दिव्यांगजनों का सुगम्य योग अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का सबसे प्रेरणादायक आयोजन बनकर सामने आया। नई दिल्ली के इंडिया गेट पर संगति फाउंडेशन और ईगल स्पेशियली एबल्ड राइडर्स के संयुक्त प्रयास से अटैचमेंट वाली स्कूटी पर दिव्यांगजनों ने सुगम्य योग का प्रदर्शन किया। इस अनूठी पहल ने दिव्यांग सशक्तिकरण, समावेशी समाज, स्वस्थ जीवनशैली और आत्मनिर्भरता का प्रभावी संदेश दिया। योग गुरु संदीप कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम आयुष मंत्रालय के सहयोग से संपन्न हुआ और समाज को यह प्रेरणा दी कि योग हर व्यक्ति के लिए समान रूप से लाभकारी है।
रिपोर्ट: परवेज़ अंसारी
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक इंडिया गेट पर ऐसा प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने योग के साथ-साथ सामाजिक समावेश और दिव्यांगजन सशक्तिकरण का भी सशक्त संदेश दिया। संगति फाउंडेशन एवं ईगल स्पेशियली एबल्ड राइडर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में अटैचमेंट वाली स्कूटी पर दिव्यांगजनों ने ‘सुगम्य योग’ का प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि शारीरिक चुनौतियां कभी भी मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के सामने बाधा नहीं बन सकतीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, सामाजिक कार्यकर्ता, योग प्रशिक्षक तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। इस अनूठे आयोजन ने उपस्थित लोगों को भावुक करने के साथ-साथ यह संदेश भी दिया कि यदि समाज सहयोगी दृष्टिकोण अपनाए तो दिव्यांगजन भी हर क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकते हैं।
सुगम्य योग बना आत्मनिर्भरता और समान अवसर का प्रतीक
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता अटैचमेंट वाली विशेष स्कूटी पर दिव्यांग प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न योगासन और योगाभ्यास का प्रदर्शन रहा। आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार का आयोजन देश में पहली बार किया गया, जिसमें विशेष रूप से दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुगम्य योग का प्रदर्शन कराया गया।
इस पहल का उद्देश्य केवल योगाभ्यास कराना नहीं था, बल्कि यह दिखाना भी था कि आधुनिक तकनीक, उचित संसाधनों और सकारात्मक सोच के माध्यम से दिव्यांगजन भी सामान्य जीवन की सभी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं।
योग गुरु संदीप कुमार ने कराया विशेष योग सत्र
कार्यक्रम के दौरान योग गुरु संदीप कुमार ने सुगम्य योग सत्र का संचालन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को ऐसे योगाभ्यास कराए, जिन्हें दिव्यांगजन अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार आसानी से कर सकें।
उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने का भी प्रभावी साधन है। नियमित योगाभ्यास से दिव्यांगजन अपने जीवन की अनेक चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकते हैं।
योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कई प्रतिभागियों ने इसे अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया।
‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थी इस वर्ष की थीम
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई थी। इसी थीम को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि योग केवल युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग और हर क्षमता वाले व्यक्ति के लिए लाभकारी है।
विशेषज्ञों ने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर को सक्रिय बनाए रखने, मानसिक तनाव कम करने, संतुलन बनाए रखने तथा आत्मनिर्भर जीवन जीने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दिव्यांगजनों के लिए तैयार किए गए सुगम्य योग अभ्यास उनकी दैनिक दिनचर्या को अधिक सहज और स्वस्थ बना सकते हैं।
दिव्यांगजनों ने लिया नियमित योग का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी दिव्यांग प्रतिभागियों ने अपने दैनिक जीवन में नियमित रूप से सुगम्य योग अपनाने का संकल्प लिया। उनका कहना था कि योग ने उन्हें केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया है।
प्रतिभागियों ने कहा कि समाज में अक्सर दिव्यांगता को कमजोरी के रूप में देखा जाता है, जबकि सही अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिलने पर वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। इस तरह के आयोजन समाज की सोच बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयुष मंत्रालय और सहयोगी संस्थाओं का जताया आभार
संगति फाउंडेशन एवं ईगल स्पेशियली एबल्ड राइडर्स ने इस सफल आयोजन के लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय (दिल्ली) तथा कैनर इलेक्ट्रिक कनेक्शन्स, नई दिल्ली के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
आयोजकों ने कहा कि इन संस्थाओं के सहयोग से ही यह अभिनव कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सका। उन्होंने भविष्य में भी दिव्यांगजनों के लिए ऐसे रचनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के समापन के बाद सभी प्रतिभागियों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई, जहां प्रतिभागियों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा किए और योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
समावेशी समाज की दिशा में प्रेरक पहल
यह आयोजन केवल योग दिवस का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हुआ। अटैचमेंट वाली स्कूटी पर सुगम्य योग का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि यदि सुविधाएं और अवसर समान रूप से उपलब्ध कराए जाएं तो दिव्यांगजन भी समाज की मुख्यधारा में पूरी क्षमता के साथ योगदान दे सकते हैं।
संगति फाउंडेशन और ईगल स्पेशियली एबल्ड राइडर्स की यह पहल उन सभी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के लिए प्रेरणा है, जो दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। यह आयोजन इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और सामाजिक सहयोग मिलकर किसी भी चुनौती को सफलता में बदल सकते हैं।
योग, आत्मविश्वास और समावेशिता का यह संदेश निश्चित रूप से देशभर में दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद और नई ऊर्जा का स्रोत बनेगा।
Author: यायावर
यायावर

























