देवरिया

विकास योजनाओं की हकीकत पर प्रशासन की पैनी नजर, सीडीओ ने किया औचक निरीक्षण

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

देवरिया: पेयजल, सिंचाई और शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राजेश कुमार सिंह ने विकासखंड रुद्रपुर के विभिन्न गांवों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हर घर जल योजना, नवीन राजकीय नलकूप योजना तथा राजकीय हाई स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सीडीओ के निरीक्षण को लेकर संबंधित विभागों में पूरे दिन हलचल बनी रही। अधिकारियों ने मौके पर योजनाओं की प्रगति, संचालन और लाभार्थियों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की।

हर घर जल योजना का लिया विस्तृत जायजा

निरीक्षण की शुरुआत ग्राम सभा गोनहा सुरतपुरा से हुई, जहां मुख्य विकास अधिकारी ने हर घर जल योजना के अंतर्गत निर्मित पेयजल परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना के तकनीकी पक्ष, जलापूर्ति व्यवस्था तथा संचालन प्रणाली की विस्तार से जानकारी ली।

अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत एक आधुनिक नलकूप तथा 125 किलोलीटर क्षमता की ऊंची पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका संचालन पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली से किया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि गांव में लगभग 4.3 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसके माध्यम से 280 परिवारों तक स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सीडीओ ने अधिकारियों से कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था निरंतर सुचारु बनी रहे और किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तत्काल समाधान किया जाए।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सरकारी धन से संचालित परियोजनाओं में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि समय-समय पर निरीक्षण कर योजनाओं की निगरानी करें तथा यदि कहीं कोई कमी दिखाई दे तो उसे तत्काल दूर कराया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए योजना का संचालन पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना आवश्यक है।

राजकीय नलकूप योजना से किसानों को मिल रहा लाभ

इसके बाद सीडीओ ग्राम सभा पिंडरा पहुंचे, जहां उन्होंने 2100 नवीन राजकीय नलकूप योजना के अंतर्गत स्थापित राजकीय नलकूप संख्या-38 आईजी का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस परियोजना के तहत करीब 1.2 किलोमीटर लंबी भूमिगत पीवीसी पाइपलाइन बिछाई गई है। किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए 10 कुलाबा (आउटलेट) बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से लगभग 35 किसान सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए कहा कि किसानों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि नलकूप का संचालन नियमित रूप से किया जाए और किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर तत्काल उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों की खेती प्रभावित न हो।

विद्यालय पहुंचकर परखी शिक्षा व्यवस्था

विकास योजनाओं के निरीक्षण के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने राजकीय हाई स्कूल, गोनहा सुरतपुरा का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, साफ-सफाई, छात्र-छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा समग्र शैक्षणिक वातावरण का अवलोकन किया।

सीडीओ ने विद्यालय प्रशासन से शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यालय में अनुशासन, स्वच्छता और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए तथा कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

योजनाओं के प्रभावी संचालन पर दिया जोर

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्रत्येक विकास योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। यदि योजनाओं का संचालन पूरी ईमानदारी और गुणवत्ता के साथ किया जाए तो ग्रामीणों को सीधे इसका लाभ मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल निर्माण कार्य पूरा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का नियमित संचालन, रखरखाव और समय-समय पर निरीक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता संजय कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्य विकास अधिकारी को विभिन्न योजनाओं की प्रगति, तकनीकी व्यवस्था और लाभार्थियों की संख्या से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन का भरोसा भी संबंधित अधिकारियों ने दिलाया।

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