रिपोर्ट : इरफान अली लारी
भाई-बहन के स्नेह, विश्वास, प्रेम और समर्पण का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व देशभर में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उपनगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान बीएन पब्लिक स्कूल में भी रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 27 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के नर्सरी से कक्षा 10वीं तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पर्व की खुशियां मनाना ही नहीं, बल्कि बच्चों की रचनात्मकता, कला-कौशल और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से उनके जुड़ाव को मजबूत करना भी रहा।
हाथ से बनी राखियों ने बिखेरी रचनात्मकता की छटा
रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों की कलात्मक प्रतिभा देखने को मिली। छात्र-छात्राओं ने अपने हाथों से आकर्षक और सुंदर राखियां तैयार कीं। रंग-बिरंगे धागों, मोतियों, सजावटी सामग्री और अन्य रचनात्मक वस्तुओं का प्रयोग करते हुए बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति को राखियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
नर्सरी से लेकर कक्षा 10वीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी आयु और कक्षा के अनुरूप राखियां तैयार कर कार्यक्रम में प्रदर्शित कीं। बच्चों द्वारा तैयार की गई राखियों में उनकी मेहनत, उत्साह और रचनात्मक सोच साफ दिखाई दी। विद्यालय परिसर में आयोजित इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को पारंपरिक पर्व से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें स्वयं कुछ नया बनाने के लिए भी प्रेरित किया।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब विद्यार्थी अपने हाथों से कोई वस्तु तैयार करते हैं तो उनमें कल्पनाशक्ति, धैर्य, एकाग्रता और आत्मविश्वास का विकास होता है। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित राखी निर्माण गतिविधि इसी दृष्टि से विद्यार्थियों के लिए सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर बनी।
कक्षा के अनुसार प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कक्षाओं के प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। कक्षा के अनुसार प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में शिवा, सृष्टि, मन्नत, देवांश, दिव्यांशु, अदिति, विनायक, अनन्ता, सोनी, नजीबा, मुस्कान, रिशु, सिद्धि, अर्पिता, स्वीटी, ब्यूटी, रोशनी, प्रिया, तनु, रिया, तान्या, सलोनी, खुशी, अनिशा और दिव्यांशी आदि शामिल रहे।
पुरस्कार प्राप्त करते समय विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिवार ने प्रतिभागी बच्चों की मेहनत और उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। पुरस्कारों ने विद्यार्थियों के उत्साह को और बढ़ाया तथा उन्हें भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
रक्षाबंधन प्रेम और समर्पण का प्रतीक : डॉ. अरविंद प्रकाश
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने रक्षाबंधन के सामाजिक और पारिवारिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाई-बहन का यह पावन पर्व प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व बच्चों को भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों की ओर से तैयार की गई राखियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय में आयोजित रचनात्मक गतिविधियां बच्चों की प्रतिभा को सामने लाने का काम करती हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में रचनात्मक क्षमता, आत्मविश्वास, कल्पनाशक्ति और कार्य के प्रति रुचि का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास तभी संभव है, जब उन्हें पढ़ाई के साथ कला, संस्कृति, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक मूल्यों से भी जोड़ा जाए। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित राखी निर्माण कार्यक्रम इसी सोच का हिस्सा है।
शिक्षकों और विद्यालय परिवार की रही सहभागिता
कार्यक्रम में विद्यालय की उप प्रधानाचार्या प्रीति गुप्ता की भी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उनकी रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और अन्य कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
इस अवसर पर राजेश यादव, बलराम यादव, सोनू कुमार, राज पांडेय, तालिब हुसैन, प्रतिभा दीक्षित, नंदिनी गुप्ता, अनीता यादव, पूजा, अंशु, पूनम, दिव्या, खुशी, हसीना, काजल, संगम सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई राखियों का अवलोकन किया और बच्चों को उनकी प्रतिभा के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने विद्यालय के वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
पर्व के साथ संस्कार और रचनात्मक शिक्षा का संदेश
बीएन पब्लिक स्कूल में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विद्यालय में मनाए जाने वाले सांस्कृतिक पर्व विद्यार्थियों के लिए केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं। रक्षाबंधन जैसे पर्व बच्चों को भाई-बहन के रिश्ते की गरिमा, प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का भाव समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
वहीं, हाथ से राखी बनाने जैसी गतिविधियां बच्चों की रचनात्मक क्षमता को व्यवहारिक रूप देती हैं। इससे विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को वास्तविक रूप देने का अवसर मिलता है और उनमें स्वयं कुछ नया करने का आत्मविश्वास पैदा होता है।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में नर्सरी से कक्षा 10वीं तक के विद्यार्थियों की सहभागिता ने इसे और विशेष बना दिया। छोटे बच्चों से लेकर बड़े विद्यार्थियों तक ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुरूप राखियां तैयार कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। पुरस्कार वितरण ने कार्यक्रम के उत्साह को और बढ़ाया।
कुल मिलाकर बीएन पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और बाल रचनात्मकता का सुंदर संगम रहा। विद्यार्थियों ने जहां अपनी कला और कल्पनाशक्ति का परिचय दिया, वहीं विद्यालय प्रबंधन ने उन्हें सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया। ऐसे आयोजन बच्चों को परंपराओं से जोड़ने के साथ उन्हें संवेदनशील, रचनात्मक और आत्मविश्वासी नागरिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

























