चित्रकूट

951 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, आध्यात्मिक विरासत के साथ आधुनिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा- धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रही सरकार

रिपोर्ट : संजय सिंह राणा

विकास और विरासत के संगम का नया अध्याय

प्रदेश सरकार ने आध्यात्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक आधारभूत संरचना को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 951 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम की तपोभूमि और ऋषि-मुनियों की साधना स्थली रही यह पावन भूमि भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा सदियों से पूरे देश को प्रेरित करती रही है। इसी विरासत के सम्मान में प्रदेश सरकार ने विकास परियोजनाओं की यह ऐतिहासिक सौगात जनता को समर्पित की है।

भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत का किया स्मरण

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के वनवास काल का उल्लेख करते हुए कहा कि वनवास के दौरान चित्रकूट ने उन्हें सबसे बड़ा आश्रय दिया था। यहां के वनवासी समाज, ऋषि-मुनियों और स्थानीय लोगों ने श्रीराम के कठिन समय में उनका साथ निभाया। उन्होंने कहा कि सरकार उसी ऐतिहासिक योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विकास की नई इबारत लिख रही है।

उन्होंने महर्षि वाल्मीकि, संत तुलसीदास, कामदगिरि परिक्रमा, मंदाकिनी नदी, गुप्त गोदावरी और सती अनुसूया आश्रम सहित क्षेत्र की आध्यात्मिक धरोहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

2017 के बाद बदली विकास की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले यह क्षेत्र उपेक्षा का शिकार था। सड़क, पर्यटन, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। धार्मिक स्थलों का समुचित विकास नहीं हुआ था और पर्यटक भी यहां आने से हिचकते थे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बनने के बाद इस क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई। सड़क संपर्क बेहतर हुआ, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ, एयरपोर्ट विकसित किया गया और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में यहां से दिल्ली और लखनऊ सहित अन्य शहरों के लिए हवाई सेवाएं भी प्रारंभ होंगी।

ईको टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ईको टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है। रानीपुर टाइगर रिजर्व, देवांगना घाटी, रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग, गुप्त गोदावरी तथा अन्य पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन का विस्तार स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक समृद्धि के नए अवसर लेकर आएगा।

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक पहचान बन रहा है। इस क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निर्मित रक्षा उपकरण अब विदेशों तक निर्यात किए जा रहे हैं और इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

सरकारी योजनाओं का हर वर्ग को मिल रहा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीब, किसान, महिला और युवाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। गरीबों को निःशुल्क राशन, आवास, शौचालय, बिजली कनेक्शन, आयुष्मान भारत योजना और उज्ज्वला योजना का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और सिंचाई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के माध्यम से युवा अब रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन रहे हैं। सरकार उन्हें आसान ऋण, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है, जिससे नए उद्योग और व्यवसाय स्थापित हो रहे हैं।

विपक्ष पर बोला तीखा हमला

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने विकास के बजाय परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इस क्षेत्र के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार धार्मिक आस्था और विकास दोनों को समान महत्व देते हुए कार्य कर रही है तथा प्रदेश के प्रत्येक जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन सुविधाओं का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से सामाजिक सद्भाव बनाए रखते हुए विकास की इस यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इन प्रमुख परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण और शिलान्यास

951 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 124 परियोजनाओं में महिला घाट पर यमुना नदी पर सेतु, प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण, मंदाकिनी, बाणगंगा, वरदहा और वाल्मीकि नदी पर पुल एवं पहुंच मार्ग, तुलसी स्मारक का सौंदर्यीकरण, रामघाट एवं कामदगिरि मार्ग का पर्यटन विकास, देवांगना घाटी पर्यटन परियोजना, मानिकपुर में इको टूरिज्म थीम पार्क, रानीपुर टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटन विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का आधुनिकीकरण, स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक सहित अनेक विकास कार्य शामिल हैं।

लाभार्थियों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र, चेक और सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये के डेमो चेक प्रदान किए। पोषण अभियान के अंतर्गत महिलाओं को स्मार्टफोन वितरित किए गए। मुख्यमंत्री आवास ग्रामीण योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं।

इसके अलावा बोर्ड परीक्षा 2026 के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना तथा आपदा राहत योजना के लाभार्थियों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री का जनप्रतिनिधियों ने राम दरबार की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। जिला प्रशासन की ओर से एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

विकसित भारत के लक्ष्य में निभाएगा अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब प्रत्येक जिला विकास की दौड़ में आगे बढ़े। आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान, आधुनिक आधारभूत ढांचा, पर्यटन, उद्योग और रोजगार को साथ लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश के प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

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