कीरत यादव की रिपोर्ट
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से कथित रूप से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश के एक युवक से आकर्षक नौकरी दिलाने के नाम पर रकम वसूलने, पैसे वापस मांगने पर उसे बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जांच के दायरे को भी लगातार बढ़ाया जा रहा है।
अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर रचा गया ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार इस मामले की शुरुआत मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बिजरौन निवासी अभिषेक पाल की शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ‘रॉयल हेल्थ इंडिया एमएस अर्थ एसोसिएट कंपनी, जौनपुर’ के नाम पर कुछ लोगों ने उन्हें बेहतर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। शुरुआत में आकर्षक वेतन, सुरक्षित भविष्य और कंपनी में सुनहरे करियर का सपना दिखाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद कंपनी में नियुक्ति की प्रक्रिया के नाम पर उनसे कथित रूप से अवैध रूप से रकम जमा कराई गई।
पीड़ित का आरोप है कि नौकरी मिलने की उम्मीद में उन्होंने आरोपियों की बातों पर भरोसा कर पैसे जमा कर दिए, लेकिन समय बीतने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही जमा की गई राशि वापस की गई।
रुपये वापस मांगने पर बनाया बंधक, दी जान से मारने की धमकी
अभिषेक पाल ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो आरोपियों का व्यवहार अचानक बदल गया। आरोप है कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। यहां तक कि जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने में सफल रहा। इसके बाद उसने गौराबादशाहपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस जांच में जुटी, उपनिरीक्षक रवि प्रकाश को मिली जिम्मेदारी
मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना उपनिरीक्षक रवि प्रकाश को सौंपी गई। उन्होंने शिकायत में लगाए गए आरोपों की गहन जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी।
जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिनके आधार पर संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी इसी प्रकार की ठगी हुई हो तो उसे भी न्याय मिल सके।
मुखबिर की सूचना पर शीतला कॉलोनी में दबिश
रविवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले का वांछित आरोपी शीतला कॉलोनी स्थित एक भवन में मौजूद है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष गंगासागर मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई।
योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दोपहर करीब 12:21 बजे बताए गए स्थान पर दबिश दी और आरोपी पातीराम जाटव (38) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से ग्वालियर, मध्य प्रदेश का निवासी बताया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और आरोपी को सुरक्षित हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
गिरफ्तारी अभियान का नेतृत्व थानाध्यक्ष गंगासागर मिश्र ने किया। उनके साथ कस्बा गौरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश, उपनिरीक्षक रामलाल, कांस्टेबल नागेंद्र पासवान तथा कांस्टेबल राहुल कुमार भी शामिल रहे। पुलिस टीम ने आपसी समन्वय और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई कर वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
अन्य आरोपियों की तलाश तेज, पूरे नेटवर्क की होगी जांच
पुलिस ने बताया कि मामले में नामजद अन्य आरोपी राहुल राजभर और उमा देवी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान इस गिरोह से ठगी के अन्य मामले सामने आते हैं या कोई और पीड़ित शिकायत लेकर आता है, तो उसके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच कर कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा।
पुलिस की अपील: नौकरी के नाम पर पैसे देने से पहले करें पूरी जांच
पुलिस ने युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों से अपील की है कि किसी भी निजी कंपनी या एजेंसी को नियुक्ति के नाम पर रकम देने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, फर्जी नियुक्ति पत्र या अवैध धन उगाही की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और अन्य लोग भी ठगी का शिकार होने से बच सकें।
इस कार्रवाई को जौनपुर पुलिस की संगठित अपराध और नौकरी के नाम पर होने वाली कथित ठगी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले के कई और पहलुओं से पर्दा उठने की संभावना है।
Author: यायावर
यायावर

























