कामवन

कामवन में आज शुरू होगी ‘शीतल जल मंदिर’ सेवा, विद्यार्थियों और राहगीरों को मिलेगा शुद्ध व ठंडा पानी

पी.एम. श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में होगा उद्घाटन, समाजसेवा और जनसहयोग का अनूठा उदाहरण

रिपोर्ट: हिमांशु मोदी

कामवन। भीषण गर्मी के मौसम में लोगों को राहत पहुंचाने और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने की दिशा में कामवन में एक सराहनीय पहल की जा रही है। पी.एम. श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कामवन परिसर में गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को “शीतल जल मंदिर” का शुभारंभ किया जाएगा। इस जनहितकारी पहल का उद्देश्य विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, राहगीरों तथा आसपास के क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ, शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना है।

विद्यालय परिसर में स्थापित होने वाला यह शीतल जल केंद्र समाजसेवा की भावना को समर्पित है। इस पहल से गर्मी के दिनों में विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को विशेष राहत मिलेगी, वहीं राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को भी निशुल्क ठंडा पानी उपलब्ध हो सकेगा। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार के प्रयास समाज में सेवा और सहयोग की भावना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

सुबह 10 बजे होगा उद्घाटन समारोह

आयोजकों के अनुसार शीतल जल मंदिर का उद्घाटन गुरुवार सुबह 10:00 बजे विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया जाएगा। उद्घाटन के साथ ही यह सेवा आमजन के लिए शुरू हो जाएगी। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्थानीय गणमान्य नागरिक, अभिभावक तथा क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।

आयोजन को लेकर विद्यालय प्रशासन और जॉयंट्स ग्रुप ऑफ कामवन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है ताकि उद्घाटन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हो सके।

जॉयंट्स ग्रुप ऑफ कामवन की सराहनीय पहल

यह शीतल जल मंदिर जॉयंट्स ग्रुप ऑफ कामवन के सौजन्य से स्थापित किया जा रहा है। संस्था लंबे समय से सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मानव सेवा से जुड़े विभिन्न अभियानों के माध्यम से संगठन समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करता रहा है।

संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सबसे बड़ी मानवीय सेवाओं में से एक है। इसी सोच के साथ विद्यालय परिसर में यह स्थायी शीतल जल सेवा शुरू की जा रही है, जिससे हर वर्ग के लोग लाभान्वित हो सकें।

स्वर्गीय दीपक सोनी की स्मृति को समर्पित

इस शीतल जल मंदिर की स्थापना स्वर्गीय दीपक सोनी पुत्र लक्ष्मण प्रसाद सोनी की पावन स्मृति में की गई है। उनके पुत्र सारांश सोनी, खुशाक्ष सोनी तथा समस्त सोनी परिवार ने इसे श्रद्धापूर्वक समाज को समर्पित किया है।

परिवार का मानना है कि दिवंगत परिजनों की स्मृति में जनहित के कार्य करना सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होती है। शीतल जल सेवा के माध्यम से प्रतिदिन हजारों लोगों की प्यास बुझाने का अवसर मिलेगा, जो दिवंगत आत्मा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि का स्वरूप है।

विद्यालय के विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ

विद्यालय परिसर में स्थापित होने वाला यह शीतल जल मंदिर सबसे अधिक लाभ विद्यार्थियों को देगा। गर्मी के मौसम में अक्सर बच्चों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना रहती है।

नई व्यवस्था शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को पूरे समय स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल आसानी से उपलब्ध होगा। इससे उनकी पढ़ाई के दौरान सुविधा बढ़ेगी और गर्मी के कारण होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

राहगीरों और आमजन के लिए भी रहेगा लाभकारी

विद्यालय परिसर मुख्य मार्ग के निकट स्थित होने के कारण यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। ऐसे में शीतल जल मंदिर केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राहगीरों और आसपास के क्षेत्र के नागरिकों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।

गर्मी के दिनों में सफर के दौरान लोगों को ठंडा और स्वच्छ पानी उपलब्ध होना बड़ी राहत देता है। यही कारण है कि इस सेवा को स्थानीय स्तर पर जनहित की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

आयोजकों ने लोगों से की सहभागिता की अपील

विद्यालय के प्राचार्य नवीन शर्मा तथा जॉयंट्स ग्रुप ऑफ कामवन के अध्यक्ष खेमराज खंडेलवाल “मातूकी वाले” ने क्षेत्रवासियों से उद्घाटन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही इस प्रकार की जनसेवा योजनाएं सफल होती हैं। यदि सामाजिक संगठन, नागरिक और संस्थाएं मिलकर ऐसे कार्य करें तो सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार और भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह शीतल जल मंदिर आने वाले वर्षों तक लोगों की सेवा करता रहेगा और समाज में सेवा, सहयोग तथा मानवता का संदेश फैलाएगा।

समाजसेवा की प्रेरक मिसाल बनेगी यह पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शीतल जल केंद्र स्थापित करना भारतीय सेवा परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आधुनिक समय में भी ऐसी पहल न केवल लोगों की मूलभूत आवश्यकता पूरी करती है, बल्कि समाज में परोपकार, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को भी मजबूत बनाती है।

कामवन में स्थापित होने वाला यह शीतल जल मंदिर इसी दिशा में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि इस पहल से प्रेरित होकर अन्य सामाजिक संस्थाएं और नागरिक भी जनहित से जुड़े ऐसे कार्यों में आगे आएंगे, जिससे समाज के अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके।

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