देवरिया

तेज रफ्तार बाइक का कहर : सड़क किनारे टहल रही महिला की मौत, चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया

रामपुर बुजुर्ग मार्ग पर दर्दनाक हादसा, एक महिला की मौत, दूसरी घायल

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जनपद के बनकटा थाना क्षेत्र में बुधवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। रतसिया-रामपुर बुजुर्ग मार्ग पर सड़क किनारे टहल रही महिलाओं को एक तेज रफ्तार बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में मातम का माहौल है और मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

शाम की सैर बनी जिंदगी की आखिरी यात्रा

प्राप्त जानकारी के अनुसार पकड़ी नरहियां गांव की रहने वाली नीतू देवी (32 वर्ष) बुधवार की शाम अपनी परिचित महिलाओं के साथ टहलने निकली थीं। उनके साथ संगीता देवी समेत कुल पांच महिलाएं गांव से रामपुर बुजुर्ग की ओर पैदल जा रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिलाएं सड़क के किनारे चल रही थीं कि तभी पीछे से तेज गति से आ रही एक बाइक अनियंत्रित होकर उन पर चढ़ गई।

यह हादसा रामपुर बुजुर्ग गांव में शिवबालक राम के घर के सामने हुआ। बाइक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि नीतू देवी और संगीता देवी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों को उठाया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल नीतू देवी को उनके परिजन तत्काल बिहार के मैरवा रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

दूसरी घायल महिला संगीता शर्मा का उपचार बनकटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, घटना के दौरान सड़क किनारे खड़े एक युवक के भी घायल होने की चर्चा है, हालांकि उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

नशे में बाइक चलाने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि बाइक चालक प्रकाश लाल श्रीवास्तव अपने एक साथी के साथ रामपुर बुजुर्ग की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक काफी तेज गति में थी और चालक नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था। इसी दौरान उसने महिलाओं को टक्कर मार दी।

हादसे में बाइक चालक प्रकाश लाल श्रीवास्तव और उसके साथ बैठा व्यक्ति भी घायल हो गए। घायल चालक का इलाज जिला अस्पताल देवरिया में चल रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

चार मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया

इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका नीतू देवी अपने पीछे चार छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। परिवार के अनुसार उनके दो पुत्र अभय कुमार (7 वर्ष) और पूरब शर्मा (5 वर्ष) हैं, जबकि दो पुत्रियां खुशबू कुमारी (13 वर्ष) और जागृति कुमारी (10 वर्ष) हैं।

मां की अचानक मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और लोग इस परिवार के दुख में सहभागी बने हुए हैं।

रोजगार की तलाश में बाहर गए पति को मिली मौत की खबर

परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी और अधिक दुखद बन गया क्योंकि मृतका के पति कुछ दिन पहले ही रोजगार की तलाश में नागपुर गए थे। बताया जा रहा है कि वह महज तीन दिन पहले घर से निकले थे। पत्नी की मौत की सूचना मिलते ही वह तत्काल घर लौटने के लिए रवाना हो गए।

परिजनों के अनुसार वह ट्रेन से वापस आ रहे हैं और उनके शुक्रवार तक घर पहुंचने की संभावना है। गांव के लोगों का कहना है कि पति के पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

घटना के बाद पकड़ी नरहियां गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतका के घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। परिजन रामकेवल शर्मा, राजू कुमार शर्मा, रामअवध शर्मा समेत अन्य स्वजन गहरे सदमे में हैं। गांव की महिलाओं और बुजुर्गों ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों का आवागमन होता है और कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना की सूचना मिलने पर बनकटा पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार मौर्य ने बताया कि सड़क दुर्घटना में एक महिला की मृत्यु हुई है। बाइक चालक भी गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज चल रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर सड़क किनारे पैदल चलने वालों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पाती, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो तथा प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाए तो ऐसी दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

फिलहाल पूरे क्षेत्र की संवेदनाएं मृतका के परिवार के साथ हैं। चार मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ जाना और पति का रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर होना इस हादसे को और अधिक मार्मिक बना देता है।

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