बारिश से जलभराव, आवागमन ठप; ग्रामीणों ने तत्काल समाधान की उठाई मांग

रिपोर्टर कीरत यादव की तस्वीर के साथ जौनपुर के भाऊपुर–सिरौली मार्ग पर बारिश के बाद हुए जलभराव का दृश्य।

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कीरत यादव की रिपोर्ट

जौनपुर। जिले के रामनगर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भाऊपुर गांव में गुरुवार को हुई रुक-रुक कर बारिश ने एक बार फिर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार हुई वर्षा के कारण भाऊपुर से सिरौली जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़क पर आवागमन लगभग बाधित हो गया है। सड़क के कई हिस्सों में पानी भर जाने से वाहन चालकों, स्कूली छात्रों, किसानों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष मानसून के दौरान सड़क पर पानी भर जाता है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी तेज बारिश भी सड़क को तालाब का रूप दे देती है। ऐसे में स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है या फिर जोखिम उठाकर जलमग्न सड़क से गुजरना पड़ता है।

मुख्य संपर्क मार्ग पर जलभराव से प्रभावित हुआ जनजीवन

भाऊपुर से सिरौली जाने वाला यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लिए प्रमुख संपर्क सड़क माना जाता है। इसी रास्ते से लोग बाजार, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। गुरुवार सुबह से हो रही रुक-रुक कर बारिश के बाद सड़क पर इतना पानी भर गया कि कई स्थानों पर सड़क की सतह पूरी तरह दिखाई देना बंद हो गई।

जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग पानी की गहराई का अनुमान नहीं लगा पाने के कारण वाहन लेकर आगे बढ़ने से बचते दिखाई दिए। वहीं चारपहिया वाहनों को भी धीमी गति से गुजरना पड़ रहा है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

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पैदल चलने वालों और स्कूली बच्चों की बढ़ी चिंता

सड़क पर जमा पानी ने पैदल चलने वालों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल जाने और बुजुर्गों को आवश्यक कार्यों के लिए निकलने में काफी दिक्कत हो रही है। कई जगहों पर पानी के नीचे सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देने से फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि लगातार बारिश जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हर मानसून में सामने आती है वही समस्या

स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस मार्ग पर जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है। बारिश शुरू होते ही सड़क पर पानी जमा होने लगता है और कई दिनों तक निकासी नहीं हो पाती। इसका मुख्य कारण जल निकासी की समुचित व्यवस्था का अभाव बताया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। स्थायी समाधान के अभाव में हर वर्ष लोगों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है।

वाहन चालकों के लिए बना जोखिम भरा सफर

जलभराव के कारण सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में वाहन चालकों को दुर्घटना का डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार बाइक और साइकिल सवार संतुलन खोकर गिर चुके हैं। यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं कराई गई तो किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से आपातकालीन सेवाओं के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। यदि किसी मरीज को अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़े तो जलभराव बड़ी बाधा बन सकता है।

किसानों और ग्रामीणों की दिनचर्या पर पड़ा असर

बरसात के मौसम में गांव के अधिकांश लोग खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे समय सड़क पर जलभराव होने से खेतों तक पहुंचने में भी कठिनाई हो रही है। कृषि कार्यों के अलावा बाजार आने-जाने और आवश्यक सामान लाने में भी लोगों को अतिरिक्त समय और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क और जलभराव की समस्या ग्रामीण विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती है। यदि समय रहते उचित जल निकासी और सड़क सुधार का कार्य कराया जाए तो लोगों को हर वर्ष होने वाली इस परेशानी से राहत मिल सकती है।

स्थायी समाधान की उठी मांग

भाऊपुर गांव के लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क पर जमा पानी की तत्काल निकासी कराई जाए तथा भविष्य में जलभराव रोकने के लिए प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी व्यवस्था तैयार करनी होगी ताकि बरसात के मौसम में सड़क सुरक्षित और सुचारु बनी रहे।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाए और सड़क की मरम्मत के साथ जल निकासी की स्थायी योजना पर जल्द अमल किया जाए।

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प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान कर दिया जाए तो न केवल आवागमन सुचारु होगा, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी और क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी।

भाऊपुर–सिरौली मार्ग पर लगातार हो रहे जलभराव ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान निकलता है।

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Author: यायावर

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