कानपुर

रसगुल्लों ने बिगाड़ दी शादी की मिठास! ‘दो नहीं, चार चाहिए’ की जिद पर बारात में चले ईंट-डंडे

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

कानपुर जिले के घाटमपुर इलाके में एक शादी समारोह उस समय रणक्षेत्र में बदल गया, जब रसगुल्लों को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी झड़प में तब्दील हो गया। शादी-ब्याह जैसे खुशी के माहौल में अचानक लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने लगे। बारातियों और घरातियों के बीच मची अफरा-तफरी से समारोह का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। कई लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।

घटना इतनी अजीब और चौंकाने वाली है कि पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि विवाद सिर्फ इस बात पर शुरू हुआ कि कुछ लोग खाने में तय संख्या से अधिक रसगुल्ले मांग रहे थे। लेकिन बात इतनी बढ़ गई कि लोगों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया।

शादी समारोह में अचानक मचा हड़कंप

घटना कानपुर के घाटमपुर तहसील क्षेत्र के साढ़ थाना इलाके के पासी खेड़ा गांव की बताई जा रही है। गांव निवासी देवी प्रसाद की बेटी पूजा की शादी थी। घर में खुशी का माहौल था। बारात धूमधाम से पहुंची थी और सभी वैवाहिक रस्में शांतिपूर्वक संपन्न हो रही थीं।

दूसरी ओर बारातियों और रिश्तेदारों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। भोजन वितरण का काम गांव के कुछ लोगों और परिवार के सदस्यों को सौंपा गया था। मेहमानों को व्यवस्थित तरीके से खाना परोसा जा रहा था ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। इसी दौरान मिठाई वितरण को लेकर विवाद की शुरुआत हो गई।

‘दो रसगुल्ले कम हैं’ कहकर शुरू हुआ विवाद

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भोजन परोस रहे लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रत्येक व्यक्ति को दो रसगुल्ले ही दिए जाएं। भोजन व्यवस्था संभाल रहे ननका नामक युवक ने बताया कि गांव के ही छोटू कुरील और उसके भाई रोहित को भी नियमानुसार दो-दो रसगुल्ले दिए गए थे।

लेकिन दोनों युवक इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने दो की जगह चार रसगुल्ले मांगने शुरू कर दिए। पहले तो माहौल सामान्य रहा और उन्हें समझाने का प्रयास किया गया कि सभी मेहमानों के लिए समान व्यवस्था की गई है। मगर आरोप है कि दोनों युवक बार-बार अतिरिक्त रसगुल्ले मांगते रहे। जब उन्हें साफ तौर पर मना किया गया तो विवाद बढ़ने लगा।

देखते ही देखते चलने लगे लाठी-डंडे

मौजूद लोगों का कहना है कि बात अचानक इतनी बढ़ गई कि गाली-गलौज शुरू हो गई। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। आरोप है कि छोटू और रोहित ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दी।

शादी समारोह में मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही ईंट-पत्थर और डंडे चलने लगे। महिलाएं और बच्चे डरकर इधर-उधर भागने लगे। बारात में शामिल मेहमानों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

घटना में सतपाल कुरील के सिर पर गंभीर चोट आई, जबकि भोजन परोस रहे ननका के मुंह पर ईंट लगने से उसके दांत टूट गए। अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आने की बात सामने आई है।

खुशी का माहौल कुछ ही मिनटों में बदल गया तनाव में

जिस घर में कुछ देर पहले शहनाइयां बज रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार और तनाव का माहौल बन गया। शादी में आए बुजुर्ग और रिश्तेदार लगातार लोगों को शांत कराने की कोशिश करते रहे। दुल्हन पक्ष के लोग किसी तरह मामला संभालने में जुट गए ताकि शादी की रस्मों पर असर न पड़े।

बताया जा रहा है कि दुल्हन के पिता देवी प्रसाद ने काफी समझदारी दिखाते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया। उन्होंने लोगों से अपील की कि बेटी की शादी में विवाद बढ़ाना उचित नहीं होगा। काफी मशक्कत के बाद मामला शांत कराया गया और बाद में दुल्हन की विदाई संपन्न कराई गई।

“रसगुल्ला जान का आफत बन गया”

घटना के बाद घायल पक्ष ने पुलिस से शिकायत की। पीड़ितों का कहना है कि एक मामूली मिठाई को लेकर इस तरह की हिंसा होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

घायल पक्ष के लोगों ने दर्द भरे अंदाज में कहा कि “रसगुल्ला हमारी जान का आफत बन गया।” उनका कहना है कि यदि समय रहते लोगों ने बीच-बचाव न किया होता तो मामला और गंभीर हो सकता था। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया।

पुलिस ने शुरू की जांच

साढ़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मारपीट की शुरुआत किसने की और हिंसा में कितने लोग शामिल थे।

छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा चिंता का विषय

यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है। मामूली बातों पर लोगों का धैर्य खो देना और हिंसा पर उतर आना लगातार बढ़ती सामाजिक असहिष्णुता को दर्शाता है। शादी जैसे सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों में जहां प्रेम, सौहार्द और अपनापन दिखना चाहिए, वहां छोटी-छोटी बातों पर झगड़े और मारपीट की घटनाएं चिंता पैदा करती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक आयोजनों में संयम और आपसी सम्मान बेहद जरूरी है। भोजन या व्यवस्था को लेकर असहमति हो सकती है, लेकिन उसका समाधान हिंसा नहीं हो सकता।

गांव में चर्चा का विषय बनी घटना

घाटमपुर और आसपास के इलाकों में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग हैरानी जता रहे हैं कि आखिर सिर्फ रसगुल्लों की संख्या को लेकर कोई इतना आक्रामक कैसे हो सकता है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे सामाजिक धैर्य की कमी बता रहे हैं तो कुछ इसे ग्रामीण आयोजनों में बढ़ती अव्यवस्था का उदाहरण मान रहे हैं।

शादी की मिठास पर भारी पड़ा विवाद

जिस शादी में मेहमान मिठाई खाने आए थे, वहीं मिठास की जगह कड़वाहट फैल गई। एक छोटी सी बात ने पूरे समारोह की खुशियों को प्रभावित कर दिया। हालांकि परिवार ने समझदारी दिखाते हुए शादी की रस्में पूरी करा दीं, लेकिन यह घटना लंबे समय तक लोगों के जेहन में बनी रहेगी।

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