लखनऊ

मुस्कुराने की वजह मिल गई! लखनऊ मेट्रो ने महिलाओं के लिए शुरू की खास सेवा

महिलाओं को मिलेगी मुफ्त राइड सुविधा, व्हाट्सएप से होगी आसान बुकिंग

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ की महिलाओं और छात्राओं के लिए एक खास पहल की शुरुआत की गई है। महिलाओं की सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने नई ‘मायदीदी’ सेवा शुरू की है। इस अनूठी पहल के तहत महिला यात्रियों को मेट्रो स्टेशन से उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष ईवी बाइक सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी सबसे खास बात यह है कि बाइक चलाने वाली राइडर भी महिला होगी और यात्री भी महिला ही होंगी।

इस सेवा का शुभारंभ 5 जून को किया गया और शुरुआती चरण में इसे 13 जून 2026 तक पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। इस दौरान महिलाएं बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगी। मेट्रो प्रशासन का मानना है कि यह पहल महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सार्वजनिक परिवहन के प्रति भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता

लखनऊ मेट्रो प्रशासन लंबे समय से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नई-नई योजनाएं लागू करता रहा है। इसी क्रम में ‘मायदीदी’ सेवा को विशेष रूप से महिला यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि यह सेवा महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि अक्सर मेट्रो स्टेशन से अंतिम गंतव्य तक पहुंचने में महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सेवा शुरू की गई है।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था में महिला यात्रियों को महिला राइडर द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक बाइक पर उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा और विश्वास दोनों बढ़ेंगे।

चार प्रमुख मेट्रो स्टेशनों से शुरू हुई सेवा

फिलहाल इस सुविधा की शुरुआत लखनऊ के चार प्रमुख और व्यस्त मेट्रो स्टेशनों से की गई है। इनमें शामिल हैं—

  • कृष्णा नगर मेट्रो स्टेशन
  • विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन
  • आईटी कॉलेज मेट्रो स्टेशन
  • भूतनाथ मेट्रो स्टेशन

इन चारों स्टेशनों पर छह-छह इलेक्ट्रिक बाइक तैनात की गई हैं। यात्रियों को स्टेशन परिसर में लगाए गए विशेष क्यूआर कोड स्कैनर को स्कैन करना होगा, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में उनकी राइड बुक हो जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और सरल रखी गई है ताकि महिलाएं बिना किसी परेशानी के इस सुविधा का उपयोग कर सकें।

व्हाट्सएप से भी होगी राइड बुकिंग

नई सेवा की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसकी डिजिटल बुकिंग व्यवस्था है। यात्रियों को अलग से कोई जटिल प्रक्रिया पूरी नहीं करनी होगी। वे सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से भी अपनी राइड बुक कर सकेंगी।

इससे खासकर छात्राओं, नौकरीपेशा महिलाओं और वरिष्ठ नागरिक महिलाओं को काफी सुविधा मिलेगी। मोबाइल फोन के जरिए कुछ क्लिक में बुकिंग होने से समय की बचत होगी और स्टेशन के बाहर वाहन तलाशने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

13 जून तक पूरी तरह मुफ्त रहेगा सफर

UPMRC ने इस सेवा को लोकप्रिय बनाने और अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने के लिए शुरुआती चरण में इसे निशुल्क रखने का निर्णय लिया है।

5 जून से शुरू हुई यह सुविधा 13 जून 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी। इस अवधि के दौरान महिला यात्रियों को किसी भी प्रकार का किराया नहीं देना होगा। मेट्रो प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं इस सेवा का अनुभव करें और भविष्य में नियमित रूप से इसका उपयोग करें।

बाद में मात्र 15 रुपये में मिलेगा लाभ

मेट्रो प्रशासन के अनुसार प्रारंभिक प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद भी यह सेवा बेहद किफायती रहेगी। मेट्रो स्टेशन से पांच किलोमीटर तक की दूरी के लिए महिला यात्रियों को केवल 15 रुपये का भुगतान करना होगा। मौजूदा ऑटो और अन्य परिवहन सेवाओं की तुलना में यह शुल्क काफी कम माना जा रहा है। इससे छात्राओं, कार्यालय जाने वाली महिलाओं और दैनिक यात्रियों को आर्थिक रूप से भी राहत मिलेगी।

पहली महिला यात्रियों को मिला विशेष सम्मान

सेवा के शुभारंभ दिवस को यादगार बनाने के लिए मेट्रो प्रशासन ने एक विशेष पहल भी की। 5 जून को इस सेवा का उपयोग करने वाली पहली 10 महिला यात्रियों को विशेष उपहार प्रदान किए गए। इस कदम का उद्देश्य महिलाओं को नई सुविधा के प्रति आकर्षित करना और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना था।

पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी है पहल

‘मायदीदी’ सेवा केवल महिला सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध पर्यावरण संरक्षण से भी है। इस सेवा में उपयोग की जा रही सभी बाइक इलेक्ट्रिक हैं, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इस योजना का शुभारंभ इसी संदेश के साथ किया गया कि सुरक्षित और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था भविष्य की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी सेवाओं का विस्तार किया गया तो शहरों में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान मिल सकता है।

हजारों महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ

लखनऊ मेट्रो में प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्राएं यात्रा करती हैं। अनुमान है कि लगभग 88 हजार महिला यात्री रोजाना मेट्रो सेवाओं का उपयोग करती हैं।

ऐसे में यह नई सुविधा हजारों महिलाओं के लिए राहत लेकर आई है। विशेष रूप से कॉलेज और विश्वविद्यालय जाने वाली छात्राओं को स्टेशन से संस्थान या घर तक पहुंचने में काफी सहूलियत मिलेगी। साथ ही देर शाम यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए भी यह सेवा सुरक्षा के लिहाज से बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

लखनऊ मेट्रो की ‘मायदीदी’ सेवा केवल एक परिवहन सुविधा नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक नया मॉडल बनकर उभर रही है। महिला राइडर्स को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ यह सेवा महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा भी दे रही है।

यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में इसे शहर के अन्य मेट्रो स्टेशनों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। इससे न केवल महिलाओं की यात्रा आसान होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और महिला रोजगार के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

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