दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट
बलरामपुर/तुलसीपुर। रक्षाबंधन 2026 बलरामपुर जिले के लिए इस बार एक ऐसी यादगार उपलब्धि लेकर आया है, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी। तुलसीपुर क्षेत्र के आदिशक्ति मां पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल की चार छात्राओं को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राखी बांधने का विशेष अवसर मिला है। राष्ट्रपति भवन से मिले विशेष आमंत्रण के बाद छात्राएं नई दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं।
छात्राएं 28 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को रक्षासूत्र बांधेंगी और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगी। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति से सीधे मिलने और रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उन्हें राखी बांधने का अवसर मिलना छात्राओं के साथ-साथ उनके परिवार, विद्यालय और पूरे बलरामपुर जिले के लिए गौरव का विषय बन गया है।
राष्ट्रपति भवन से मिला विशेष निमंत्रण, छात्राओं में उत्साह
आदिशक्ति मां पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल की चार छात्राओं के लिए इस बार का रक्षाबंधन सामान्य पर्व नहीं, बल्कि जीवनभर याद रहने वाला अनुभव बनने जा रहा है। राष्ट्रपति भवन से मिले आमंत्रण की जानकारी सामने आने के बाद विद्यालय परिवार में खुशी और उत्साह का माहौल है।
ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्र से आने वाली इन छात्राओं को राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने और देश की प्रथम नागरिक से मुलाकात करने का अवसर मिलना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। छात्राओं में भी इस विशेष मुलाकात को लेकर उत्साह है। उनके दिल्ली रवाना होने से पहले विद्यालय परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
28 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में होने वाली मुलाकात के दौरान छात्राएं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को रक्षासूत्र बांधेंगी। इसके बाद राष्ट्रपति से आशीर्वाद प्राप्त करेंगी। इस विशेष अवसर को लेकर बलरामपुर के लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है।
चार छात्राओं को मिला राष्ट्रपति को राखी बांधने का गौरव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राखी बांधने का अवसर प्राप्त करने वाली छात्राओं में कक्षा 12 की प्रगति पाठक, कक्षा 10 की हर्षिता यादव, कक्षा 12 की प्रस्तुति गुप्ता और कक्षा 9 की अनुष्का पांडेय शामिल हैं।
इन छात्राओं के लिए राष्ट्रपति भवन की यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उनके विद्यार्थी जीवन की ऐसी उपलब्धि है, जिसे वे आने वाले वर्षों में भी याद करेंगी। राष्ट्रपति से मुलाकात और उन्हें रक्षासूत्र बांधने का अवसर उनके लिए प्रेरणादायी अनुभव भी बनेगा।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने छात्राओं की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। विद्यालय परिवार का मानना है कि ऐसे अवसर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें देश, संविधान और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के प्रति भी अधिक जागरूक करते हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले मां पाटेश्वरी का लिया आशीर्वाद
नई दिल्ली की यात्रा शुरू करने से पहले छात्राओं ने धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था के केंद्र शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पहुंचकर मां पाटेश्वरी का पूजन-अर्चन किया। छात्राओं ने मंदिर में विधिवत पूजा की और अपनी यात्रा के सफल होने की कामना की।
इस दौरान छात्राओं ने पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी महाराज से भी मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। राष्ट्रपति भवन की महत्वपूर्ण यात्रा से पहले मां पाटेश्वरी के दरबार में पहुंचना छात्राओं और उनके साथ मौजूद लोगों के लिए भावनात्मक क्षण रहा।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. डीपी सिंह और अध्यापिका अनीता गुप्ता भी छात्राओं के साथ मौजूद रहीं। शिक्षकों ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर विद्यालय के लिए भी गौरव की बात है।
26 अगस्त को गोरखनाथ मंदिर में करेंगी पूजन
राष्ट्रपति भवन की यात्रा से पहले छात्राओं के कार्यक्रम में धार्मिक स्थलों की यात्रा भी शामिल है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार छात्राओं का दल 26 अगस्त को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगा।
यहां छात्राएं महायोगी गुरु गोरखनाथ का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लेंगी। इसके बाद उनका दल गोरखपुर से नई दिल्ली के लिए रवाना होगा। इस तरह राष्ट्रपति भवन की महत्वपूर्ण यात्रा से पहले छात्राएं धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्रों पर पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त कर रही हैं।
विद्यालय की ओर से छात्राओं की यात्रा को लेकर आवश्यक तैयारियां की गई हैं। उनके साथ विद्यालय के जिम्मेदार लोग भी मौजूद हैं, ताकि पूरी यात्रा व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।
सीमावर्ती क्षेत्र की बेटियों की बड़ी उपलब्धि
बलरामपुर का तुलसीपुर क्षेत्र नेपाल सीमा के निकट स्थित है और यहां ग्रामीण परिवेश में रहने वाले बड़ी संख्या में परिवार शिक्षा और सामाजिक विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे क्षेत्र के एक विद्यालय की चार छात्राओं को राष्ट्रपति से मिलने का अवसर मिलना स्थानीय स्तर पर विशेष महत्व रखता है।
राष्ट्रपति भवन तक पहुंचकर देश की राष्ट्रपति को राखी बांधना यह संदेश भी देता है कि प्रतिभा और मेहनत के लिए किसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बाधा नहीं बनती। छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
इन छात्राओं की उपलब्धि से उनके सहपाठियों में भी उत्साह बढ़ा है। विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव प्रेरणा का स्रोत बन सकता है कि शिक्षा के साथ अनुशासन, प्रतिभा और अच्छे कार्यों के जरिए वे भी बड़े अवसर हासिल कर सकते हैं।
विद्यालय ही नहीं, पूरे बलरामपुर में खुशी
प्रधानाचार्य डॉ. डीपी सिंह ने छात्राओं के राष्ट्रपति भवन जाने और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राखी बांधने के अवसर को विद्यालय परिवार के साथ-साथ पूरे बलरामपुर जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
उनके अनुसार, किसी भी विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए देश की राष्ट्रपति से मिलना अपने आप में बड़ी बात है। वहीं रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर राष्ट्रपति को रक्षासूत्र बांधने का अवसर इस यात्रा को और भी विशेष बना देता है।
छात्राओं के दिल्ली पहुंचने और 28 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर जिले के लोगों की निगाहें भी इस कार्यक्रम पर टिकी हैं। परिवारों और विद्यालय के लोगों में बेटियों की इस उपलब्धि को लेकर विशेष उत्साह है।
रक्षाबंधन 2026 बनेगा छात्राओं के जीवन की यादगार तारीख
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। ऐसे में देश की राष्ट्रपति को रक्षासूत्र बांधने का अवसर इन चार छात्राओं के लिए भावनात्मक और गौरवपूर्ण अनुभव बनने जा रहा है। प्रगति पाठक, हर्षिता यादव, प्रस्तुति गुप्ता और अनुष्का पांडेय के लिए 28 अगस्त 2026 की तारीख उनके विद्यार्थी जीवन की सबसे यादगार तारीखों में शामिल हो सकती है।
बलरामपुर से दिल्ली तक की यह यात्रा केवल चार छात्राओं की यात्रा नहीं है, बल्कि यह उस उम्मीद और संभावना की कहानी भी है, जिसमें छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां बड़े सपने देखती हैं और उन्हें साकार करने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।
राष्ट्रपति भवन में रक्षासूत्र बांधने के इस विशेष अवसर के साथ तुलसीपुर और बलरामपुर का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आएगा। यही कारण है कि विद्यालय से लेकर छात्राओं के परिवारों और पूरे जिले में इस उपलब्धि को लेकर गर्व और उत्साह का माहौल है।

























