निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी राहत, ऑनलाइन पंजीकरण शुरू ; सात कल्याणकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
आजमगढ़ मंडल में 7.70 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक, पिछले वर्ष 18.82 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता वितरित
जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट
आजमगढ़ मंडल के निर्माण श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पात्र निर्माण श्रमिकों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे श्रमिक, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिनों तक निर्माण कार्य अथवा मनरेगा के अंतर्गत कार्य किया है, वे स्वयं अधिकृत पोर्टल या निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद श्रमिकों को बोर्ड द्वारा संचालित सात प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नियमानुसार मिलेगा।
श्रम आयुक्त कार्यालय के अनुसार सरकार का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व, विवाह, पेंशन तथा दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कौन करा सकता है पंजीकरण
निर्माण कार्य से जुड़े ऐसे श्रमिक जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच है और जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य या मनरेगा के तहत काम किया है, वे पंजीकरण के पात्र हैं। श्रमिक उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट www.upbocw.in पर स्वयं आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा जनसेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से भी ऑनलाइन पंजीकरण कराया जा सकता है।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
पंजीकरण के समय श्रमिक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, नामिनी का आधार कार्ड तथा पिछले एक वर्ष में 90 दिन कार्य करने का प्रमाण पत्र अथवा स्व-घोषणा पत्र आवश्यक होगा।
पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क
श्रम विभाग ने पंजीकरण शुल्क मात्र 20 रुपये निर्धारित किया है। वार्षिक नवीनीकरण शुल्क भी 20 रुपये है। यदि कोई श्रमिक तीन वर्ष के लिए एक साथ नवीनीकरण कराना चाहता है तो उसे कुल 80 रुपये ऑनलाइन जमा करने होंगे, जिसमें पंजीकरण शुल्क और तीन वर्ष का नवीनीकरण शुल्क शामिल होगा।
मातृत्व, शिशु एवं बालिका सहायता योजना
पंजीकरण के एक वर्ष बाद पात्र श्रमिक इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके तहत पुरुष पंजीकृत श्रमिकों को 6 हजार रुपये तथा महिला श्रमिकों को तीन माह के न्यूनतम वेतन के बराबर सहायता राशि दी जाती है। पुत्र जन्म पर 20 हजार रुपये और पुत्री जन्म पर 25 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। पहली और दूसरी पुत्री के लिए विशेष आर्थिक सहायता तथा दिव्यांग पुत्री के लिए 18 वर्ष की सावधि जमा योजना भी लागू है।
संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना
पंजीकृत श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को कक्षा एक से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। विभिन्न कक्षाओं के अनुसार सहायता राशि निर्धारित है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बाद अगली कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने के लिए साइकिल खरीदने हेतु भी सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है।
अटल आवासीय विद्यालय योजना
जो निर्माण श्रमिक कम से कम तीन वर्ष तक बोर्ड के पंजीकृत सदस्य बने रहते हैं, उनके बच्चों को अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत आने वाले निराश्रित बच्चों को भी इसका लाभ दिया जाता है।
कन्या विवाह सहायता योजना
पंजीकरण के एक वर्ष बाद पात्र निर्माण श्रमिक अपनी दो पुत्रियों के विवाह के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सामान्य विवाह पर 65 हजार रुपये, अंतर्जातीय विवाह पर 75 हजार रुपये तथा सामूहिक विवाह पर 85 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। इसके लिए कन्या की आयु 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है।
गंभीर बीमारी सहायता योजना
पंजीकृत निर्माण श्रमिक यदि सरकारी, स्वायत्तशासी अथवा सूचीबद्ध अस्पतालों में गंभीर बीमारी का इलाज कराते हैं तो उन्हें आयुष्मान भारत योजना के अनुरूप चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति का लाभ प्रदान किया जाता है।
निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना
इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को मासिक आर्थिक सहायता के साथ एकमुश्त अनुदान दिया जाता है। सामान्य मृत्यु की स्थिति में भी सहायता का प्रावधान है। कार्यस्थल पर अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने पर भी आश्रितों को एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है। स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में दिव्यांगता के प्रतिशत के अनुसार कई वर्षों तक मासिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
महात्मा गांधी पेंशन योजना
लगातार दस वर्ष तक पंजीकृत सदस्य रहने वाले पात्र निर्माण श्रमिकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। प्रत्येक दो वर्ष बाद पेंशन राशि में 50 रुपये की वृद्धि का प्रावधान है, जो अधिकतम 1,250 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है। श्रमिक की मृत्यु होने पर यह पेंशन उसके पति या पत्नी को भी प्रदान की जाती है।
आजमगढ़ मंडल में लाखों श्रमिकों को मिल रहा लाभ
श्रम विभाग के अनुसार आजमगढ़, मऊ और बलिया जनपदों को मिलाकर आजमगढ़ मंडल में वर्तमान समय में 7,70,267 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र श्रमिकों को 18 करोड़ 82 लाख 84 हजार 237 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
पात्र श्रमिकों से पंजीकरण कराने की अपील
श्रम विभाग ने आजमगढ़ मंडल के सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से अपील की है कि वे अधिकृत पोर्टल www.upbocw.in अथवा अपने निकटतम जनसेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण कराएं और बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए संबंधित जनपद के श्रम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि अधिकाधिक निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण से उन्हें सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा और जरूरत पड़ने पर शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व, विवाह, दुर्घटना सहायता तथा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।









