यूपी में लौटेगी भीषण गर्मी, एक हफ्ते में 10 डिग्री तक चढ़ सकता है पारा
बारिश और पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म, किसानों की बढ़ी चिंता
सर्वेश यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश, आंधी और बदले मौसम के बाद अब एक बार फिर भीषण गर्मी की वापसी होने जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब पूरी तरह कमजोर पड़ चुका है, जिसके चलते अगले कुछ दिनों में तापमान तेजी से बढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इससे लोगों को एक बार फिर तेज धूप और लू जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा। हालांकि सिद्धार्थनगर समेत कुछ तराई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अब प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर लगभग समाप्त हो चुका है और अगले 24 घंटों में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। हालांकि हवा में नमी बनी रहेगी, जिससे उमस का एहसास बढ़ सकता है।
बांदा सबसे गर्म, बिजनौर में रही सबसे ठंडी रात
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर बिजनौर में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे वहां की रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहीं।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार को तराई और दक्षिणी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इसके बाद मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। शुक्रवार से तापमान में लगातार बढ़ोतरी शुरू होगी और अगले सात दिनों में पारा 8 से 10 डिग्री तक ऊपर जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मई के दूसरे सप्ताह में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं। खासकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिलेगा।
बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
बीते पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सबसे अधिक नुकसान सब्जियों और मौसमी फसलों को हुआ है। खीरा, ककड़ी, तरबूज और खरबूज जैसी फसलें अधिक प्रभावित बताई जा रही हैं। खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं के कारण कई जगह फसलें खराब हो गई हैं।
किसानों का कहना है कि अचानक बदले मौसम ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। मंडियों में सब्जियों की आवक भी प्रभावित हुई है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लगातार नमी और बादलों की वजह से कई फसलों में सड़न और रोग लगने का खतरा भी बढ़ गया है। यदि आने वाले दिनों में तापमान अचानक तेजी से बढ़ता है तो फसलों पर इसका और विपरीत असर पड़ सकता है।
किसानों के साथ खड़ी है सरकार: योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेश में हुई बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड में जाकर नुकसान का सर्वे करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट सरकार को सौंपें ताकि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए हैं।
सीएम योगी ने आकाशीय बिजली और खराब मौसम से हुई जनहानि पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। साथ ही अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से भी लगातार मौसम की निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को गांव-गांव जाकर नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों की मदद करने को कहा गया है।
ऊर्जा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें भी सतर्क मोड में रखी गई हैं। खासकर उन जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है जहां आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं अधिक सामने आई थीं।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
7 मई
प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई थी। कुछ इलाकों में बादल छाए रहने से लोगों को हल्की राहत मिली।
8 मई
पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है। हवा की रफ्तार 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। धूप तेज होगी और तापमान बढ़ना शुरू हो जाएगा।
9 मई
हवा में नमी बनी रहेगी लेकिन तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दिन के समय तेज गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
बढ़ती गर्मी से स्वास्थ्य पर भी असर
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तापमान में अचानक वृद्धि के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है।
डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। अधिक पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।
मौसम का बदलता मिजाज बना चुनौती
उत्तर प्रदेश में इस बार मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक बारिश और आंधी ने लोगों की दिनचर्या और खेती-किसानी दोनों को प्रभावित किया है। अब जबकि पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ चुका है, ऐसे में प्रदेश एक बार फिर तेज गर्मी की चपेट में आने वाला है।
आने वाले दिनों में तापमान में संभावित भारी बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों सतर्क हो गए हैं। वहीं किसान भी आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं कि आगे का मौसम उनकी फसलों के लिए राहत लेकर आएगा या नई मुसीबत।
यूपी मौसम अपडेट: जरूरी सवाल-जवाब
उत्तर प्रदेश में गर्मी कब से बढ़ेगी?
शुक्रवार से प्रदेश में बारिश थमने के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो सकती है।
एक सप्ताह में तापमान कितना बढ़ सकता है?
मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों में तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
बारिश से किन फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है?
खीरा, ककड़ी, खरबूज और तरबूज जैसी मौसमी सब्जियों और फलों की फसलों को अधिक नुकसान की आशंका है।
सीएम योगी ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में जाकर नुकसान का सर्वे करने और जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
क्या गुरुवार को बारिश की चेतावनी है?
गुरुवार के लिए प्रदेश में आंधी या भारी बारिश की कोई बड़ी चेतावनी नहीं है। मौसम अधिकतर साफ रहने की संभावना है।
प्रदेश का सबसे गर्म जिला कौन रहा?
बुधवार को 38 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।











