देवरिया

पंचमुखी हनुमान मंदिर का 16वां स्थापना दिवसोत्सव 9-10 जुलाई को, अष्टयाम, हवन, शोभायात्रा और महाप्रसाद होंगे आकर्षण

मझौली राज में दो दिवसीय धार्मिक आयोजन की तैयारियां पूरी, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की अपील

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

मझौली राज/सलेमपुर (देवरिया)। देवरिया जिले के मझौली राज स्थित आदिशक्ति माँ भगड़ा भवानी मंदिर परिसर में स्थापित प्रसिद्ध श्री श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर का 16वां स्थापना दिवसोत्सव इस वर्ष 9 और 10 जुलाई को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। दो दिवसीय इस आयोजन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। आयोजकों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसके मद्देनजर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

मंदिर समिति के अनुसार यह स्थापना दिवस केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण उत्सव बन चुका है। इस आयोजन में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के जिलों से भी श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

पंचमुखी हनुमान मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता

स्थानीय लोगों के अनुसार मझौली राज स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर लंबे समय से आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा, विश्वास और भक्ति भाव से यहां नियमित पूजा-अर्चना करते हैं, उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि प्रत्येक मंगलवार, शनिवार और विशेष धार्मिक अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि पंचमुखी स्वरूप में विराजमान हनुमान जी की आराधना करने से जीवन के संकट दूर होते हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। स्थापना दिवस के अवसर पर यह आस्था और भी अधिक दिखाई देती है।

9 जुलाई से शुरू होगा अष्टयाम

आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 9 जुलाई को सुबह 9 बजे मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ अष्टयाम का शुभारंभ होगा। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और अखंड धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु भगवान की आराधना करेंगे।

अष्टयाम के दौरान पूरे वातावरण में भक्ति का रस प्रवाहित होगा। श्रद्धालु लगातार मंदिर परिसर में उपस्थित रहकर पूजा-अर्चना करेंगे और भगवान श्रीराम तथा हनुमान जी के नाम का संकीर्तन करेंगे। धार्मिक कार्यक्रमों में क्षेत्र के विद्वान आचार्य एवं पुरोहित भी शामिल रहेंगे।

10 जुलाई को होगा हवन-यज्ञ और पूर्णाहुति

स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन 10 जुलाई को सुबह 10 बजे वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु यज्ञ में आहुति देकर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलकामना की प्रार्थना करेंगे।

धार्मिक मान्यता के अनुसार यज्ञ और हवन से वातावरण की शुद्धि होती है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष स्थापना दिवस के दौरान इस अनुष्ठान का विशेष आयोजन किया जाता है।

नगर के प्रमुख मार्गों से निकलेगी भव्य शोभायात्रा

समारोह का सबसे आकर्षक आयोजन 10 जुलाई को दोपहर 1 बजे निकलने वाली भव्य शोभायात्रा होगी। यह शोभायात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी।

निर्धारित मार्ग के अनुसार शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से निकलकर टेढ़ी मोहल्ला, शाही चौक, हनुमान मंदिर, मुख्य चौराहा, किला चौराहा होते हुए बाबा दीर्घेश्वरनाथ मंदिर तक पहुंचेगी। इसके बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर लौटेगी।

यात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन, जयकारों और धार्मिक ध्वजों के साथ भगवान की भक्ति में सराबोर दिखाई देंगे। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं के स्वागत और दर्शन की विशेष व्यवस्था भी की जाएगी।

शाम को होगा महाप्रसाद वितरण

सभी धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद 10 जुलाई को शाम 5 बजे श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि प्रसाद ग्रहण करने के लिए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है और इसके लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

महाप्रसाद वितरण को लेकर स्वयंसेवकों की टीम भी बनाई गई है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचने की अपील

मंदिर समिति एवं आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों सहित सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस दो दिवसीय धार्मिक आयोजन में परिवार सहित शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। समिति का कहना है कि स्थापना दिवस उत्सव सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस वर्ष भी पिछले वर्षों की तरह हजारों श्रद्धालु कार्यक्रम में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाएंगे। मंदिर परिसर में सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का यह भव्य आयोजन एक बार फिर मझौली राज को भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगने के लिए तैयार है। दो दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में अष्टयाम, हवन-यज्ञ, शोभायात्रा और महाप्रसाद जैसे कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

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