वास भी जीतना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाला प्रत्येक मरीज बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का अनुभव लेकर जाए, इसके लिए सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल की प्रत्येक इकाई में उपचार व्यवस्था व्यवस्थित और पारदर्शी बनी रहे, इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
साफ-सफाई और दवाओं की उपलब्धता पर दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर और वार्डों की स्वच्छता की भी गहन समीक्षा की गई। प्राचार्य ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर, वार्ड, शौचालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि संक्रमण फैलने की संभावना को कम किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। किसी भी मरीज को आवश्यक दवा के लिए बाहर भटकना न पड़े, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सकों और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
प्राचार्य ने चिकित्सकों और कर्मचारियों को समय से अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के उपचार में अनुशासन और समय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि चिकित्सक समय पर उपलब्ध रहेंगे तो मरीजों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी और अस्पताल की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभागों की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार की कमी सामने आने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
सीएमएस ने भर्ती मरीजों से की बातचीत
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच.के. मिश्रा ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न वार्डों का दौरा कर भर्ती मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों के व्यवहार तथा अस्पताल की अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने संबंधित चिकित्सकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज की नियमित निगरानी की जाए और उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। मरीजों की शिकायतों का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाए रखने पर जोर
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। सीएमएस ने निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ रहे ताकि मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
इसके साथ ही वार्डों में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने तथा अस्पताल परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मेडिकल कॉलेज अस्पताल का यह निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नियमित निरीक्षण से व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आएगी, कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और मरीजों को अधिक प्रभावी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे और प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके।









