देवरिया

टीजीटी परीक्षा पर प्रशासन की पैनी नजर : डीएम मधुसूदन हुल्गी ने कई केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, पारदर्शिता पर दिया विशेष जोर

परीक्षा की शुचिता सर्वोपरि, किसी भी अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। जनपद में आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। इसी क्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने परीक्षा के प्रथम सत्र के दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा की शुचिता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी के अचानक पहुंचे निरीक्षण से परीक्षा केंद्रों पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में सक्रियता दिखाई दी। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की उपस्थिति तथा निगरानी प्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

निष्पक्ष परीक्षा कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना शासन और प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर सभी निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता अथवा अवैधानिक गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक अभ्यर्थी को निष्पक्ष अवसर मिले और परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।

कई प्रमुख परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण

जिलाधिकारी ने निरीक्षण अभियान के दौरान जनपद के कई महत्वपूर्ण परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। इनमें एस.एस.बी.एल. इंटर कॉलेज, दीना नाथ पांडेय राजकीय महिला पीजी कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज तथा महाराजा अग्रसेन बालिका इंटर कॉलेज शामिल रहे।

इन केंद्रों पर पहुंचकर उन्होंने परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया, सुरक्षा प्रबंधन तथा निगरानी तंत्र की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही हों।

सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच

जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कैमरे सक्रिय स्थिति में रहें और परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जाए।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से परीक्षा की पारदर्शिता को और मजबूत बनाया जा सकता है। इसलिए निगरानी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही सुरक्षा कर्मियों को भी पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए गए ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि की संभावना न रहे।

प्रवेश व्यवस्था और अभ्यर्थियों की सुविधाओं पर भी दिया ध्यान

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से पूछा कि अभ्यर्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया किस प्रकार की जा रही है और कहीं अनावश्यक भीड़ अथवा अव्यवस्था तो नहीं है।

उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर आने वाले अभ्यर्थियों को सुगम एवं व्यवस्थित प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पहचान पत्रों की जांच तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन पूरी गंभीरता के साथ किया जाए। किसी भी अभ्यर्थी को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

टीम भावना से कार्य करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों से कहा कि परीक्षा का सफल संचालन सामूहिक प्रयास से ही संभव है। उन्होंने सभी को टीम भावना के साथ कार्य करने तथा अपने दायित्वों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल परीक्षा संपन्न कराना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना है जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे। पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

शासन की मंशा के अनुरूप हो परीक्षा संचालन

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ संपन्न कराना है। इसके लिए जनपद स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित की गई हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे परीक्षा समाप्त होने तक पूरी सतर्कता बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।

उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन, सुरक्षा और पारदर्शिता के उच्च मानक कायम रखना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि कहीं भी नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

अभ्यर्थियों में दिखा सकारात्मक माहौल

परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, समयबद्ध प्रवेश और निगरानी तंत्र को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला। प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों से परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न होती दिखाई दी। जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण ने यह संदेश भी दिया कि जिला प्रशासन परीक्षा की शुचिता को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगा।

टीजीटी परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी द्वारा विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण प्रशासन की सजगता और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंधों की समीक्षा कर उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि परीक्षा पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। जिला प्रशासन की सक्रिय निगरानी से अभ्यर्थियों में भी विश्वास का माहौल मजबूत हुआ है।

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