हरदोई

अपनी ही बहन से दरिंदगी : दो सगे भाइयों पर गंभीर आरोप, मंगेतर की हिम्मत से खुला एक साल का दर्द

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि दो सगे भाइयों ने अपनी ही नाबालिग/युवती बहन के साथ लंबे समय तक यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता ने जब लगातार हो रहे अत्याचार से तंग आकर अपने मंगेतर को पूरी आपबीती बताई, तब यह मामला पुलिस तक पहुंच सका। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

एक साल तक सहती रही अत्याचार, डर के कारण नहीं खोल सकी जुबान

जानकारी के अनुसार यह मामला हरदोई जिले के अरवल थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उसके दो बड़े सगे भाई पिछले लगभग एक वर्ष से उसके साथ जबरन दुष्कर्म करते रहे। आरोपियों द्वारा लगातार धमकियां दिए जाने के कारण वह किसी से अपनी पीड़ा साझा नहीं कर पा रही थी।

पीड़िता का कहना है कि दोनों भाई उसे जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर चुप रहने के लिए मजबूर करते थे। इसी डर और सामाजिक बदनामी की आशंका में वह लंबे समय तक अत्याचार सहने को विवश रही।

घटना का वीडियो बनाकर जुटाया सबूत

पीड़िता ने बताया कि हाल ही में जब एक बार फिर उसके साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया गया तो उसने साहस दिखाते हुए आरोपित भाई की करतूत का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो बाद में पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराया गया।

बताया जा रहा है कि दूसरे आरोपी भाई पर भी कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने पुलिस को दोनों भाइयों के खिलाफ विस्तार से शिकायत दर्ज कराई है।

निकाह तय होने के बाद मंगेतर को बताई पूरी सच्चाई

घटना में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पीड़िता का निकाह तय हुआ। विवाह से पहले उसने अपने मंगेतर को वर्षों से झेल रहे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की पूरी जानकारी दी। पीड़िता के अनुसार उसके मंगेतर ने न केवल उसकी बात पर विश्वास किया, बल्कि उसे न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया।

बताया जा रहा है कि मंगेतर ही पीड़िता को लेकर थाने पहुंचा, जहां उसने पुलिस अधिकारियों के सामने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही मोबाइल में मौजूद वीडियो भी पुलिस को सौंप दिया गया।

शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए हरदोई पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने आरोपित दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारी ने क्या कहा

सीओ हरपालपुर सतेंद्र सिंह ने बताया कि एक युवती ने अपने ही परिवार के दो सदस्यों पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना

घटना सामने आने के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में लोग स्तब्ध हैं। जिन रिश्तों को सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है, उन्हीं रिश्तों पर लगे ऐसे गंभीर आरोपों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं और पीड़ितों को बिना भय के न्याय मिलना चाहिए।

परिवार के भीतर होने वाले अपराध अक्सर दबे रह जाते हैं

महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले कई अपराध परिवार की चारदीवारी के भीतर ही घटित होते हैं। सामाजिक बदनामी, भय, आर्थिक निर्भरता और परिजनों की धमकियों के कारण पीड़ित लंबे समय तक शिकायत दर्ज नहीं करा पाते। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित को सुरक्षित माहौल, कानूनी सहायता और मानसिक परामर्श उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है।

इस मामले में भी यदि पीड़िता का मंगेतर उसका साथ नहीं देता तो संभव है कि यह घटना लंबे समय तक सामने ही नहीं आ पाती। ऐसे मामलों में समाज और परिवार की संवेदनशील भूमिका पीड़ित को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण साबित होती है।

पुलिस जांच पर टिकी आगे की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पीड़िता द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप विवेचना पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। परिवार के भीतर होने वाले अपराधों पर समय रहते आवाज उठाना और पीड़ित का साथ देना ही ऐसे मामलों में न्याय की पहली सीढ़ी बन सकता है।

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