हरदोई

मल्लावां में ‘विकास का मंच’ तैयार : सीएम योगी ने खुद संभाली कमान, पीएम मोदी के आगमन से पहले हर व्यवस्था पर कड़ी नजर

✍️अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

मल्लावां में तैयारियों का जायजा, हर व्यवस्था पर सीएम की नजर

हरदोई के मल्लावां में 29 अप्रैल को होने वाले ऐतिहासिक कार्यक्रम से पहले सियासी और प्रशासनिक हलचल अपने चरम पर है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर जहां पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर हर छोटी-बड़ी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि इस आयोजन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

मंच से लेकर पंडाल तक, हर बिंदु पर बारीकी से निरीक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब मल्लावां पहुंचे, तो सबसे पहले उन्होंने उस मंच का जायजा लिया, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे और गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। मंच की संरचना, उसकी मजबूती, वीआईपी मूवमेंट के लिए बनाए गए रास्ते—हर पहलू को उन्होंने ध्यानपूर्वक देखा। इसके बाद उन्होंने पंडाल में जाकर आम जनता के बैठने की व्यवस्था का निरीक्षण किया। भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

सुरक्षा व्यवस्था पर सख्ती, अधिकारियों को सख्त निर्देश

सुरक्षा व्यवस्था पर भी मुख्यमंत्री की नजर बेहद सख्त रही। उन्होंने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। सुरक्षा घेरा, प्रवेश और निकास द्वार, वीआईपी और आमजन के लिए अलग-अलग मार्ग—इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए।

समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों की प्रगति का आकलन किया गया और शेष कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि किस स्तर पर क्या तैयारी हुई है और किन बिंदुओं पर अभी और सुधार की जरूरत है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आयोजन पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

पांच बिंदुओं पर खास फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान विशेष रूप से पांच प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया—सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और साफ-सफाई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले लाखों लोगों के लिए इन मूलभूत सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन होना चाहिए। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने और मेडिकल टीमों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को हर समय सक्रिय रखने को कहा गया।

ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष जोर

ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुचारु बना रहना चाहिए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती को लेकर विशेष योजना बनाने को कहा गया।

गंगा एक्सप्रेस-वे: विकास की नई धुरी

दरअसल, यह पूरा आयोजन गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण से जुड़ा है, जो उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी परियोजना मानी जा रही है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर पूर्वी हिस्से के प्रयागराज तक जाएगा। यह परियोजना न केवल भौगोलिक दूरी को कम करेगी, बल्कि प्रदेश के विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।

12 जिलों को जोड़ेगा एक्सप्रेस-वे

गंगा एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को आपस में जोड़ेगा। इससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा। अभी जहां मेरठ से प्रयागराज तक का सफर लंबा और समय लेने वाला है, वहीं इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद यह दूरी महज 6 से 8 घंटे में तय की जा सकेगी। यह बदलाव न केवल यात्रियों के लिए राहत भरा होगा, बल्कि व्यापार और उद्योग के लिए भी नए रास्ते खोलेगा।

आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। परिवहन की लागत कम होगी, जिससे उद्योगों को फायदा होगा और नए निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे युवाओं को लाभ मिलेगा।

ऐतिहासिक बनने जा रहा है कार्यक्रम

मल्लावां में होने वाला यह कार्यक्रम केवल एक उद्घाटन समारोह नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास की नई दिशा का प्रतीक बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता और प्रशासन की तैयारियां यह दर्शाती हैं कि सरकार इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।

अलर्ट मोड में प्रशासन

कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों को देखकर यह साफ नजर आता है कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। हर विभाग अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभा रहा है और यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि प्रधानमंत्री के आगमन पर कोई भी कमी न रह जाए।

विकास की नई दिशा तय करेगा उद्घाटन

आने वाले दिनों में मल्लावां देश की सुर्खियों में होगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां से गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। यह न केवल एक सड़क परियोजना का उद्घाटन होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

गंगा एक्सप्रेस-वे की लंबाई कितनी है?

गंगा एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है।

यह एक्सप्रेस-वे किन शहरों को जोड़ेगा?

यह मेरठ से प्रयागराज तक फैला है और उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ेगा।

प्रधानमंत्री मोदी कब उद्घाटन करेंगे?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को इसका लोकार्पण करेंगे।

इससे क्या लाभ होंगे?

इससे यात्रा समय कम होगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापार व रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button