‘हवा से गिर गया पुल तो जिम्मेदार कौन?’ हमीरपुर हादसे पर सपा का बड़ा हमला
ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल के ढहने से हुई मजदूरों की दर्दनाक मौतों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी ने इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है और निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी तथा गुणवत्ता की अनदेखी को हादसे की बड़ी वजह बताया है। विपक्ष का कहना है कि यदि कोई पुल आंधी-तूफान का दबाव भी नहीं झेल पाता तो यह निर्माण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
दूसरी ओर प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल बना हादसे का कारण
जानकारी के अनुसार हमीरपुर जिले के लालपुर थाना क्षेत्र में मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए बेतवा नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। गुरुवार देर रात क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान के दौरान पुल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय कई मजदूर पुल के नीचे और आसपास आराम कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई जबकि कुछ अन्य लोग घायल हो गए। शुरुआती जानकारी में कुछ और मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका भी जताई गई, जिसके बाद बचाव अभियान तेज कर दिया गया।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों के साथ प्रशासनिक टीमें भी राहत कार्य में जुट गईं।
राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं टीमें
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। रात भर चले अभियान में मलबा हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है और पूरे घटनाक्रम की निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि हादसे के कारणों की तकनीकी जांच कराई जाएगी ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
सपा का सरकार पर सीधा हमला
हादसे के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज काका ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में विकास योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई निर्माणाधीन पुल आंधी के दबाव में गिर जाता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही का परिणाम हो सकता है। उनके अनुसार जनता के धन से बनने वाली परियोजनाओं में यदि गुणवत्ता से समझौता होगा तो ऐसे हादसे होते रहेंगे।
सपा नेता ने सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि प्रदेश में पुल गिर रहे हैं, पानी की टंकियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं और विभिन्न परियोजनाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
निर्माण सामग्री और गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी पुल का निर्माण इस प्रकार किया जाता है कि वह मौसम की सामान्य चुनौतियों का सामना कर सके।
यदि निर्माणाधीन पुल का हिस्सा आंधी-तूफान के दौरान ढह गया तो इसकी तकनीकी जांच बेहद जरूरी हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जांच में यह देखा जाना चाहिए कि निर्माण सामग्री, डिजाइन, इंजीनियरिंग मानकों और निगरानी प्रक्रिया में कहीं कोई कमी तो नहीं रही।
इसी कारण अब लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जो यह स्पष्ट करेगी कि हादसे के पीछे प्राकृतिक कारण अधिक जिम्मेदार थे या निर्माण संबंधी कोई गंभीर चूक।
मजदूर सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
यह हादसा श्रमिक सुरक्षा के मुद्दे को भी सामने लेकर आया है। निर्माण स्थलों पर कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना निर्माण एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मजदूर निर्माणाधीन ढांचे के नीचे विश्राम कर रहे थे तो सुरक्षा मानकों का पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
इसके साथ ही अधिकारियों को घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज काका ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति संसाधनों की बचत की बात करता है तो यह सकारात्मक पहल है, लेकिन देश के सामने बेरोजगारी, युवाओं के भविष्य और आर्थिक चुनौतियों जैसे बड़े मुद्दे भी हैं जिन पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रभावशाली लोगों को इन मुद्दों पर भी खुलकर बोलना चाहिए ताकि युवाओं की समस्याओं का समाधान खोजा जा सके।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
हमीरपुर पुल हादसा केवल एक निर्माण दुर्घटना नहीं बल्कि कई महत्वपूर्ण सवालों को जन्म देने वाली घटना बन गया है। पांच मजदूरों की मौत ने एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और श्रमिक सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है।
अब प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर निर्माणाधीन पुल का हिस्सा क्यों ढहा और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। जांच पूरी होने के बाद ही इस सवाल का स्पष्ट जवाब मिल सकेगा। फिलहाल मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है और पूरा क्षेत्र इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है।








