इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के सम्मान, आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इसी क्रम में रविवार को सलेमपुर ब्लॉक सभागार में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किया गया। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का यहां सजीव प्रसारण किया गया। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड और बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरित किए गए।
समारोह में रसोइयों के लिए घोषित नई सुविधाओं को लेकर उत्साह दिखाई दिया। सरकार के फैसले के तहत प्रदेश के 3.53 लाख से अधिक रसोइयों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की पहल की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव उनके मासिक मानदेय में किया गया है। अब रसोइयों को प्रतिमाह 2,000 रुपये के स्थान पर 3,000 रुपये मानदेय मिलेगा। इससे लंबे समय से कम मानदेय में विद्यालयों की भोजन व्यवस्था संभाल रही रसोइयों को कुछ अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मानदेय बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा का भी इंतजाम
रसोइयों के लिए सरकार की घोषणाओं में केवल मानदेय वृद्धि ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गई है। मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत रसोइयों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। समारोह में इसी योजना के तहत चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए।
स्वास्थ्य संबंधी खर्च आज सामान्य परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन चुका है। ऐसे में रसोइयों और उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जोड़ने का फैसला उनके लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है। इससे गंभीर बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा जरूरत के समय परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है।
परिधान अनुदान भी हुआ दोगुना
सरकार ने रसोइयों के परिधान के लिए मिलने वाले अनुदान में भी वृद्धि की है। पहले जहां परिधान के लिए 500 रुपये का अनुदान मिलता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही रक्षाबंधन के अवसर पर रसोइया बहनों को दो साड़ी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
सरकार का यह कदम रसोइयों को केवल योजना से जुड़े कार्यकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि विद्यालयी व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सम्मान देने की कोशिश के तौर पर प्रस्तुत किया गया। विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने से लेकर उसकी स्वच्छता और वितरण तक रसोइयों की भूमिका प्रतिदिन महत्वपूर्ण रहती है।
दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये का बीमा
रसोइयों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से दो लाख रुपये का निःशुल्क दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई है। इससे दुर्घटना की स्थिति में रसोइयों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता खुलेगा।
इसके अलावा मानदेय का भुगतान सीधे रसोइयों के बैंक खातों में किए जाने की व्यवस्था की गई है। प्रत्यक्ष बैंक भुगतान से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ लाभार्थियों तक राशि पहुंचाने में भी सुविधा होगी। सरकार की ओर से घोषित इन उपायों में आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधा और दुर्घटना सुरक्षा को एक साथ जोड़ने का प्रयास दिखाई देता है।
बच्चों के पोषण में रसोइयों की भूमिका अहम : विजय लक्ष्मी गौतम
समारोह की मुख्य अतिथि राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार रसोइया बहनों के सम्मान, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ्य निर्माण में रसोइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने रसोइयों से विद्यालयों में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उनका कहना था कि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
राज्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर रसोइया बहनों को दो साड़ी उपलब्ध कराने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य रसोइयों के सम्मान के साथ उनके जीवन में सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
स्वस्थ बच्चों के निर्माण में रसोइयों का योगदान
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमरेश सिंह ने कहा कि रसोइयों का योगदान केवल भोजन पकाने तक सीमित नहीं है। विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराने के साथ वे उनके स्वस्थ भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से घोषित सुविधाओं से रसोइयों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
खंड विकास अधिकारी रमेश चंद्र मिश्र ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि रसोइयों के हित में लिए गए निर्णय संवेदनशील और दूरदर्शी हैं। उन्होंने कहा कि मानदेय में वृद्धि के साथ चिकित्सा सुविधा और दुर्घटना बीमा मिलने से रसोइयों तथा उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी।
स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर जोर
खंड शिक्षा अधिकारी रामप्यारे राम ने कहा कि मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को सफल बनाने में रसोइयों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से दी गई नई सुविधाएं रसोइयों का मनोबल बढ़ाने के साथ उन्हें अपने कार्य को और बेहतर तरीके से करने के लिए प्रेरित करेंगी।
उन्होंने रसोइयों से रसोईघर की नियमित साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और भोजन वितरण के निर्धारित मानकों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में स्वच्छता और सावधानी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण
सलेमपुर ब्लॉक सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में रसोइयों के लिए घोषित योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी स्थानीय स्तर पर मौजूद रसोइयों एवं शिक्षकों तक पहुंचाई गई।
कार्यक्रम का संचालन गोविन्द मिश्रा ने किया। इस अवसर पर लार के खंड शिक्षा अधिकारी अमित सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अशोक पांडेय, मंडल अध्यक्ष पुनीत यादव, जटाशंकर दूबे, अभिषेक जायसवाल, अनिल ठाकुर और अन्नू सिंह सहित बड़ी संख्या में रसोइया एवं शिक्षक मौजूद रहे।
कुल मिलाकर सलेमपुर में आयोजित रसोइया सम्मान समारोह ने विद्यालयी पोषण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली रसोइयों के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे को केंद्र में रखा। मानदेय में वृद्धि, पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, परिधान अनुदान में बढ़ोतरी और दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा जैसी घोषणाओं से रसोइयों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा का नया आधार मिलने की उम्मीद है। अब इन घोषणाओं का वास्तविक लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से रसोइयों तक पहुंचाना इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण कसौटी होगी।













