अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई डबल मर्डर केस में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो युवकों की हत्या के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि संडीला क्षेत्र में हुई इस जघन्य वारदात की असली वजह एक युवती और मृतक अरुण चौरसिया के बीच चल रहा प्रेम प्रसंग था। इसी रिश्ते को लेकर पैदा हुई नाराजगी ने दो दोस्तों की जान ले ली। पुलिस ने मामले में दो वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन बाल अपचारियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जा रही है। सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने हत्या की पूरी कहानी सामने रखी है।
प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ विवाद, हत्या तक पहुंची रंजिश
पुलिस के अनुसार, एक बाल अपचारी अपनी बहन और अरुण चौरसिया के बीच लगातार हो रही बातचीत से नाराज था। उसने कई बार अरुण को अपनी बहन से दूरी बनाने की चेतावनी दी थी। परिजनों और परिचितों ने भी अरुण को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के बीच संपर्क बना रहा।
समय के साथ यह नाराजगी गहरी होती गई और आखिरकार आरोपियों ने अरुण को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। इस साजिश में अरुण का दोस्त अभिषेक भी अनजाने में फंस गया और उसे भी अपनी जान गंवानी पड़ी।
दो दिन पहले से तैयार की गई थी खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या की योजना वारदात से दो दिन पहले ही तैयार कर ली गई थी। मुख्य साजिशकर्ता बाल अपचारी ने अपने साथी प्रमोद और कुलदीप के साथ मिलकर खेत से एक लंबा बांस काटा और उससे दो मजबूत डंडे तैयार किए। बाद में इन्हें निर्माणाधीन पानी की टंकी के पास छिपा दिया गया ताकि वारदात के समय उनका इस्तेमाल किया जा सके।
आरोपियों ने पहले ही तय कर लिया था कि दोनों दोस्तों को किसी बहाने सुनसान स्थान पर बुलाकर हत्या को अंजाम दिया जाएगा।
कोल्ड ड्रिंक पार्टी के बहाने बुलाया
29 जुलाई की शाम प्रमोद ने अरुण और अभिषेक को कोल्ड ड्रिंक पार्टी करने का निमंत्रण दिया। दोनों दोस्तों को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और वे उसके साथ चल पड़े।
रास्ते में सभी ने मिलकर कोल्ड ड्रिंक, नमकीन और प्लास्टिक के गिलास खरीदे। इसके बाद वे निर्माणाधीन इमारत की छत पर पहुंचे, जहां करीब एक घंटे तक सामान्य बातचीत और पार्टी चलती रही। दोनों युवकों को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके लिए नीचे मौत इंतजार कर रही है।
पुलिस से बचने का तरीका भी पहले ही जानना चाहते थे आरोपी
पूछताछ में सामने आया कि पार्टी के दौरान प्रमोद ने अभिषेक से बातचीत के बीच यह सवाल किया कि यदि कोई हत्या कर दे तो पुलिस की गिरफ्त से बचने का सबसे आसान तरीका क्या हो सकता है।
अभिषेक को यह बिल्कुल नहीं पता था कि उसी की हत्या की योजना बनाई जा चुकी है। उसने सामान्य बातचीत में सलाह दी कि वारदात के समय मोबाइल फोन बंद नहीं करना चाहिए। यदि मोबाइल किसी दूसरे व्यक्ति के पास रहे और वह लगातार सामान्य बातचीत करता रहे तो पुलिस को वास्तविक लोकेशन का पता लगाने में कठिनाई हो सकती है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद ठीक इसी योजना को अपनाया। उन्होंने अपने मोबाइल फोन अपने भाइयों के पास छोड़ दिए और उन्हें फोन चालू रखने के लिए कहा, ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।
नीचे उतरते ही शुरू हो गया जानलेवा हमला
करीब एक घंटे बाद सभी लोग इमारत से नीचे उतरे। पहले से तय योजना के मुताबिक मुख्य आरोपी ने छिपाकर रखे गए बांस के डंडे से अरुण के सिर पर लगातार कई वार किए।
अचानक हुए हमले से घबराकर अभिषेक जान बचाने के लिए भागा, लेकिन अन्य आरोपियों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद सभी ने मिलकर दोनों युवकों पर बांस के डंडों, ईंटों और पत्थरों से बेरहमी से हमला किया।
पुलिस के मुताबिक, जब आरोपियों ने देखा कि अरुण की सांसें अभी भी चल रही हैं, तब उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए उसके चेहरे पर तमंचे से गोली मार दी गई। वारदात के बाद दोनों के मोबाइल फोन लेकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
सर्विलांस और तकनीकी जांच से खुला पूरा राज
जांच के दौरान पुलिस को पहला महत्वपूर्ण सुराग मृतक अरुण के परिजनों से मिला। उन्होंने बताया कि अरुण घर से निकलते समय प्रमोद के साथ पार्टी में जाने की बात कहकर गया था।
इसके बाद पुलिस ने प्रमोद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। डिजिटल साक्ष्यों ने आरोपियों के बयानों की भी पुष्टि कर दी।
हत्या में इस्तेमाल तमंचा और अन्य सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया तमंचा, कारतूस का खोखा, दोनों मृतकों के मोबाइल फोन, बांस के डंडे तथा पार्टी में इस्तेमाल किया गया सामान बरामद कर लिया है। सभी बरामद वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
आरोपियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। गिरफ्तार वयस्क आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि तीनों बाल अपचारियों के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
हरदोई डबल मर्डर केस ने एक बार फिर यह साबित किया है कि निजी रिश्तों और प्रेम प्रसंग को लेकर पैदा होने वाला विवाद यदि समय रहते नहीं सुलझाया जाए तो वह भयावह अपराध का रूप ले सकता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सर्विलांस और वैज्ञानिक जांच के कारण इस जघन्य दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया और पूरी साजिश बेनकाब हो गई।

























