जनता दर्शन में डीएम ने सुनीं लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
फरियादियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जिलाधिकारी का जोर
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया. मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने राजस्व, भूमि विवाद, पुलिस, विकास कार्यों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन के निर्धारित समय में सभी विभागीय अधिकारी अनिवार्य रूप से अपने कार्यालयों में उपस्थित रहें और आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनें।
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की अपील
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने अधिकारियों से कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर सरकारी कार्यालयों तक बड़ी उम्मीद और विश्वास के साथ पहुंचता है। ऐसे में यह प्रशासनिक अधिकारियों की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है कि वे शिकायतकर्ता को न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक को समय पर न्याय और राहत मिलती है तो शासन और प्रशासन के प्रति उसका विश्वास मजबूत होता है। इसलिए सभी अधिकारी शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरियादियों के साथ व्यवहार करते समय पूरी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए।
आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से आईजीआरएस पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के तौर पर कर दिया जाता है, जिससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता। ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का वास्तविक तथ्यों के आधार पर परीक्षण किया जाए और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में जांच आवश्यक हो, उनमें संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए समय से रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि किसी अधिकारी द्वारा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों से ली जानकारी
जनता दर्शन के दौरान कई गंभीर मामलों में जिलाधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा दूरभाष के माध्यम से सीधे बातचीत की। उन्होंने मौके पर ही कई मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और शिकायतकर्ताओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर न किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को राहत पहुंचाना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
राजस्व विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में राजस्व विभाग से जुड़े मामले सामने आने पर जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद, नामांतरण, पैमाइश, अवैध कब्जे और सीमांकन जैसे मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से संबंधित मामलों में देरी होने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए तहसील स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए और अनावश्यक लंबित मामलों को तत्काल निपटाया जाए।
शासन की मंशा के अनुरूप काम करने का निर्देश
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सभी विभागीय अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि आमजन को त्वरित न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि जनता दर्शन जैसे कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि यह आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
प्रशासनिक सक्रियता से लोगों में बढ़ा भरोसा
जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी द्वारा स्वयं एक-एक फरियादी से मिलकर उनकी समस्याएं सुनने और तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने से लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ता दिखाई दिया। कई फरियादियों ने जिलाधिकारी के संवेदनशील रवैये की सराहना भी की।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यदि इसी तरह नियमित रूप से जनसमस्याओं की समीक्षा होती रही तो आम जनता को राहत मिलने के साथ-साथ शिकायतों के लंबित रहने की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकती है।








