देशभर में मॉनसून का व्यापक असर : अगले 7 दिन भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट, कई राज्यों में बढ़ेगा बाढ़ का खतरा

देशभर में सक्रिय मॉनसून के बीच काले बादल, बिजली चमकने और तेज बारिश का दृश्य, साथ में रिपोर्टर चुन्नीलाल प्रधान की तस्वीर।

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चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में इसका प्रभाव और अधिक व्यापक होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 4 जुलाई से 10 जुलाई के बीच देश के अनेक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मॉनसून की सक्रियता उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में एक साथ देखने को मिलेगी। ऐसे में जहां एक ओर भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

उत्तर भारत में कई दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में मॉनसून पूरी मजबूती के साथ सक्रिय रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक लगातार वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में 5 से 10 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, पंजाब और हरियाणा को मिलेगी गर्मी से राहत

मैदानी राज्यों में भी मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 से 8 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होने के संकेत हैं। इससे लंबे समय से पड़ रही उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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हालांकि तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

राजस्थान में भी सक्रिय रहेगा मॉनसून

पूर्वी राजस्थान में 4 से 10 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की संभावना भी जताई गई है।

उत्तर प्रदेश में तेज होगा मॉनसून का असर

उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में मॉनसून पूरी रफ्तार पकड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है।

बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी। हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति में बाधा और ग्रामीण इलाकों में खेतों तथा कच्चे रास्तों पर असर पड़ सकता है।

मध्य भारत में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 6 जुलाई तक कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

विदर्भ क्षेत्र में भी 4 और 5 जुलाई के दौरान तेज वर्षा का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 4 से 8 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है तथा कई निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

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पूर्वी भारत में भी बरसेंगे बादल

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। ओडिशा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।

ओडिशा में 4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। वहीं बिहार में 5 से 7 जुलाई के बीच अनेक जिलों में तेज बारिश हो सकती है।

झारखंड में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा अधिक रहेगा। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा

पूर्वोत्तर भारत में भी अगले एक सप्ताह तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश हो सकती है।

विशेष रूप से असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 4 से 7 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज होने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क संपर्क टूटने और बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

तेज हवाएं और बिजली गिरने का भी अलर्ट

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाओं और आंधी को लेकर भी चेतावनी जारी की है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा अनेक राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।

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आईएमडी की महत्वपूर्ण सलाह

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। नदी-नालों, उफनते जलस्रोतों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचने की भी सलाह दी गई है।

किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और बिजली कड़कने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी गई है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है।

राहत भी, चुनौती भी

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले सात दिन देश के अधिकांश हिस्सों के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आएंगे। जहां लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं भारी वर्षा के कारण बाढ़, जलभराव, सड़क यातायात बाधित होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

ऐसे में केवल मौसम का आनंद लेना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उससे जुड़ी सावधानियों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक होगा।

देशभर में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर लगभग सभी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना, प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करना और मौसम खराब होने पर अनावश्यक जोखिम से बचना ही सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि नागरिक समय रहते सावधानी बरतें, तो मॉनसून की राहत का आनंद लेते हुए संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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Author: यायावर

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