राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच तेज, संपत्ति, निवेश और प्रवेश व्यवस्था पर एक साथ कार्रवाई
रिपोर्ट: दुर्गा प्रसाद शुक्ला
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी का मामला अब केवल नकदी की हेराफेरी तक सीमित नहीं रह गया है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों, संपत्तियों और निवेश से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले को वित्तीय जांच के नजरिए से भी देख रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं कथित तौर पर चोरी की गई रकम को जमीन, कारोबार या अन्य माध्यमों में तो नहीं लगाया गया।
इसी बीच राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू होने के बाद पुराने पहचान पत्रों को अमान्य घोषित कर दिया गया है और अब मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए सभी पास एवं आई-कार्ड का नए सिरे से सत्यापन किया जा रहा है। इससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पूछताछ में सामने आए संपत्ति से जुड़े अहम सुराग
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पुलिस हिरासत में चल रही पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से उसकी चल-अचल संपत्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। पूछताछ के दौरान उसने अपने परिवार के नाम पर खरीदी गई कुछ संपत्तियों का भी उल्लेख किया।
बताया जा रहा है कि सहादतगंज क्षेत्र में उसके बेटे रवि यादव के नाम से एक भूमि खरीदी गई थी। पुलिस अब इस संपत्ति के खरीदने के समय, भुगतान के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि संपत्ति खरीदने में उपयोग की गई धनराशि का स्रोत क्या था और उसका इस मामले से कोई संबंध है या नहीं।
जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेजों के साथ बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि धन के प्रवाह की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके।
कंस्ट्रक्शन फर्म भी जांच के दायरे में
पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपी की पत्नी के नाम से संचालित एक कंस्ट्रक्शन फर्म के बारे में भी जानकारी मिली है। सूत्रों का कहना है कि इस कंपनी के माध्यम से होने वाले वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यदि कथित चोरी की रकम का उपयोग किसी कारोबारी गतिविधि में किया गया होगा या उसे वैध दिखाने का प्रयास किया गया होगा, तो उसके संकेत वित्तीय रिकॉर्ड में मिल सकते हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए कंपनी से जुड़े दस्तावेज, बैंक खाते, लेनदेन और कर संबंधी अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है।
हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। अधिकारी जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा करने की बात कह रहे हैं।
भतीजे ने पूछताछ में चोरी की बात स्वीकारने की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में आरोपी मनीष यादव ने चढ़ावे की चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर पूरी घटना के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं।
बताया जा रहा है कि उसने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में ड्यूटी मिलने के कुछ समय बाद ही उसने चोरी की घटना को अंजाम दिया। इसके अलावा उसने कथित तौर पर यह भी जानकारी दी कि चोरी से प्राप्त धनराशि का उपयोग अलग-अलग कार्यों में किया गया।
हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में मिले इन बयानों का अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है ताकि प्रत्येक तथ्य की पुष्टि की जा सके।
भंडारा, खरीदारी और निवेश की भी हो रही पड़ताल
जांच टीम अब इस बात का भी पता लगा रही है कि कथित चोरी की गई राशि का उपयोग किन-किन कार्यों में किया गया। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि कुछ धनराशि धार्मिक भंडारों के आयोजन, महंगे सामान की खरीद और अन्य निवेश संबंधी गतिविधियों में खर्च की गई हो सकती है।
इसी आधार पर पुलिस संबंधित खर्चों और खरीदारी के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित दुकानदारों, कारोबारियों और अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
जांच एजेंसियों का प्रयास है कि कथित चोरी की गई प्रत्येक राशि का उपयोग कहां हुआ, इसकी पूरी श्रृंखला तैयार की जाए।
रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ
पुलिस केवल मुख्य आरोपियों तक सीमित नहीं है। जांच के दौरान उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ की गई है।
अधिकारियों का उद्देश्य यह जानना है कि कहीं किसी अन्य व्यक्ति को इस कथित धनराशि की जानकारी थी या फिर उसका उपयोग किसी अन्य नाम से संपत्ति अथवा निवेश में किया गया।
फिलहाल इस पूछताछ के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन जांच का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
रिमांड अवधि में और हो सकते हैं नए खुलासे
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अभी जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू शेष हैं। रिमांड की बची हुई अवधि में आरोपियों से और विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
इस दौरान संपत्ति, बैंक खातों, निवेश, लेनदेन और संभावित बरामदगी जैसे पहलुओं पर विशेष फोकस रहेगा। यदि पूछताछ के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो जांच का दायरा और विस्तृत किया जा सकता है।
राम मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था हुई और सख्त
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। मंदिर प्रबंधन ने नई व्यवस्था लागू करते हुए पुराने पहचान पत्रों की मान्यता समाप्त कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर से जारी पुराने आई-कार्ड अब प्रवेश के लिए स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। इसके चलते कई इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों को प्रवेश द्वार से वापस लौटना पड़ा।
नई व्यवस्था लागू होने के कारण संबंधित कर्मचारियों को नए दिशा-निर्देशों के अनुसार सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
निर्माण कार्यों पर भी पड़ा असर
राम मंदिर परिसर में इस समय कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें बाउंड्री वॉल, संग्रहालय भवन, ट्रस्ट कार्यालय, विश्राम गृह तथा अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं।
इन परियोजनाओं में विभिन्न एजेंसियों के इंजीनियर, सुपरवाइजर और तकनीकी कर्मचारी प्रतिदिन परिसर में प्रवेश करते हैं। पुराने पहचान पत्रों पर रोक लगने के कारण शुरुआती दिनों में कुछ कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, जिससे कार्यों की निगरानी भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था केवल सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
सभी पास और आई-कार्ड का दोबारा सत्यापन
सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर में कार्यरत सभी कर्मचारियों, ठेकेदारों और एजेंसियों के प्रवेश पास तथा पहचान पत्रों का नए सिरे से सत्यापन किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक व्यक्ति की पहचान, संबद्ध एजेंसी, कार्य क्षेत्र और प्रवेश की आवश्यकता का पुनः परीक्षण किया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही नए पहचान पत्र जारी किए जाएंगे।
प्रशासन का मानना है कि इससे मंदिर परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगी तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी।
जांच के हर पहलू पर पुलिस की नजर
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच अब कई स्तरों पर एक साथ आगे बढ़ रही है। एक ओर पुलिस कथित चोरी, धन के उपयोग और संभावित निवेश की कड़ियां जोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस ने पूछताछ से जुड़े सभी तथ्यों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों के सत्यापन के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे।
जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संपत्ति, निवेश, वित्तीय लेनदेन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहन जांच जारी रहेगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और संबंधित एजेंसियां हर तथ्य का विधिक और तकनीकी आधार पर परीक्षण कर रही हैं, ताकि पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर सामने लाई जा सके।









