खास बात

विकास के साथ विपक्ष पर भी बरसे मुख्यमंत्री, बोले- डबल इंजन सरकार से ही बदलेगी तस्वीर

अयोध्या, विकास और विरासत के मुद्दों पर विपक्ष को घेरा, 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में सहयोग का किया आह्वान

रिपोर्ट :संजय सिंह राणा

पिक्चर टूर [8 जुलाई,2026] मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने लक्ष्य में विकास मंडल के अवशेषों और टुकड़ों के साथ-साथ अपनी राजनीतिक योजनाओं पर भी फ्रैंक की बात कही। उन्होंने प्रदेश सरकार की सलाह में कहा कि अर्थशास्त्रियों पर प्रहार किया जाए और कहा कि विकास, सुशासन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए स्थिर और समन्वित सरकार की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास कार्यों को नई गति मिली है। उन्होंने दावा किया कि जिन इलाकों में केंद्र और प्रदेश की सरकार के साथ मिलकर बेहतर तालमेल है, वहां विकास कार्य और तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर भी उसी तरह से समुद्र तट के समान क्षेत्र का विकास होता है और अधिक तीव्र गति से होता है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों तक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखने के लिए क्षेत्र के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सड़क, पर्यटन, हवाईअड्डे, एक्सप्रेसवे, धार्मिक स्थलों के विकास और औद्योगिक निवेश जैसे प्रतिबंधों को प्राथमिकता दी गई स्थिति देने का प्रयास किया है।

उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जोर देते हुए कहा कि सत्ता में रहने वाली पार्टी ने परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति के बजाय विकास को बढ़ावा दिया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली रियासत के समय की कानून व्यवस्था प्रभावित रही, जिससे निवेश और पर्यटन दोनों प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने बेहतर माहौल के लिए निवेश हेतु कानून व्यवस्था को मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों को सरकारी मंजूरी का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीबों को मुफ्त राशन, आवास, आयुष्मान भारत योजना, बेरोजगारी भत्ता योजना, किसानों को सम्मान निधि और युवाओं को रोजगार और नामांकन से जोड़ा जा रहा है। उनका कहना था कि रिज़ल्ट भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने दस्तावेज़ में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की तपोभूमि के निर्माण का विशेष महत्व है और सरकार इस विरासत को संरक्षित करने के लिए इसे वैश्विक धार्मिक एवं इको टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अयोध्या से जुड़े दुखद घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े मामलों में फर्जीवाड़े के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल पूरे मामले को अलग दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के विषयों की जगह राजनीति में सत्य और सिद्धांतों को महत्व दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस पर भी ज़ोरदार नारे लगाते हुए कहा कि अतीत में भगवान श्रीराम की साख पर सवाल उठाने वाली पार्टी आज आस्था की राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का सम्मान किए बिना देश के विकास की कल्पना अधूरी है।

वक्फ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सार्वजनिक और सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कब्जे के अभियान में बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि मुक्त कराई गई जमीन पर अब विकास वैज्ञानिक, शैक्षणिक संस्थान और अन्य सार्वजनिक वैज्ञानिक विकसित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज में रहने को लेकर राजनीति से सावधान की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब समाज विकास की एकता पर एकजुटता आगे बढ़ेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित प्रदेश और विकसित जिले ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

उन्होंने युवाओं से उद्यमिता की दिशा में आगे की यात्रा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न घोषणाओं के माध्यम से प्रयास कर रही है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और रोजगार के अवसर भी प्राप्त कर सकें।

अपने संकल्प के अंत में मुख्यमंत्री ने जनता से विकास की यात्रा में सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ना ही प्रदेश की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की मंजूरी और जनसहभागिता से आने वाले वर्षों में क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन, इको टूरिज्म, उद्योग और रोजगार का मजबूत केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार और कार्यक्रम में शामिल हुए, मंच पर प्रोटोटाइप और रिपोर्टर संजय सिंह राणा की तस्वीरों के साथ विशेष छवि।
951 करोड़ रुपये से अधिक की 124 विकास कृतियों के विमोचन और अनावरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास, आध्यात्मिक विरासत, पर्यटन और रोजगार को लेकर सरकार की योजनाएं सामने रखीं। (रिपोर्ट:संजय सिंह राणा)

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