रिपोर्ट : संजय सिंह राणा
चित्रकूट। पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को एक साथ जोड़ते हुए चित्रकूट में हरिशंकरी पौधरोपण अभियान को व्यापक रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक भारती और जिला प्रशासन के संयुक्त दिशा-निर्देशन में विकासखंड मानिकपुर परिसर, नगर पंचायत की गौशाला तथा तुलसी धाम राजापुर में तैयारी बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में ग्राम प्रधानों, रोजगार सेवकों, सभासदों और ब्लॉक तथा नगर पंचायत के कर्मचारियों को हरिशंकरी पौधरोपण की उपयोगिता, विधि और पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
अभियान के तहत आगामी 2 सितंबर को हर गांव और हर वार्ड में उत्सव के रूप में हरिशंकरी पौधरोपण किए जाने की योजना है। प्रशासन और लोक भारती की ओर से इसे केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रखने, बल्कि धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर जनअभियान बनाने पर जोर दिया गया है।
धार्मिक आस्था के साथ होगा हरिशंकरी पौधरोपण
तैयारी बैठक में जिला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि हरिशंकरी पौधरोपण को विधि-विधान और धार्मिक भावना के साथ आयोजित किया जाना चाहिए। पौधरोपण के दौरान गाजे-बाजे, वैदिक मंत्रोच्चारण, भजन-कीर्तन और भूमि पूजन जैसे कार्यक्रमों को शामिल करने की बात कही गई। इसके साथ ही गांव के संभ्रांत नागरिकों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
बैठक के बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए परिसर में ही हरिशंकरी पौधरोपण का प्रदर्शन किया गया। इसमें मौजूद प्रधानों, रोजगार सेवकों, सभासदों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पौधों की स्थापना के साथ-साथ उनके संरक्षण की आवश्यकता का भी संदेश दिया गया।
बरगद, पीपल और पाकड़ को मिले विशेष स्थान
हरिशंकरी पौधरोपण के लिए तीन गड्ढे तैयार कर उन्हें रंगोली से सजाया गया। इसके बाद ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक माने जाने वाले बरगद, पीपल और पाकड़ के पौधे रोपे गए। पौधरोपण की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पूरब दिशा में पीपल, पश्चिम में पाकड़ और उत्तर दिशा में बरगद का पौधा लगाया गया।
मानिकपुर में कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख अरविंद मिश्रा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद द्विवेदी और अधिशासी अधिकारी भारत सिंह ने गाजे-बाजे के साथ विधि-विधान से गौशाला में भूमि पूजन कर किया। वहीं राजापुर में उप जिलाधिकारी पूजा गुप्ता ने हरिशंकरी पौधरोपण की शुरुआत कराई।
पर्यावरण के साथ जल संरक्षण पर भी जोर
हरिशंकरी पौधरोपण जिला समिति के जिला संयोजक कमलाकांत उपाध्याय ने पौधरोपण के धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे वृक्ष धार्मिक आस्था के महत्वपूर्ण प्रतीक होने के साथ ही पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद उपयोगी हैं। इन वृक्षों का विस्तार होने से वातावरण को बेहतर बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद मिल सकती है।
उन्होंने जल संचयन और भूजल पुनर्भरण की दिशा में भी वृक्षों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। अभियान का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि पौधरोपण केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय सुरक्षा का आधार भी है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी पूजा गुप्ता ने कहा कि बरगद, पाकड़ और पीपल ऐसे वृक्ष हैं जो पर्यावरण और मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने हरिशंकरी पौधों को लगाने के साथ उनके संरक्षण और नियमित देखभाल को भी जरूरी बताया।
पौधे लगाने के बाद सुरक्षा की होगी जिम्मेदारी
अभियान की सफलता के लिए पौधरोपण के बाद पौधों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। मानिकपुर के अधिशासी अधिकारी भारत सिंह ने कहा कि हरिशंकरी पौधों के रोपण के बाद उनकी सुरक्षा और देखभाल सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। केवल पौधा लगाकर उसे छोड़ देने से अभियान का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
ब्लॉक प्रमुख अरविंद मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हरिशंकरी पौधरोपण की जिम्मेदारी रोजगार सेवकों को दी जाएगी। वहीं पूर्व चेयरमैन विनोद द्विवेदी ने नगर क्षेत्र में लगाए जाने वाले हरिशंकरी पौधों की सुरक्षा नगर पंचायत की ओर से सुनिश्चित करने की बात कही।
मानिकपुर की गौशाला में पौधरोपण के तत्काल बाद सुरक्षा की दृष्टि से जाली लगाकर पौधे को सुरक्षित करने की पहल भी की गई। इसे पौधरोपण के बाद संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय कदम बताया गया।
गायों को गुड़ खिलाकर दिया सेवा और संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण के बाद उपस्थित लोगों ने गौशाला में गायों को गुड़ खिलाया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, पशु सेवा और सामाजिक सहभागिता को एक-दूसरे से जोड़ने का संदेश दिया गया। आयोजन में मौजूद लोगों ने पौधों की देखभाल और उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प भी लिया।
जिला समन्वयक डॉ. अश्वनी अवस्थी, संतोष मिश्रा, राजीव त्रिपाठी, गुरु प्रकाश शुक्ला, शिव शंकर सिंह, शंकर यादव और आकाशदीप सहित अन्य सदस्यों ने पौधों के संरक्षण को लेकर उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया।
जनभागीदारी से अभियान को सफल बनाने की अपील
कार्यक्रम में एडीओ मोहनलाल सिंह, शिवनरेश सिंह और आशुतोष कुमार सहित ब्लॉक एवं नगर पंचायत मानिकपुर तथा राजापुर के ग्राम पंचायत सचिव, प्रधान, रोजगार सेवक, ब्लॉक कर्मचारी और सभासद मौजूद रहे। सभी ग्राम प्रधानों और सभासदों ने अपने-अपने ग्राम पंचायतों तथा वार्डों में हरिशंकरी पौधरोपण अभियान को गति देने की प्रतिबद्धता जताई।
जिला संयोजक कमलाकांत उपाध्याय ने ग्राम प्रधानों, सभासदों और समाजसेवियों से अधिक से अधिक हरिशंकरी पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से गांवों और नगर क्षेत्रों को हरा-भरा बनाया जा सकता है। अभियान में महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
इस दौरान हरिशंकरी पौधरोपण जिला समिति के पदाधिकारियों के साथ खंड विकास अधिकारी मानिकपुर पवन कुमार, विधायक प्रतिनिधि एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद द्विवेदी, अंजनी कुमार, सच्चिदानंद, दीपक त्रिपाठी, सचिन पाठक, नवीन बाबू, राकेश कुमार, समाज सेवा संस्थान से विजय कुमार और आरती वर्मा, प्रधान केदारनाथ यादव, आशीष स्कूल, राजा सिंह, अधिशासी अधिकारी मानिकपुर भारत सिंह तथा सभी सभासद मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार, 2 सितंबर का हरिशंकरी पौधरोपण अभियान धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और जनभागीदारी को एक मंच पर लाने का प्रयास होगा। यदि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है, तो यह अभियान आने वाले वर्षों में चित्रकूट के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की मजबूत आधारशिला बन सकता है।

























