डीएम ने सड़क की खुदाई कर परखी गुणवत्ता, निर्माण सामग्री के नमूने जांच को भेजने के निर्देश

देवरिया में डीएम मधुसूदन हुल्गी के सड़क निरीक्षण के दौरान खुदाई कर निर्माण गुणवत्ता की जांच करते अधिकारी और मौके पर मौजूद रिपोर्टर इरफान अली लारी

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इरफान अली खान की रिपोर्ट

देवरिया। देवरिया जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गुरुवार को दो निर्माण परियोजनाओं का औचक निरीक्षण कर मौके पर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति और इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता परखी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी धन से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित मानकों तथा समयसीमा का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल निर्माण कार्य को ऊपर से देखकर संतुष्ट होने के बजाय उसकी वास्तविक गुणवत्ता जांचने के लिए मौके पर सड़क की खुदाई कराई। सड़क की अलग-अलग परतों की जांच के साथ निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता भी परखी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण सामग्री के नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए, ताकि गुणवत्ता की स्थिति का तकनीकी परीक्षण भी कराया जा सके।

पिपरा चंद्रभान–सहजौली मार्ग की खुदाई कर जांची गई सड़क की गुणवत्ता

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सबसे पहले पिपरा चंद्रभान से सहजौली मार्ग का निरीक्षण किया। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित की जा रही है। परियोजना के तहत सड़क की कुल लंबाई 6.92 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर लगभग 6.20 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों और तकनीकी टीम के साथ सड़क निर्माण स्थल का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता को लेकर मौके पर ही खुदाई कराने के निर्देश दिए। इसके बाद सड़क की विभिन्न परतों को खोलकर उनकी मोटाई, संरचना और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की स्थिति का परीक्षण कराया गया।

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जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। इससे मौके पर मौजूद अधिकारियों को भी राहत मिली, हालांकि जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी एक निरीक्षण में मानक पूरे मिलने का मतलब यह नहीं है कि आगे भी गुणवत्ता की निगरानी में ढिलाई बरती जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को लगातार गुणवत्ता पर नजर बनाए रखने को कहा।

सड़क निर्माण में गुणवत्ता का सीधा संबंध ग्रामीण क्षेत्रों के आवागमन, सुरक्षा और लंबे समय तक सड़क के टिकाऊ बने रहने से है। ऐसे में जिलाधिकारी द्वारा सड़क की ऊपरी सतह के साथ उसकी अंदरूनी परतों की जांच कराना प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।

निर्माण सामग्री के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजने के निर्देश

सड़क परियोजना के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी भलुअनी विकासखंड परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माणाधीन आवासीय परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग 2.58 करोड़ रुपये की लागत से कराई जा रही इस परियोजना का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था। परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा किए जाने की निर्धारित समयसीमा तय की गई है।

जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करते हुए विभिन्न निर्माण गतिविधियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गति और इस्तेमाल की जा रही सामग्री के बारे में जानकारी प्राप्त की।

निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने ईंट, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री के नमूने लिए जाने तथा उन्हें जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री निर्धारित तकनीकी मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भवन निर्माण में किसी भी स्तर पर घटिया या मानक से कम सामग्री का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। निर्माण की मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच जरूरी है।

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समयसीमा के भीतर पूरा हो निर्माण कार्य

जिलाधिकारी ने आवासीय परियोजना के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए। इसके साथ ही जल्दबाजी के नाम पर गुणवत्ता से समझौता भी नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी विकास परियोजना की सफलता केवल उसके समय पर पूरा होने से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता से तय होती है। इसलिए कार्यदायी संस्था को समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करना होगा।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और यदि कहीं भी मानकों के उल्लंघन की स्थिति सामने आती है तो तत्काल कार्रवाई की जाए।

गुणवत्ता में लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी परियोजनाओं में जनता के धन का इस्तेमाल होता है, इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी निर्माण परियोजनाओं में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता संबंधी प्रावधानों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों में लापरवाही, घटिया सामग्री के इस्तेमाल या निर्धारित मानकों की अनदेखी की शिकायत मिलने पर संबंधित कार्यदायी संस्था और विभाग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी के इस निरीक्षण से यह संदेश भी गया कि विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता की निगरानी केवल कागजी रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर मौके पर भौतिक और तकनीकी जांच भी कराई जाएगी।

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अधिकारियों की टीम रही मौजूद

जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान डीएसटीओ अरुण कुमार सिंह, एडीएसटीओ आनंद चौरसिया, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता सूर्य प्रकाश, सहायक अभियंता, अवर अभियंता समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने जिलाधिकारी को दोनों परियोजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। सड़क की खुदाई और निर्माण सामग्री के नमूने जांच के निर्देश के बाद संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा कराएं और परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार निगरानी बनाए रखें।

विकास कार्यों में गुणवत्ता को प्राथमिकता

देवरिया में जिलाधिकारी द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण को विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासतौर पर सड़क निर्माण की वास्तविक परतों की खुदाई कर जांच कराना इस बात का संकेत है कि प्रशासन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर है।

पिपरा चंद्रभान–सहजौली मार्ग की जांच में निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप मिलने के बाद भी प्रशासन ने निगरानी जारी रखने का संदेश दिया है। वहीं भलुअनी विकासखंड परिसर में निर्माणाधीन आवासीय परियोजना में ईंट, सीमेंट और अन्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजने के निर्देश देकर जिलाधिकारी ने निर्माण की गुणवत्ता को तकनीकी परीक्षण से भी जोड़ दिया है।

प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि जिले में सरकारी योजनाओं के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्य निर्धारित लागत, तकनीकी मानकों और समयसीमा के अनुरूप पूरे हों। जिलाधिकारी के निर्देश से संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को यह स्पष्ट संकेत मिला है कि निर्माण कार्यों में लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौड़े को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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Author: यायावर

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