संजय सिंह राणा की रिपोर्ट
चित्रकूट। पीएम पोषण योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के सम्मान में मंदाकिनी अतिथि गृह, कालूपुर में विशेष समारोह आयोजित किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचीं रसोइयों को सरकार की ओर से बढ़े मानदेय, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना बीमा और साड़ी के लिए बढ़ाई गई धनराशि से जुड़े प्रतीकात्मक चेक व कार्ड वितरित किए गए। पीएम श्री विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को एप्रेन भी प्रदान किए गए।
रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री की ओर से घोषित इन सुविधाओं और उपहारों को पाकर रसोइयों में खासा उत्साह दिखाई दिया। समारोह के दौरान कई रसोइयाएं सरकार की ओर से मिली सुविधाओं को अपने सम्मान और कार्य की पहचान से जोड़कर देखती नजर आईं।
पूजा-अर्चना से हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिया।
पीएम श्री कछारपुरवा कंपोजिट विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला की प्रेरणा से तैयार किए गए स्वनिर्मित ओडीओपी उत्पाद अतिथियों को भेंट किए। छात्राओं की इस रचनात्मक प्रस्तुति और मेहनत की अतिथियों ने जमकर सराहना की। बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए उन्हें पांच हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया गया।
रसोइयों के लिए बढ़ीं कई सुविधाएं
समारोह में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पीएम पोषण योजना के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से रसोइयों के मानदेय में वृद्धि, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना बीमा तथा साड़ी के लिए दी जाने वाली धनराशि में बढ़ोतरी को उनके कार्य के प्रति सम्मान के रूप में बताया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को रक्षाबंधन के अवसर पर चार महत्वपूर्ण उपहार दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि रसोइयों के मानदेय में वृद्धि की गई है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा के तहत पांच लाख रुपये तक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जबकि दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये के बीमा की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा साड़ी के लिए मिलने वाली धनराशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये किया गया है।
इन घोषणाओं का उल्लेख करते हुए अशोक जाटव ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान मौजूद रसोइयों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे भी लगाए।
रसोइयों का नाम ‘अन्नपूर्णा माता’ रखने की मांग
जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों का काम केवल भोजन पकाने तक सीमित नहीं है। वे बच्चों के पोषण और विद्यालयी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि वह रसोइयों के पदनाम को बदलकर ‘अन्नपूर्णा मां’ किए जाने के लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रस्ताव को रसोइयों के कार्य और उनके सामाजिक सम्मान से जोड़कर देखा गया।
बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन देने पर जोर
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अनेक योजनाओं के माध्यम से विद्यालयों की व्यवस्था को मजबूत कर रही है। विद्यालयों में संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी बेटी सिया धनुष चौराहा स्थित विद्यालय के आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती है। वहां मिलने वाले भोजन को वह काफी पसंद करती है और कई बार घर के भोजन की अपेक्षा विद्यालय में मिलने वाले एमडीएम भोजन को अधिक चाव से खाती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना रसोइयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सरकार ने रसोइयों के मानदेय में वृद्धि करने के साथ पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई है। साड़ी के लिए दी जाने वाली धनराशि को दोगुना किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार रसोइयों के हितों और सम्मान का ध्यान रख रही है, उसी तरह रसोइयों को भी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना चाहिए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कर्तव्यनिष्ठा का दिलाया संकल्प
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला ने समारोह में पहुंचे सभी जनप्रतिनिधियों और अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के लिए अनेक योजनाओं और संसाधनों के माध्यम से महत्वपूर्ण सहयोग उपलब्ध कराया है।
उन्होंने शिक्षकों और रसोइयों से सरकार की मंशा के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि विद्यालयों की व्यवस्था और बच्चों के हितों से जुड़े प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
रसोइयों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए भोजन तैयार करते समय गुणवत्ता में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। बदलते डिजिटल दौर और नई तकनीकों के बीच भोजन को पौष्टिक, स्वादिष्ट और बच्चों के लिए अधिक आकर्षक बनाने के नए तरीकों पर भी विचार किया जा सकता है।
बड़ी संख्या में अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
सम्मान समारोह में कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, भाजपा नेता शक्ति प्रताप सिंह तोमर, शिवाकांत पांडेय, सुशील द्विवेदी, सहायक वित्त एवं लेखा अधिकारी समग्र शिक्षा शशांक शेखर, खंड शिक्षा अधिकारी अतुल दत्त तिवारी, एनपी सिंह, श्रम उपायुक्त आरके गुप्ता, एमडीएम प्रभारी ज्ञानेंद्र मिश्रा, जिला समन्वयक पुष्पेंद्र कुमार, रजनीश कन्नौजिया, हरिकांत, संतोष साहू, मुकेश कुमार, श्याम सुंदर यादव और सत्येंद्र बाबू सहित शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय कछारपुरवा की प्रधानाध्यापिका रचना यादव, विद्यासागर सिंह, ममता सिंह, प्रियंका द्विवेदी सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने भी समारोह में सहभागिता की।
सम्मान और सुविधाओं से बढ़ा उत्साह
समारोह के दौरान रसोइयों को प्रतीकात्मक चेक और कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए जाने के साथ पीएम श्री विद्यालयों की रसोइयों को एप्रेन दिए गए। सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं और सम्मान को लेकर रसोइयों में उत्साह दिखाई दिया।
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि पीएम पोषण योजना में भोजन तैयार करने वाली रसोइयां विद्यालय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। बच्चों को समय पर पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका सीधे तौर पर विद्यालयों में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी है।
समारोह का संचालन साकेत बिहारी शुक्ला और सिया रानी ने किया। कार्यक्रम के समापन तक रसोइयों और अतिथियों के बीच उत्साह का माहौल बना रहा।

























