देवरिया में मेट्रो या रोपवे की उठी मांग, सांसद शशांक मणि को सौंपा गया प्रस्ताव
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया में बेहतर यातायात व्यवस्था और आधुनिक शहरी विकास को लेकर एक नई मांग सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मीडिया प्रभारी अम्बिकेश पाण्डेय ने देवरिया सदर सांसद शशांक मणि को पत्र सौंपकर शहर में मेट्रो अथवा रोपवे परियोजना शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी, बढ़ते वाहनों और लगातार जाम की समस्या को देखते हुए अब देवरिया को भी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं की आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि समय रहते ऐसी परियोजनाओं पर विचार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
देवरिया के विकास को नई दिशा देने की पहल
अम्बिकेश पाण्डेय ने सांसद को दिए गए पत्र में कहा कि देवरिया जनपद लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हो रहे विस्तार के कारण शहर का आकार भी बढ़ रहा है। इसके साथ ही शहर में प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देवरिया शहर केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का प्रमुख आर्थिक और सामाजिक केंद्र बन चुका है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना बेहद जरूरी हो गया है।
बैतालपुर से सोनूघाट तक बढ़ रहा यातायात दबाव
पत्र में विशेष रूप से बैतालपुर से सोनूघाट मार्ग का उल्लेख किया गया है। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त रास्तों में गिना जाता है, जहां सुबह और शाम के समय लंबा जाम आम बात बन चुका है। औद्योगिक गतिविधियों, बाजारों और शैक्षणिक संस्थानों के कारण इस मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
अम्बिकेश पाण्डेय का कहना है कि यदि इस मार्ग पर मेट्रो या रोपवे जैसी आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाती है तो बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिल सकती है। इससे सड़क पर वाहनों की संख्या कम होगी और लोगों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
अमेठी से पिपरपाती चौराहा मार्ग भी बना चुनौती
उन्होंने अपने प्रस्ताव में अमेठी से पिपरपाती चौराहा तक के मार्ग को भी शामिल किया है। यह क्षेत्र शहर के विस्तार के साथ तेजी से विकसित हो रहा है और यहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों को अक्सर जाम, धीमी यातायात गति और सड़क पर बढ़ती भीड़ के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि रोपवे या मेट्रो परियोजना का सर्वे कराया जाए तो भविष्य में इस समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है।
मेट्रो और रोपवे दोनों विकल्पों पर विचार की मांग
अम्बिकेश पाण्डेय ने अपने पत्र में केवल मेट्रो परियोजना की ही नहीं बल्कि रोपवे व्यवस्था की भी संभावना तलाशने की बात कही है। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम शहरों में रोपवे परियोजनाएं अपेक्षाकृत कम लागत में बेहतर परिणाम दे सकती हैं।
रोपवे प्रणाली न केवल यातायात दबाव कम करने में मददगार हो सकती है बल्कि यह शहर की पहचान और आकर्षण को भी बढ़ा सकती है। वहीं यदि सरकार और विशेषज्ञ मेट्रो परियोजना को व्यवहारिक मानते हैं तो उसका भी सर्वे कराया जाना चाहिए।
उन्होंने सांसद से अनुरोध किया कि दोनों विकल्पों का तकनीकी अध्ययन कराकर जो व्यवस्था देवरिया के लिए उपयुक्त हो, उसे राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तावित किया जाए।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि किसी भी बड़े परिवहन प्रोजेक्ट का लाभ केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहता। मेट्रो अथवा रोपवे जैसी परियोजनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देती हैं।
निर्माण कार्यों के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। इसके अलावा परियोजना शुरू होने के बाद पर्यटन, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित होते हैं। इससे युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
अम्बिकेश पाण्डेय का मानना है कि यदि देवरिया में ऐसी परियोजना लागू होती है तो यह पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बने योजना
पत्र में कहा गया है कि वर्तमान समस्याओं के समाधान के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। जिस गति से देवरिया शहर का विस्तार हो रहा है, उसे देखते हुए आने वाले वर्षों में यातायात दबाव और अधिक बढ़ सकता है।
ऐसे में अभी से दीर्घकालिक योजना बनाकर आधुनिक परिवहन प्रणाली के विकल्पों पर काम करना जरूरी है। यदि समय रहते सर्वे और व्यवहार्यता अध्ययन शुरू कर दिए जाएं तो भविष्य में शहर को बड़ी राहत मिल सकती है।
सांसद से सकारात्मक पहल की उम्मीद
अम्बिकेश पाण्डेय ने सांसद शशांक मणि से आग्रह किया है कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई कराएं। उन्होंने विश्वास जताया कि सांसद इस मांग को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखेंगे और सर्वे तथा प्रस्ताव तैयार कराने की दिशा में पहल करेंगे।
उन्होंने कहा कि देवरिया के नागरिक लंबे समय से बेहतर यातायात व्यवस्था की अपेक्षा कर रहे हैं। यदि इस दिशा में कदम उठाया जाता है तो यह शहर के आधुनिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।
कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरान भाजपा के कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विधायक रामपुर कारखाना सुरेंद्र चौरसिया, अजय उपाध्याय, शैलेन्द्र सिंह आजाद, पुनीत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने देवरिया के समग्र विकास और बेहतर यातायात व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।
देवरिया में मेट्रो अथवा रोपवे परियोजना की मांग फिलहाल एक प्रस्ताव के रूप में सामने आई है, लेकिन यदि इस पर सकारात्मक पहल होती है तो यह शहर के विकास और आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस प्रस्ताव को शासन और प्रशासन स्तर पर कितना समर्थन मिलता है और क्या देवरिया वास्तव में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन परियोजना की ओर बढ़ पाता है।








