आजमगढ़

महिलाओं को भूत-प्रेत और जादू-टोना का डर दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली

जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट

आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में महिलाओं को जादू-टोना, तंत्र-मंत्र और भूत-प्रेत का भय दिखाकर ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने उसके सरगना को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से विभिन्न जिलों में सक्रिय था और विशेष रूप से अधेड़ उम्र की महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। आरोपी महिलाओं को परिवार पर संकट, अशुभ प्रभाव और भूत-प्रेत के साये का डर दिखाकर उनके गहने, नकदी और कीमती सामान हड़प लेता था।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसका एक साथी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

भूत-प्रेत का भय दिखाकर महिला से की थी लाखों की ठगी

मामले की शुरुआत सरायमीर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला से हुई थी। महिला ने पुलिस को बताया था कि कुछ दिन पहले दो अज्ञात व्यक्ति उसके संपर्क में आए थे। दोनों ने खुद को ऐसे लोगों के रूप में प्रस्तुत किया जो तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक उपायों के माध्यम से परिवार की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

आरोपियों ने महिला को विश्वास दिलाया कि उसके पति पर किसी नकारात्मक शक्ति का प्रभाव है और यदि समय रहते विशेष पूजा-पाठ एवं शुद्धिकरण नहीं कराया गया तो परिवार पर बड़ा संकट आ सकता है। डर और चिंता में पड़ी महिला उनकी बातों में आ गई।

इसके बाद आरोपियों ने विशेष अनुष्ठान कराने के नाम पर महिला से उसके सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और करीब एक लाख रुपये नकद अपने कब्जे में ले लिए। कुछ ही देर बाद दोनों ठग वहां से गायब हो गए। जब महिला को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस ने शुरू की थी व्यापक जांच

घटना की सूचना मिलते ही सरायमीर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीमों का गठन किया और आरोपियों की तलाश के लिए तकनीकी एवं मैनुअल सर्विलांस का सहारा लिया।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह कोई सामान्य ठगी की घटना नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का काम है, जो विभिन्न जिलों में घूम-घूमकर लोगों को अंधविश्वास के जाल में फंसाता है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।

मध्यरात्रि में मिली सूचना, पुलिस ने की घेराबंदी

सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात पुलिस को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि घटना में शामिल दो आरोपी मोटरसाइकिल से फूलपुर क्षेत्र से खरेवा की ओर जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और संभावित मार्गों पर घेराबंदी कर दी गई। जैसे ही संदिग्ध मोटरसाइकिल पुलिस के सामने आई, उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर दोनों आरोपी घबरा गए और तेज रफ्तार से भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा किया। कुछ दूरी पर उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। इसके बाद दोनों आरोपी पैदल भागने लगे।

पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ आरोपी

पुलिस के अनुसार पीछा किए जाने पर एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला, जबकि दूसरा आरोपी पुलिस टीम को देखकर बौखला गया और उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस ने पहले आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने गोलीबारी जारी रखी। ऐसे में आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

जवाबी फायरिंग में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान और बरामदगी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान इम्तियाज खान के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से लखनऊ में रह रहा था।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं, जिनमें—

  • बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल
  • दो मोबाइल फोन
  • सोने की दो कान की झालियां
  • एक नाक की कील
  • एक लॉकेट
  • 11,100 रुपये नकद
  • एक देशी तमंचा
  • एक जिंदा कारतूस
  • एक खोखा कारतूस

बरामद आभूषणों और नकदी को पुलिस ठगी की घटनाओं से जोड़कर जांच कर रही है।

महिलाओं को बनाता था निशाना

पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न जिलों में घूमता था।

गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। सबसे पहले वे बाजारों, मंदिरों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और कस्बों में अकेली या अधेड़ उम्र की महिलाओं को चिन्हित करते थे। इसके बाद बातचीत के दौरान उनके पारिवारिक हालात जानने का प्रयास करते थे।

फिर वे महिलाओं को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके परिवार पर किसी प्रकार का संकट मंडरा रहा है या किसी ने जादू-टोना कर रखा है। जब महिला डर और चिंता में आ जाती थी तो उसे शुद्धिकरण, पूजा-पाठ या विशेष तांत्रिक प्रक्रिया कराने के लिए राजी किया जाता था। यही वह मौका होता था जब आरोपी महिलाओं से गहने और नकदी लेकर फरार हो जाते थे।

कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी और उसके सहयोगियों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ठगी, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।

प्रारंभिक जांच में बरेली, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और आजमगढ़ सहित कई जिलों में इनके सक्रिय होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब अन्य जिलों की पुलिस से भी संपर्क कर आरोपी के पूरे आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

अंधविश्वास का फायदा उठाने वाले गिरोहों से सावधान रहने की अपील

इस घटना के बाद पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति की बातों में आकर जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत या अशुभ शक्तियों से जुड़े दावों पर भरोसा न करें।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे ठग लोगों की भावनाओं और डर का फायदा उठाकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की गतिविधि करता दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जानी चाहिए।

अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में आज भी अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को गुमराह करने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे अपराधी लोगों की कमजोर मनोस्थिति और पारिवारिक परेशानियों का लाभ उठाकर उन्हें ठगते हैं।

आजमगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक संदेश है कि अंधविश्वास के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रम और भय से सावधान रहना आवश्यक है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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