देवरिया

आंधी-बारिश से तबाह हुए बाग, राहत दिलाने को सक्रिय हुआ उद्यान विभाग

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जनपद में बीते दिनों आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की मेहनत पर बड़ा असर डाला है। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण जिले के कई इलाकों में फलदार पेड़ों, सब्जियों और उद्यान विभाग से जुड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर पेड़ जड़ से उखड़ गए, जबकि कहीं तैयार फसलें जमीन पर बिछ गईं। मौसम की इस मार के बाद अब उद्यान विभाग राहत प्रक्रिया को तेज करने में जुट गया है।

जिला उद्यान अधिकारी ने जनपद के सभी प्रभावित किसानों से अपील की है कि जिनकी उद्यान फसलें अथवा बागान आंधी-तूफान की वजह से प्रभावित हुए हैं, वे तत्काल विभाग को इसकी सूचना उपलब्ध कराएं। विभाग ने साफ कहा है कि जिन मामलों में 33 प्रतिशत या उससे अधिक क्षति हुई है, वहां शासन स्तर से राहत और सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

किसानों से मांगी गई क्षति की पूरी जानकारी

जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार प्रभावित किसान अपनी क्षति का पूरा विवरण फोटो और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, भुजौली कॉलोनी, देवरिया में जमा करें। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करेगी और नुकसान का आकलन तैयार किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि समय पर सूचना उपलब्ध कराने से राहत प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इसलिए किसानों से कहा गया है कि वे देरी न करें और जल्द से जल्द आवेदन देकर अपनी क्षति दर्ज कराएं।

आम, लीची और केला उत्पादकों को भारी नुकसान

देवरिया के कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का सबसे अधिक असर फलदार पेड़ों पर देखा गया है। आम और लीची के पेड़ों से बड़ी संख्या में फल टूटकर गिर गए। वहीं केले और पपीते की खेती करने वाले किसानों को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।

कई किसानों ने बताया कि तेज तूफान के चलते पेड़ों की शाखाएं टूट गईं और बागों में खड़े पौधे गिर पड़े। जिन किसानों ने मौसम के भरोसे अपनी फसल तैयार की थी, उनकी चिंता अब बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि लगातार बदलता मौसम खेती-किसानी को मुश्किल बनाता जा रहा है।

33 प्रतिशत से अधिक नुकसान वालों को मिलेगी प्राथमिकता

उद्यान विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हीं किसानों के मामलों में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी, जिनकी फसलों या बागों में 33 प्रतिशत अथवा उससे अधिक नुकसान पाया जाएगा।

यदि किसी बाग में समूह के रूप में पेड़ गिर गए हों या कुल पौधों का एक तिहाई हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया हो, तो संबंधित किसान इसकी सूचना फोटो सहित विभाग को दें। विभागीय टीम द्वारा मौके पर जाकर जांच की जाएगी और उसी आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी।

मौके पर पहुंचेगी सर्वे टीम

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि किसानों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर विशेष सर्वे टीम गठित की जाएगी। यह टीम गांव-गांव जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि कितने पेड़ गिरे हैं, कितनी फसल प्रभावित हुई है और नुकसान का स्तर कितना है।

सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को राहत और सहायता उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी और वास्तविक प्रभावित किसानों को ही इसका लाभ मिलेगा।

किसानों से फोटो और प्रमाण उपलब्ध कराने की अपील

जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से कहा है कि वे नुकसान से जुड़ी तस्वीरें और जरूरी प्रमाण जरूर उपलब्ध कराएं। इससे विभागीय जांच में आसानी होगी और क्षति का सही आकलन किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि आवेदन में किसान अपनी फसल का नाम, क्षेत्रफल, अनुमानित नुकसान और गांव का विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज करें। इससे विभागीय टीम को सर्वे करने में सुविधा मिलेगी और राहत प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।

मौसम का बदला मिजाज बना बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मौसम का असामान्य व्यवहार किसानों के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है। एक ओर भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो दूसरी ओर अचानक आने वाले तूफान और बारिश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

उद्यान फसलें सामान्य फसलों की तुलना में अधिक संवेदनशील मानी जाती हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश का असर सीधे फलदार पेड़ों और पौधों पर पड़ता है। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता : जिला उद्यान अधिकारी

जिला उद्यान अधिकारी ने कहा कि किसानों के हितों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित किसानों के सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी पात्र किसान को राहत से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सीधे विभागीय कार्यालय से संपर्क करें। यदि किसी किसान को आवेदन प्रक्रिया या अन्य जानकारी चाहिए तो वह कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।

राहत प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर

उद्यान विभाग का कहना है कि यदि किसान समय रहते अपनी क्षति की जानकारी उपलब्ध करा देते हैं तो राहत प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। कई बार देर से सूचना मिलने के कारण सर्वे और रिपोर्ट तैयार करने में समय लग जाता है, जिससे सहायता मिलने में भी देरी होती है।

इसी वजह से विभाग ने सभी प्रभावित किसानों से जल्द आवेदन करने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि समय पर कार्रवाई होने से किसानों को राहत दिलाने में आसानी होगी और वे दोबारा अपनी खेती को व्यवस्थित कर सकेंगे।

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