सामाजिक चेतना
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शख्शियत
अल्हड़ चेहरे के पीछे खड़ा एक शांत हिमालय ; जोगिंदर सिंह ‘कालू’
जीवनगाथा | अनिल अनूप✍️ जनगणदूत चौदह वर्षों की आत्मीय अनुभूति एवं प्रत्यक्ष अनुभव के आधार पर वरिष्ठ लेखक एवं संपादक…
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बहादुरगढ़
हरियाणा में गौ-रक्षा की शुरुआत : संघर्ष, सामाजिक चेतना और सरकारी हस्तक्षेप की पूरी कहानी
जोगेंद्र सिंह उर्फ कालू छारा हरियाणा में गौ-रक्षा की शुरुआत अचानक जन्मी कोई प्रतिक्रिया नहीं है। इसकी जड़ें सामाजिक अनुभव,…
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पनगोत्रा की चिट्ठी
पनगोत्रा की चिट्ठी ; धर्म, अध्यात्म और जागरूकता : क्या करोड़ों अनुयायी समाज को बेहतर बना पाए हैं?
✍️ केवल कृष्ण पनगोत्रा (स्वतंत्र लेखक-पत्रकार) “हर गली में खुदाओं की भीड़ देखकर!असली खुदा मेरे घर से चला गया!!” प्रिय…
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विचार
गलती और इरादे का अंतर : क्यों बुरी नीयत को माफी नहीं, प्रतिकार मिलना चाहिए
-केवल कृष्ण पनगोत्रा गलती और इरादे का अंतर समझना आज के समय की एक बड़ी सामाजिक और नैतिक आवश्यकता है।…
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समीक्षा
“कवितांजलि” : संवेदनाओं, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों का सजग काव्य-दर्पण
समीक्षक : अनिल अनूप हिंदी साहित्य की समकालीन काव्यधारा में जब संवेदनाओं का क्षरण, सामाजिक विघटन और मानवीय मूल्यों का…
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