हरदोई

गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्थापना को लेकर बवाल, पुलिस पर पथराव ; कई घायल, भारी फोर्स तैनात

हरदोई जिले के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के महुआ कला गांव में प्रतिमा स्थापना को लेकर गांव में अचानक बिगड़े हालात

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

हरदोई जिले के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के महुआ कला गांव में गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया और ग्रामीणों तथा प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पथराव कर दिया गया, जिसमें दो पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना की सूचना पर पहुंचा प्रशासन

प्राप्त जानकारी के अनुसार महुआ कला गांव के कुछ ग्रामीणों द्वारा गांव के बाहर एक मंदिर का निर्माण कराया गया था। इसी मंदिर परिसर में गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी चल रही थी। बताया जा रहा है कि बौद्ध समाज से जुड़े कुछ लोग प्रतिमा लेकर गांव पहुंचे थे और उसे स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने वाले थे।

स्थानीय लोगों की ओर से प्रशासन को सूचना दी गई कि प्रतिमा स्थापना का कार्य बिना आवश्यक प्रशासनिक अनुमति के किया जा रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और मौके पर राजस्व तथा पुलिस विभाग की टीम पहुंच गई। अधिकारियों ने पहले शांतिपूर्ण तरीके से लोगों को समझाने का प्रयास किया और आवश्यक अनुमति प्राप्त किए बिना किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना न करने की सलाह दी।

समझाने के प्रयास के बावजूद नहीं बनी सहमति

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी देर तक संबंधित लोगों से बातचीत की। अधिकारियों का कहना था कि किसी भी सार्वजनिक या धार्मिक स्थल पर प्रतिमा स्थापना के लिए निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति आवश्यक होती है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिमा स्थापना को तत्काल रोकने का निर्णय लिया।

हालांकि, प्रतिमा स्थापित करने पर अड़े लोग प्रशासन की बात मानने को तैयार नहीं हुए। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत चलती रही, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसी दौरान वातावरण में तनाव बढ़ने लगा और मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।

प्रतिमा कब्जे में लेने के प्रयास पर शुरू हुआ पथराव

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब प्रशासन ने प्रतिमा को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया और देखते ही देखते माहौल उग्र हो गया।

आरोप है कि कुछ लोगों के उकसावे के बाद भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी सुरक्षा के लिए पीछे हटना पड़ा।

पथराव में महिला सिपाही भावना और पुलिसकर्मी अतुल विमल घायल हो गए। इसके अलावा कई अन्य लोगों को भी चोटें आईं। घटना में सरकारी और निजी वाहनों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए। मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

गांव में तैनात की गई अतिरिक्त पुलिस फोर्स

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। कई थानों की पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम तथा वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। देखते ही देखते पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की और कानून हाथ में न लेने की चेतावनी दी। अतिरिक्त फोर्स की तैनाती के बाद हालात धीरे-धीरे नियंत्रण में आए।

डीएम और एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा भी महुआ कला गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दो आरोपी गिरफ्तार, कई लोगों से पूछताछ जारी

घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गौतम बुद्ध की प्रतिमा को अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही मामले में मुख्य रूप से नाम सामने आने वाले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके अतिरिक्त महिलाओं समेत करीब दस लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस वीडियो फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता

प्रशासन का कहना है कि धार्मिक या सामाजिक आस्था से जुड़े किसी भी विषय पर कानून के निर्धारित प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है। बिना अनुमति किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना या सार्वजनिक आयोजन भविष्य में भी विवाद का कारण बन सकते हैं।

फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात रखा गया है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है ताकि दोबारा किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके।

महुआ कला गांव में गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था का बड़ा मामला बन गया है। पथराव, पुलिसकर्मियों के घायल होने और गिरफ्तारियों के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और पूछताछ के आधार पर कई और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस लगातार सक्रिय हैं।

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