मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की गिरिराज की सप्तकोसीय परिक्रमा, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए मांगा आशीर्वाद
डीग प्रवास के दौरान श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, विकास कार्यों की भी की समीक्षा
हिमांशु मोदी की रिपोर्ट
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने दो दिवसीय डीग प्रवास के दौरान धार्मिक आस्था, जनसंपर्क और विकास के प्रति प्रतिबद्धता का अनूठा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गिरिराज धरण अर्थात गोवर्धन पर्वत की पवित्र सप्तकोसीय परिक्रमा श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ पूर्ण की। लगभग 21 किलोमीटर लंबी इस परिक्रमा के दौरान उन्होंने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ जनसंवाद और प्रशासनिक सक्रियता का भी उदाहरण बना। उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं, प्रसादी वितरित की और क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

पूंछरी का लौठा में श्रीनाथ जी के दर्शन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी धर्मपत्नी के साथ गोवर्धन परिक्रमा मार्ग स्थित पूंछरी का लौठा पहुंचकर भगवान श्रीनाथ जी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
पूंछरी का लौठा ब्रज क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री के आगमन से मंदिर परिसर में विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया तथा उनके साथ संवाद करने का अवसर प्राप्त किया।
मुकुट मुखारविंद मंदिर में किया दुग्ध एवं जलाभिषेक
परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री मुकुट मुखारविंद मंदिर की तलहटी भी पहुंचे, जहां उन्होंने गिरिराज महाराज का दुग्ध एवं जलाभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच मुख्यमंत्री ने गिरिराज जी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की उन्नति और नागरिकों के कल्याण की प्रार्थना की।
ब्रज संस्कृति में गिरिराज महाराज की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत देश-दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है तथा सरकार इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।
श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे, बांटी प्रसादी
धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात मुख्यमंत्री श्रीनाथ जी मंदिर परिसर में पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में संत, महंत, स्थानीय नागरिक और दूर-दराज से आए श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से प्रसादी वितरित कर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।
इस दौरान उन्होंने लोगों से आत्मीय संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने परिक्रमा मार्ग पर उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के बारे में श्रद्धालुओं से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री का यह सहज और आत्मीय व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भी उनसे मुलाकात कर अपनी भावनाएं साझा कीं और प्रदेश के विकास को लेकर अपेक्षाएं व्यक्त कीं।
सोमवार शाम से शुरू हुई थी सप्तकोसीय परिक्रमा
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार शाम को गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा प्रारंभ की थी। पूरी रात चले इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने श्रद्धापूर्वक पैदल यात्रा की और विभिन्न पड़ावों पर रुककर पूजा-अर्चना की।
लगभग 21 किलोमीटर लंबी यह परिक्रमा मंगलवार तड़के करीब चार बजे पूर्ण हुई। परिक्रमा पूर्ण होने के बाद उन्होंने पूंछरी का लौठा क्षेत्र में मौजूद आमजन से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना।

ब्रज क्षेत्र में गिरिराज परिक्रमा को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। देशभर से लाखों श्रद्धालु वर्ष भर यहां पहुंचकर परिक्रमा करते हैं। मुख्यमंत्री की इस यात्रा को धार्मिक आस्था और जनसंपर्क का महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जा रहा है।
विकास कार्यों की समीक्षा पर भी रहा जोर
धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी किया। उन्होंने भरतपुर और डीग जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। जनता को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
मुख्यमंत्री की इस यात्रा और समीक्षा बैठक के दौरान कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, विधायक डॉ. शैलेष सिंह, विधायक बहादुर सिंह कोली सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
इसके अतिरिक्त भरतपुर और डीग जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया तथा क्षेत्र में संचालित योजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
आस्था, जनसंपर्क और विकास का मिला संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का डीग प्रवास केवल एक धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं रहा। इस दौरे ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत, जनसंपर्क और विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का समन्वित संदेश दिया।
एक ओर मुख्यमंत्री ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की, वहीं दूसरी ओर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा कर यह संकेत दिया कि धार्मिक आस्था और सुशासन दोनों सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
ब्रज क्षेत्र के लोगों के लिए मुख्यमंत्री का यह दौरा विशेष महत्व रखता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इससे क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन पहचान को नई मजबूती मिलेगी तथा विकास कार्यों को भी गति प्राप्त होगी।







