गुरु के सम्मान और भारतीय संस्कृति का भव्य संगम, श्रद्धा और उत्साह से संपन्न हुआ गुरु पूजा महोत्सव

रिपोर्टर इरफान अली लारी की तस्वीर के साथ गुरु पूजा महोत्सव के दौरान गुरु पूजन, प्रमाण-पत्र वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम की लैंडस्केप फीचर इमेज।

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। शहर के मोहद्दीपुर स्थित विंध्यवासिनी पार्क में आयोजित गुरु पूजा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। ॐ फिटनेस योग संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधकों, योग प्रशिक्षुओं, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति अपनी आस्था और सम्मान प्रकट किया। पूरे आयोजन के दौरान आध्यात्मिक वातावरण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और योग से जुड़े संदेशों ने उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति के मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।

दीप प्रज्वलन और गुरु पूजन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार दीप प्रज्वलन, गणेश वंदना, गुरु वंदना और गुरु पूजन से हुई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक भावनाओं से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

गुरु पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भारतीय संस्कृति में गुरु की महत्ता पर आधारित विचारों को भी गंभीरता से सुना।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

गुरु पूजा महोत्सव का सबसे आकर्षक हिस्सा सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। विभिन्न प्रतिभागियों ने भजन, देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, योग प्रदर्शन और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा का सुंदर प्रदर्शन किया।

योग से जुड़े प्रदर्शन ने दर्शकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया, जबकि देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।

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गुरु जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पारस नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन को सही दिशा, उद्देश्य और सकारात्मक सोच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और समाज में संस्कारों की स्थापना भी गुरु के माध्यम से ही संभव होती है।

उन्होंने सभी लोगों से गुरुजनों के प्रति सम्मान बनाए रखने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

योग प्रशिक्षुओं को दिए गए प्रमाण-पत्र

महोत्सव के दौरान योग शिक्षक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए योग के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दोहराया।

योगाचार्य धर्मेन्द्र प्रजापति ने दिया सेवा का संदेश

ॐ फिटनेस योग संस्थान के संस्थापक योगाचार्य धर्मेन्द्र प्रजापति ‘योगी धर्मेश्वर’ ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, सहयोगियों, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि गुरु का सम्मान, सेवा और संस्कार किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। यदि नई पीढ़ी गुरु-शिष्य परंपरा के मूल्यों को अपनाती है तो समाज अधिक सशक्त, संस्कारित और समृद्ध बन सकता है। उन्होंने प्रशिक्षित योग शिक्षकों से आग्रह किया कि वे योग, स्वास्थ्य और सेवा की भावना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास करें।

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उन्होंने यह भी कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक संतुलन का माध्यम है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करना चाहिए।

कई गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में राजकीय उद्यान विभाग के अधीक्षक पारस जी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

कार्यक्रम का संचालन जिला महिला निरीक्षक प्रभारी श्वेता साहनी ने प्रभावी ढंग से किया। उन्होंने पूरे आयोजन को व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए सभी प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह को सफल बनाया।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने की सहभागिता

गुरु पूजा महोत्सव में महिला प्रभारी शोभा पांडे, नीरज, आशा त्रिपाठी, लुसी मौर्या, रंजना, अदिति, विजयलक्ष्मी, मंचन, प्रीति, प्रेम, रेखा, पूनम गुप्ता, मीना, ममता, मुकेश साहनी, संजय गौड़, संतोष, आरिफ समानी, गायत्री, सुमन, परी, ओम, ऊषा सहित सैकड़ों शिष्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु पूजन कर अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और आस्था व्यक्त की।

गुरु आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम का समापन गुरु आरती, प्रसाद वितरण और राष्ट्र कल्याण की मंगलकामना के साथ हुआ। पूरे आयोजन में अनुशासन, सेवा, आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

आयोजकों ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन समाज में गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करने के साथ-साथ योग, सेवा और संस्कारों के प्रति लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। गुरु पूजा महोत्सव ने यह संदेश भी दिया कि गुरु के प्रति सम्मान, सेवा और समर्पण की भावना ही एक सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र की आधारशिला है।

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