खेत में रोपाई के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, 18 वर्षीय युवती की दर्दनाक मौत
देवरिया के भाटपार रानी क्षेत्र की घटना, खेत में धान की रोपाई करते समय हुआ हादसा, परिजनों में मचा कोहराम
उज़लाह अली लारी की रिपोर्ट
बारिश के मौसम में सामान्य तौर पर काम करने के दौरान आकाशीय बिजली का खतरा लगातार बढ़ता है। चावला जिले के भाटापार रानी तहसील क्षेत्र में एक ऐसी ही एक त्रासदी सामने आई, जहां धान की असमानता कर रही एक 18 वर्षीय किशोरी की आकाशीय बिजली की चोटी में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ और मसालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बीमारी के दौरान हुआ भारी हादसा
जानकारी के अनुसार, भाटापार रानी तहसील क्षेत्र के ग्राम बगपार निवासी मुखिया प्रसाद की 18 साल की बेटी प्रीति प्रीति शनिवार को पड़ोसी गांव पहाड़पुर में धान की रिश्तेदारी करने गई थी। क्षेत्र में बारिश के बीच सामान्य में मित्रता का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक मौसम ने कर्वट ली और तेज गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिर गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली गिरी के आसपास वह स्थान है जहां प्रीति अन्य महिलाओं के साथ खेत में काम कर रही थी। विचित्र के साथ गिरी बिजली की चपेट में आने से प्रीति गंभीर रूप से झुलस गई और खेत में ही पड़ी रही। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में राक्षस-मार मच गया।
पुनः प्राप्त किया अस्पताल
दुर्घटना के तत्काल बाद खेत में मौजूद अवशेषों और अन्य महिलाओं को घायल अवस्था में बाहर जाना पड़ा। स्थानीय लोगों को बिना बताए देर रात तक उन्हें सूचित करने के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भाटापार रानी सुरक्षा प्रदान की गई।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मुस्लिमों की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी, लेकिन जांच के बाद आरोपियों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर हाल ही में अस्पताल में मौजूद एक्सेल की चीख-पुकार से भरी हुई थी।
परिवार पर दुखों का पहाड़
प्रीति की असमय मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रसाद की बेटी की अचानक हो गई मौत, पूरे परिवार को मिल गई बर्बादी। गांव के लोग भी इस घटना से जुड़े हैं। वजीरों का कहना है कि प्रीति घर के साथ-साथ खेती करती थी-बबली में भी हाथ बंटाती थी और परिवार के साथ हमेशा आगे रहती थी।
घटना की सूचना ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इलाकों में पहुंची और संत परिवार को ढांढस बंधाया गया। पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया है।
पुलिस और प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है
घटना की जानकारी बैठक के बाद स्थानीय प्रशासन को भी सूचित किया गया। ग्राम प्रधान और शिक्षकों के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह से दी गई है। इसके बाद शव को जिला मुख्यालय के लिए भेज दिया गया।
प्रशासन की ओर से पंचनामा की पुष्टि के बाद शव को टुकड़े-टुकड़े कर दिया गया, ताकि जांच आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके।
वर्षा ऋतु में वृद्धि का खतरा रहता है
विशेषज्ञ का कहना है कि समय-समय पर खुले में काम करने से आकाशीय बिजली गिरने का खतरा काफी बढ़ जाता है। धान की फसल के समय किसान और श्रमिक लंबे समय तक पानी से अलग-अलग काम करते हैं, जिससे वे बिजली गिरने की घटनाएं अधिक संकेत हो जाते हैं।
मौसम विभाग भी समय-समय पर ग्रेगर-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर प्रत्याशित जारी करता है। ऐसे समय में यदि तेज गर्जन का आदेश दिया जाए या बिजली चमकाने लगे तो खुला खुला, ताला खोलने और खुले से तुरंत सुरक्षित स्थान पर चलना चाहिए।
ताज़ातरीन शोक संवेदना
प्रीति की मौत की खबर फैलते ही बुरे पार पेंडेज़ और आस-पास शोक की लहर दौड़ गई। मूर्तिमान परिवार ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की कामना की।
पुनरावलोकन ने प्रशासन से भी मांग की कि प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले परिवार को शासन द्वारा आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध करायी जाये, ताकि पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिल सके।
प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सावधानी जरूरी
विशेषज्ञ का मानना है कि आकाशीय बिजली प्राकृतिक आपदाओं में सबसे घातक घटनाओं में से एक है। थोड़ी सी सावधानी कई बार बड़ी खरीदारी को टाला जा सकता है। यदि मौसम अचानक खराब लगे, तूफान की तेज चमक होने लगे या बिजली चमकने लगे तो खुले में काम करने पर तत्काल रोक लगा देनी चाहिए। किसानों और लाइसेंस में काम करने वाले मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
प्रीति की मृत्यु समय पर एक बार फिर यह याददाश्त बनी रहती है कि खेती-किसानी के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। इस अनियमित घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और हर किसी की मौत पर यही सवाल है कि काश सीजन में ही लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाते तो शायद एक युवा जीवन बच सकता था।








