अपराध

युवती से दरिंदगी! युवक ने सुनसान जगह ले जाकर की बर्बर पिटाई, स्तन पर चोट पहुंचाने का आरोप

 अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से महिलाओं की सुरक्षा और समाज में बढ़ती हिंसक मानसिकता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने गांव के ही युवक पर शादी से इनकार करने के बाद उसके साथ मारपीट करने, सुनसान जगह पर ले जाकर प्रताड़ित करने और उसके शरीर के संवेदनशील अंग पर चोट पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजने का दावा किया है।

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना भर नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति समाज में पनप रही विकृत सोच, अस्वीकार को स्वीकार न कर पाने की मानसिकता और रिश्तों में बढ़ती हिंसा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। युवती का आरोप है कि आरोपी युवक ने उसे जबरन शादी के लिए दबाव बनाया और मना करने पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।

शादी समारोह से लौट रही थी युवती, रास्ते में हुआ हमला

पीड़िता के मुताबिक वह दिल्ली में अपनी बड़ी बहन के साथ रहती है। कुछ दिन पहले वह अपने गांव में आयोजित एक पारिवारिक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आई थी। 11 मई की रात वह शादी समारोह से वापस घर लौट रही थी। उसी दौरान गांव के ही युवक अतुल ने रास्ते में उसे रोक लिया।

युवती ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रात करीब 11 बजे उसकी मां ने उसे घर जाकर देखने के लिए कहा था कि सब कुछ ठीक है या नहीं। जब वह अकेले घर की तरफ जा रही थी, तभी आरोपी ने उसे पकड़ लिया।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने पहले उसका मुंह दबाया और फिर उसे सुनसान स्थान पर ले गया। वहां उसने युवती को पेड़ से बांध दिया और शादी करने का दबाव बनाने लगा। युवती के मुताबिक आरोपी बार-बार उससे मिलने और संबंध बनाए रखने की बात कह रहा था।

“तू मुझे भाई लगता है”, फिर भी नहीं माना आरोपी

पीड़िता ने बताया कि उसने आरोपी को समझाने की कोशिश की और कहा कि वह उसे भाई जैसा मानती है। लेकिन आरोपी नहीं माना और लगातार उसके साथ मारपीट करता रहा। युवती का आरोप है कि आरोपी बार-बार उससे पूछ रहा था कि वह उससे शादी करेगी या नहीं।

जब युवती ने साफ तौर पर शादी से इनकार कर दिया, तब आरोपी हिंसक हो गया। आरोप है कि उसने युवती के स्तन पर गंभीर चोट पहुंचाई। युवती का कहना है कि उसके साथ की गई हिंसा ने उसे शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी तोड़ दिया।

घर के बाहर बेहोश मिली युवती

परिजनों का दावा है कि घटना के बाद युवती घर के बाहर बेहोशी की हालत में मिली थी। परिवार वाले तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। होश आने पर युवती ने अपने साथ हुई पूरी घटना परिवार को बताई। इसके बाद परिजन उसे लेकर नजदीकी पुलिस चौकी पहुंचे।

हालांकि पीड़िता की मां का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि थाने में उनकी पूरी बात नहीं सुनी गई और प्रारंभिक स्तर पर केवल मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

मामला बढ़ने पर जोड़ी गईं यौन हिंसा की धाराएं

घटना के बाद जब मामला सार्वजनिक हुआ और पीड़िता की चोटों को लेकर सवाल उठे, तब पुलिस ने दोबारा मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद मुकदमे में यौन उत्पीड़न से जुड़ी गंभीर धाराएं भी जोड़ी गईं।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 351(3), 352, 75 और 118(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें चोट पहुंचाना, धमकी देना, शांति भंग करना और यौन उत्पीड़न जैसी धाराएं शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

पुलिस जांच में सामने आया “प्रेम प्रसंग” का दावा

पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आरोपी और युवती की पहले से जान-पहचान थी। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों पहले हरियाणा में मजदूरी कर चुके हैं और पिछले करीब तीन वर्षों से संपर्क में थे।

पुलिस का दावा है कि गांव आने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद यह घटना हुई। हालांकि पुलिस ने यह भी कहा है कि अब तक की जांच में जबरन शादी के लिए दबाव बनाने और अपहरण जैसे आरोप तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह सिद्ध नहीं हो पाए हैं।

दूसरी ओर आरोपी पक्ष के लोगों ने भी आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

उम्र को लेकर भी बना विवाद

इस पूरे मामले में युवती की उम्र को लेकर भी विवाद सामने आया है। पुलिस का कहना है कि युवती की उम्र 19 वर्ष है, जबकि परिवार वाले उसे 17 साल का बता रहे हैं। यदि पीड़िता नाबालिग पाई जाती है, तो मामले में और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

“यह सुनकर दिल थर्रा जाता है”

इस घटना ने सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी कई सवाल खड़े किए हैं। रूप रेखा वर्मा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाज में अपराध का भय लगातार खत्म होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद भयावह हैं और यह सोचकर ही दिल कांप उठता है कि कोई व्यक्ति किसी लड़की के साथ इतनी क्रूरता कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसक मानसिकता चिंता का विषय है।

वहीं मनोविज्ञान विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे सामाजिक सोच और मानसिक असंतुलन भी बड़ी वजह होती है।

महिलाओं को “संपत्ति” समझने की सोच बनी खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि कई मामलों में पुरुष वर्ग महिलाओं को अपनी “मालिकाना वस्तु” की तरह देखने लगता है। जब उन्हें अस्वीकार मिलता है, तो वे हिंसक व्यवहार पर उतर आते हैं। शादी या प्रेम संबंध के लिए दबाव बनाना और इनकार मिलने पर प्रताड़ित करना गंभीर सामाजिक बीमारी बनती जा रही है।

हरदोई की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज और व्यवस्था कितनी संवेदनशील है। साथ ही यह मामला इस बात का भी संकेत देता है कि रिश्तों में असहमति और इनकार को स्वीकार करना समाज को अभी सीखना बाकी है।

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